पीएम मोदी को UN का बड़ा सम्मान: इटली में मिला FAO का 'एग्रीकोला मेडल'; भारत के 'अन्नदाताओं' को किया समर्पित
धानमंत्री नरेन्द्र मोदी को इटली की राजधानी रोम में बुधवार को संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी खाद्य एवं कृषि संगठन (एफएओ) के मुख्यालय में आयोजित एक समारोह मे ...और पढ़ें

इटली में पीएम मोदी को एफएओ का एग्रीकोला मेडल (फोटो- एएनआई)
HighLights
इटली में पीएम मोदी को एफएओ का एग्रीकोला मेडल; भारत के 'अन्नदाताओं' को किया समर्पित
कृषि, खाद्य सुरक्षा और ग्रामीण विकास में भारत के योगदान के लिए किया प्रदान
संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी है एफएओ, यह मेडल इसके सबसे बड़े सम्मानों में एक
एएनआई, रोम। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को इटली की राजधानी रोम में बुधवार को संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी खाद्य एवं कृषि संगठन (एफएओ) के मुख्यालय में आयोजित एक समारोह में एफएओ का एग्रीकोला मेडल प्रदान किया गया।
उन्हें यह सम्मान कृषि, खाद्य सुरक्षा और ग्रामीण विकास में भारत के योगदान के लिए प्रदान किया गया है। एफएओ के महानिदेशक क्यू डोंग्यू ने उन्हें यह मेडल प्रदान किया।
पीएम मोदी ने कहा कि एग्रीकोला मेडल पाकर वह गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं और उन्होंने इसे देश के अन्नदाताओं को समर्पित किया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उन्हें बधाई देते हुए कहा कि यह सम्मान कृषि सुधारों, खाद्य सुरक्षा और हर चुनौती में किसानों के हितों को प्राथमिकता देने की मोदी जी की अटूट प्रतिबद्धता की एक वैश्विक स्वीकृति है।
प्रधानमंत्री ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि एफएओ मुख्यालय में आयोजित समारोह में मैंने अत्यंत विनम्रता के साथ एफएओ का एग्रीकोला मेडल स्वीकार किया। मैं एफएओ का आभारी हूं। मैं यह सम्मान भारत के अन्नदाताओं, हमारे भोजन प्रदाताओं को समर्पित करता हूं।
आगे कहा कि यह हमारे किसानों, पशुपालन और मत्स्य पालन से जुड़े लोगों, हमारे कृषि वैज्ञानियों और नवप्रवर्तकों की कड़ी मेहनत को मान्यता है। यह मानव कल्याण, खाद्य सुरक्षा और सतत विकास के प्रति भारत की अटूट प्रतिबद्धता की भी स्वीकृति है।
बता दें कि एग्रीकोला मेडल एफएओ की ओर से उन विशिष्ट व्यक्तियों को प्रदान किए जाने वाले सर्वोच्च सम्मानों में से एक है, जिन्होंने दुनियाभर में खाद्य सुरक्षा, बेहतर पोषण और कृषि विकास की दिशा में प्रयासों को आगे बढ़ाने में असाधारण भूमिका निभाई है।
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मेलोनी बोलीं, ''परिश्रम ही सफलता की कुंजी है''
इतालवी प्रधानमंत्री जार्जिया मेलोनी ने भारत और इटलवी के बीच मजबूत होने रहे संबंधों को रेखांकित करते हुए बुधवार को हिंदी में कहा, ''परिश्रम ही सफलता की कुंजी है।''
पीएम मोदी के साथ एक संयुक्त कान्फ्रेंस को संबोधित करते हुए मेलोनी ने कहा कि भारत-इटली संबंध ऐतिहासिक दौर में प्रवेश कर गए हैं और उन्होंने मोदी की इस यात्रा को एक निर्णायक क्षण करार दिया जिसने द्विपक्षीय संबंधों को ''विशेष रणनीतिक साझेदारी'' के स्तर तक पहुंचा दिया है।
परिश्रम ही सफलता की कुंजी है- पीएम मोदी
