विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

नाइजर में फिर बगावत... सैनिकों ने खोला मोर्चा, एयरपोर्ट और राष्ट्रपति भवन पर हमला; विरोधी गुट आमने-सामने

Updated: Sun, 30 Aug 2026 11:04 AM (IST)

नाइजर की राजधानी नियामे में बागी सैनिकों ने एयरपोर्ट और राष्ट्रपति भवन पर हमला किया, जिससे घंटों गोलीबारी और धमाके हुए।

नाइजर में फिर होगा तख्तापलट?

नाइजर में फिर होगा तख्तापलट?

HighLights

  1. नाइजर की राजधानी नियामे में बागी सैनिकों ने हमला किया।

  2. एयरपोर्ट और राष्ट्रपति भवन पर घंटों गोलीबारी, धमाके हुए।

  3. यह हमला टियानी के शासन के लिए नया खतरा है।

डिजिटल डेस्क, नियामी। नाइजर में बागी सैनिकों ने शनिवार तड़के राजधानी नियामे में एयरपोर्ट और राष्ट्रपति भवन पर हमला किया। घंटों तक गोलीबारी और धमाके होते रहे और कुछ समय के लिए सरकारी टीवी और रेडियो का प्रसारण बंद हो गया।

नाइजर के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि सेना धीरे-धीरे उन जगहों पर फिर से कब्जा कर रही है जिन पर रात के हमले में कब्जा कर लिया गया था, लेकिन सुरक्षा सूत्रों ने बताया कि दोपहर तक बागी सैनिक एयरपोर्ट पर ही मौजूद थे और शनिवार रात तक कुल मिलाकर स्थिति साफ नहीं थी।

नाइजर में फिर होगा तख्तापलट?

यह हमला अब्दौराहमाने टियानी के शासन के लिए एक और खतरा था, जिन्होंने 2023 में तख्तापलट करके सत्ता संभाली थी। टियानी ने साहेल देश (जो यूरेनियम का एक बड़ा उत्पादक है) में सुरक्षा बेहतर करने का वादा किया था, लेकिन जिहादी हमले जारी रहे।

सरकारी टेलीविजन ने प्रसारण फिर से शुरू करने के बाद एक संदेश दिखाया जिसमें कहा गया कि नियामी में एक बेस से बागी सैनिकों ने शहर में संवेदनशील जगहों पर गोलीबारी की थी। इसमें कहा गया कि सुरक्षा बलों ने तेजी से कार्रवाई की और इस पर काबू में पा लिया गया।

इस साल की शुरुआत में अल-कायदा और इस्लामिक स्टेट से जुड़े समूहों ने नागरिक हवाई अड्डे और सैन्य एयरबेस पर हमले किए थे। कुछ सुरक्षा जानकारों को शुरू में शक था कि शनिवार के हमले के पीछे चरमपंथी थे।

बाहर से विद्रोही सैनिकों का आना

रॉयटर्स के एक गवाह ने बताया कि एयरपोर्ट और मिलिट्री एयरबेस पर गोलीबारी हुई और सुबह होने से पहले जोरदार धमाके हुए। इन जगहों पर रूसी और इतालवी सेनाएं तैनात हैं। दो सुरक्षा सूत्रों और एक राजनयिक ने बताया कि 0900 जीएमटी तक राष्ट्रपति भवन पर वफादार सैनिकों का कब्जा हो गया था, लेकिन एयरपोर्ट के आस-पास के इलाके में अभी भी संघर्ष जारी था।

रक्षा मंत्रालय के बयान में विद्रोही सैनिकों द्वारा मिलिट्री एयरबेस पर अपने कुछ साथियों को हिरासत में लेने की कोशिश का जिक्र किया गया, लेकिन इस बारे में कोई विस्तार से जानकारी नहीं दी गई। दो सूत्रों ने बताया कि वफादार सैनिकों को बातचीत या बल प्रयोग के जरिए हवाई अड्डे पर दोबारा कब्ज़ा करने के लिए भेजा गया था।

नाइजर, माली और बुर्किना फासो से मिलकर बने अलायंस ऑफ साहेल स्टेट्स (AES) ने नाइजर की सेना का समर्थन किया और शनिवार रात एक बयान में कहा कि विद्रोहियों की कोशिश नाकाम कर दी गई है। यह साफ नहीं है कि माली और बुर्किना फासो ने शनिवार को नाइजर को कोई ठोस सैन्य मदद दी या नहीं।

उग्रवादियों से लड़ाई और यूरेनियम पर नियंत्रण

पश्चिम अफ़्रीकी देश नाइजर यूरेनियम, तेल और सोने के संसाधनों से समृद्ध है। जुलाई 2023 में राष्ट्रपति मोहम्मद बजौम को सत्ता से हटाने वाले सैन्य तख्तापलट के बाद से सैन्य अधिकारियों का शासन है। अपने पड़ोसी देशों बुर्किना फासो और माली की तरह यह भी अल-कायदा और इस्लामिक स्टेट से जुड़े इस्लामी विद्रोहियों के खिलाफ लड़ाई में स्थिति को बदलने में नाकाम रहा है, जबकि सैन्य शासकों ने सुरक्षा बेहतर करने का वादा किया था।

यह भी पढ़ें: नियामी एयरपोर्ट पर आतंकी हमला: नाइजर की राजधानी में भारी गोलाबारी, 11 सैनिक और 2 नागरिकों की मौत