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    मलेशिया की धरती से पीएम मोदी ने गिनाईं भारत की आर्थिक उपलब्धियां, कहा- विश्वास हमारी सबसे बड़ी पूंजी

    Updated: Sun, 08 Feb 2026 02:21 AM (IST)

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को कहा कि भारत को विकास के लिए एक विश्वसनीय साझेदार के रूप में देखा जा रहा है, जो हाल ही में यूरोपीय संघ (ईयू), ब ...और पढ़ें

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    मलेशिया की धरती से पीएम मोदी ने गिनाईं भारत की आर्थिक उपलब्धियां (फोटो- एक्स)

    पीटीआई, कुआलालंपुर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को कहा कि भारत को विकास के लिए एक विश्वसनीय साझेदार के रूप में देखा जा रहा है, जो हाल ही में यूरोपीय संघ (ईयू), ब्रिटेन और अमेरिका समेत विभिन्न देशों के साथ किए गए व्यापार सौदों से स्पष्ट है। दूसरे शब्दों में कहें तो विश्वास भारत की सबसे मजबूत पूंजी बन गई है।

    शनिवार को दो दिवसीय यात्रा पर कुआलालंपुर पहुंचे मोदी ने यहां भारतीय प्रवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि मलेशिया में दुनिया में भारतीय मूल के लोगों की दूसरी सबसे बड़ी कम्युनिटी (करीब 30 लाख, इनमें अधिकांश तमिल मूल के) है और यह डायस्पोरा दोनों देशों के बीच एक मजबूत पुल का काम करता है।

    इस दौरान पीएम ने इस द्वीप राष्ट्र में एक नए वाणिज्य दूतावास की स्थापना और छात्रों को भारत में अध्ययन करने के लिए थिरुवल्लुवर छात्रवृत्ति की घोषणा की। इससे पूर्व मलेशिया पहुंचने पर मोदी का मोदी का रेड कार्पेट स्वागत किया गया।

    मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम खुद उन्हें कुआलालंपुर हवाई अड्डे पर लेने पहुंचे, जोकि द्विपक्षीय संबंधों में एक नई प्रगति का संकेत है। बाद में मोदी और इब्राहिम एक ही कार से भारतीय समुदाय के कार्यक्रम स्थल के लिए रवाना हुए। वहां सभास्थल पर 'भारत माता की जय' और 'मोदी, मोदी' के नारों की गूंज रही।

    इस दौरान करीब 800 कलाकारों ने पारंपरिक संगीत और नृत्य प्रस्तुत किए। दोनों नेता रविवार को व्यापक बातचीत करेंगे, जिसमें कई समझौतों पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है जोकि दोनों देशों के बीच सहयोग को और बढ़ाएंगे।

    पीएम मोदी का मलेशिया का यह कुल तीसरा और अगस्त 2024 में भारत-मलेशिया द्विपक्षीय संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी में उन्नत करने के बाद का पहला दौरा है।

    सामुदायिक कार्यक्रम में पीएम ने विभिन्न देशों के साथ भारत के व्यापार सौदों का उल्लेख किया। कहा- ''विश्वास भारत की सबसे मजबूत पूंजी बन गई है।''

    उन्होंने ब्रिटेन, यूएई, आस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, ओमान, यूरोपीय संघ और अमेरिका के साथ व्यापार सौदों का हवाला दिया। साथ ही भारत की तेज इन्फ्रास्ट्रक्चर ग्रोथ की जानकारी देते हुए कहा कि पिछले एक दशक में हवाई अड्डों की संख्या दोगुनी हो गई है, राजमार्ग रिकार्ड गति से बन रहे हैं। वंदे भारत जैसी आधुनिक ट्रेनों को अंतरराष्ट्रीय मान्यता मिली है।

    प्रधानमंत्री ने विभिन्न भाषाओं में भारतीय समुदाय के सदस्यों का अभिवादन करते हुए अपने मलेशियाई समकक्ष इब्राहिम की गायन क्षमताओं को भी उजागर किया, विशेष रूप से उनके एमजी रामचंद्रन (एमजीआर) के तमिल गीतों के प्रति प्रेम का जिक्र किया। मोदी ने कहा कि तमिल लोग मानवता की खूबर सेवा कर रहे हैं।

    उन्होंने यह भी याद दिलाया कि भारत के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और केंद्रीय मंत्री एस जयशंकर, निर्मला सीतारमण और एल मुरुगन तमिलनाडु से ही हैं। मोदी ने कहा कि वह मलेशिया आकर बहुत खुश हैं जो 2026 में उनकी पहली विदेशी यात्रा है।

    उन्होंने कहा- ''भारत हमेशा आपको खुले हाथों से अपनाएगा। इसलिए, कुछ महीने पहले हमने मलेशियाई नागरिकों के लिए ओसीआइ कार्ड की पात्रता को छठी पीढ़ी तक बढ़ाने का ऐतिहासिक निर्णय लिया।''

    पीएम मोदी ने कार्यक्रम में मौजूद मलेशियाई प्रधानमंत्री को लेकर कहा कि वह पहले से ही उनके मित्र हैं। भारत की सफलता मलेशिया की सफलता है और यह एशिया की सफलता है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि पीएम मोदी की यात्रा में समृद्ध एजेंडा है और यह भारत और मलेशिया के विशेष साझेदारी को एक बड़ा बढ़ावा देगी।