उन्होंने कहा, ''एक भारतीय शब्द है परिश्रम। इसका अर्थ है कड़ी मेहनत, निरंतर प्रतिबद्धता और अथक प्रयास। यह एक ऐसा शब्द है जिसके बारे में मुझे पता है कि भारत में इसका बहुत इस्तेमाल होता है। इसे अक्सर एक लोकप्रिय कहावत के रूप में इस्तेमाल किया जाता है कि परिश्रम ही सफलता की कुंजी है। हम अपने संबंधों को इसी तरह से बनाने के आदी हैं- कड़ी मेहनत के साथ, जो अंत में सफलता में बदल जाती है।''
उन्होंने कहा कि यह यात्रा दो दशक से भी अधिक समय में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की इटली की पहली द्विपक्षीय यात्रा है, जिसने दोनों देशों के बीच राजनयिक जुड़ाव में नई जान फूंक दी है।
मिलकर बनाएंगे रक्षा साजो-सामान
भू-राजनीतिक उथल-पुथल के दौर में भारत और इटली ने बुधवार को संबंधों को 'विशेष रणनीतिक साझेदारी' का दर्जा देने के साथ ही एक रक्षा औद्योगिक रोडमैप को अंतिम रूप दिया है।
पीएम मोदी और मेलोनी ने पश्चिम एशिया की स्थिति और उस क्षेत्र के साथ-साथ बाकी दुनिया पर उसके प्रभाव को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की।
इस दौरान मोदी ने बातचीत और कूटनीति के जरिये संघर्ष के समाधान का आह्वान किया। दोनों नेताओं ने होर्मुज में नौवहन की स्वतंत्रता और नौवहन की बहाली का भी आह्वान किया।
अपनी टिप्पणी में मेलोनी ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में नौवहन की स्वतंत्रता के महत्व पर जोर दिया, जहां चीन अपनी सैन्य शक्ति का प्रदर्शन करता रहता है।
पीएम मोदी-मेलोनी वार्ता
पीएम मोदी-मेलोनी वार्ता के बाद भारत और इटली ने रक्षा औद्योगिक रोडमैप जारी किया, जिसके तहत हेलीकाप्टरों और नौसैनिक हथियारों सहित सैन्य साजोसामान और प्रणालियों का सह-विकास और सह-उत्पादन किया जाएगा।
दोनों देशों ने इसके अतिरिक्त इटली में उच्च शिक्षा और भारतीय नर्सों की आवाजाही के लिए नए ढांचे को अंतिम रूप दिया।
दोनों पक्षों ने 10 एमओयू पर हस्ताक्षर किए, जिनमें महत्वपूर्ण खनिजों, कृषि, समुद्री परिवहन और समुद्री उत्पादों के क्षेत्रों में साझेदारी को बढ़ावा देने वाले समझौते शामिल हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने बुधवार को इटली के राष्ट्रपति सर्जियो मैटरेला से भी मुलाकात की और व्यापार, निवेश, टेक्नोलाजी, महत्वपूर्ण खनिज, एआई, अंतरिक्ष व परमाणु ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में द्विपक्षीय साझेदारी को और विस्तार देने पर चर्चा की। प्रधानमंत्री ने इतालवी राष्ट्रपति को भारत आने का निमंत्रण भी दिया।
पीएम मोदी बोले, रोम में काशी की एक झलक!
पीएम मोदी ने एक पोस्ट में इतालवी चित्रकार जियामपाओलो टोमासेटी के साथ अपनी बातचीत का विवरण साझा किया। उन्होंने कहा, 'रोम में काशी की एक झलक! इतालवी चित्रकार जियामपाओलो टोमासेटी ने वाराणसी पर अपनी कलाकृति भेंट की।'
प्रधानमंत्री ने कहा कि टोमासेटी का भारतीय संस्कृति के प्रति जुनून चार दशकों से भी अधिक पुराना है। पिछली सदी के नौवें दशक में उन्होंने वैदिक संस्कृति पर आधारित किताबों के लिए इलस्ट्रेटर के तौर पर काम शुरू किया था।
2008 से 2013 तक उन्होंने महाभारत से जुड़ी 23 बड़ी पेंटिंग्स पर काम किया। प्रधानमंत्री ने बताया कि इटली में भारतीय संगीत भी बहुत लोकप्रिय हो रहा है।
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