रेड सिग्नल था, फिर भी ट्रेन को आगे क्यों जाने दिया गया? स्पेन ट्रेन हादसे में बड़ा खुलासा
स्पेन के टोलेडो में मैड्रिड-सेविल रेल रूट पर हुए भीषण ट्रेन हादसे में 68 लोगों की जान चली गई। सवाल ...और पढ़ें
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स्पेन में ट्रेनों की टक्कर (File Photo)
HighLights
टोलेडो में भीषण ट्रेन हादसे में 68 लोगों की मौत।
सिग्नल की अनदेखी और मानवीय भूल प्रमुख कारण।
जनता में आक्रोश, मंत्री के इस्तीफे की मांग।
डिजिटल डेस्क, मैड्रिड। स्पेन के टोलेडो में हुआ भीषण ट्रेन हादसे ने पूरी दुनिया को झकझोर कर रख दिया है। मैड्रिड-सेविल रेल रूट पर सिग्नल तंत्र की भारी चूक और लाल झंडे की अनदेखी ने 68 मासूमों की जिंदगी निगल ली। पटरी से उतरे डिब्बे और मलबे में तब्दील बोगियां इस हादसे की भयावहता बयां कर रही हैं।
शुरुआती जांच में कंप्यूटर कम्युनिकेशन्स सिस्टम की विफलता और मानवीय भूल सामने आई है, जिसने स्पेन की व्यवस्था को हिलाकर रख दिया है। इस घटना के बाद जनता में आक्रोश है, लोग सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
दूसरी ओर अब इस भीषण हादसे का कुछ वीडियो भी सामने आया है, जिसमें साफ-साफ इस त्रासदी की भयावहता को देखा जा सकता है।
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पहले समझिए आखिर क्या और कैसे हुआ?
यह भयानक दुर्घटना बुधवार सुबह स्पेन की राजधानी मैड्रिड से लगभग 120 किलोमीटर दूर, टूलेडो प्रांत के उरडा इलाके में हुई। स्पेन के प्रसिद्ध मैड्रिड-सेविल रेल रूट पर दो हाई-स्पीड ट्रेनें आपस में टकरा गईं।
स्पेन की रेल बुनियादी ढांचा कंपनी (ADIF) के मुताबिक, दोनों ट्रेनें मैड्रिड से दक्षिण की ओर सेविला जा रही थीं। ट्रैक पर एक IRYO ट्रेन रुकी हुई थी, तभी पीछे से आ रही सरकारी RENFE ट्रेन ने उसे इतनी जोर से टक्कर मारी कि दोनों ट्रेनों के डिब्बे पटरी से उतर गए और पलट गए।
वीडियो में क्या दिख रहा है?
हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। दुर्घटनास्थल की तस्वीरें और वीडियो डराने वाले थे, जिसमें ट्रेन के पलटे हुए डिब्बे, बिखरा मलबा और खून से लथपथ यात्री नजर आए।
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राहत और बचाव के लिए तुरंत इमरजेंसी टीमों को उतारा गया। घायलों के इलाज के लिए पास के एक स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स को ही अस्थायी अस्पताल में बदल दिया गया था। क्षेत्रीय सरकार के मुताबिक, 58 लोग अस्पतालों में भर्ती हैं।
अब सवाल- सिग्नल लाल था, फिर भी ट्रेन को आगे क्यों जाने दिया गया?
इस हादसे के बाद जहां एक ओर लोगों के मन में कई सारे सवाल हैं। वहीं दूसरी ओर इस भीषण हादसे के पीछे की जो तकनीकी और प्रशासनिक कहानी सामने आ रही है, वह बेहद चौंकाने वाली है।
स्पेन के परिवहन मंत्री ऑस्कर पुएंते ने खुद माना कि हादसे से कुछ देर पहले रेलवे के कंप्यूटर कम्युनिकेशन्स सिस्टम में बड़ी तकनीकी खराबी आ गई थी। इस खराबी के कारण 63 किलोमीटर के दायरे में चल रही ट्रेनें अपने आप रुक गईं।
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मैनुअल कंट्रोल और लाल सिग्नल की अनदेखी
फिर क्या? सिस्टम फेल होने के बाद रेलवे ऑपरेटर (ADIF) ने कंट्रोल अपने हाथ में लिया। इसके बाद रुकी हुई RENFE ट्रेन को आगे बढ़ने की अनुमति दी गई, जबकि नियमों के मुताबिक उस वक्त वहां लाल बत्ती जल रहा था जो आगे बढ़ने से रोकता है।
परिवहन मंत्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में खुद माना कि सामने लाल सिग्नल था जो आगे बढ़ने से मना कर रहा था, फिर भी ट्रेन को आगे बढ़ने की अनुमति दी गई। यह एक ऐसा फैसला था जो समझ से परे परिस्थितियों में लिया गया।
खौफनाक रफ्तार में मारी टक्कर
हालांकि इस पूरे मामले में ट्रेन की रफ्तार भी गौर करने वाली है। मिली जानकारी के अनुसार हरी झंडी मिलने के बाद RENFE ट्रेन ने रफ्तार पकड़ी और करीब 124 मील प्रति घंटे यानी लगभग 200 किमी/घंटा की रफ्तार से दौड़ते हुए आगे खड़ी IRYO ट्रेन को जोरदार टक्कर मार दी।
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हादसे में के बाद विरोध में सड़क पर लोग
इस दुर्घटना के बाद स्पेन में जबरदस्त राजनीतिक तूफान खड़ा हो गया है। स्पेनिश ट्रेड यूनियन (CSIF) ने परिवहन मंत्री ऑस्कर पुएंते के इस्तीफे की मांग कर दी है। यूनियन का आरोप है कि मंत्री अपनी जिम्मेदारी लेने के बजाय सारा ठीकरा एक छोटे रेलवे अधिकारी पर फोड़ने की कोशिश कर रहे हैं।
इतना ही नहीं बुधवार की रात मैड्रिड में परिवहन मंत्रालय के बाहर करीब 500 प्रदर्शनकारी जमा हो गए। गुस्साए लोगों ने मंत्रालय के बाहर पुलिस पर बोतलें और फ्लेयर्स फेंके। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े।
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स्पेन में लगातार हो रहे हादसे
गौरतलब है कि यह दुर्घटना इसलिए भी गंभीर है क्योंकि इस साल स्पेन में रेल सुरक्षा पर पहले ही सवाल उठ चुके हैं। इसी साल जनवरी में कोर्डोबा प्रांत में हुए एक ट्रेन हादसे में 40 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी, जबकि बार्सिलोना के पास एक अन्य घटना में एक ट्रेन ड्राइवर की जान चली गई थी।
फिलहाल, जांच एजेंसियां इस बात की गहराई से जांच कर रही हैं कि तकनीकी खराबी के बाद वह कौन सा अधिकारी था जिसने रेड सिग्नल के बावजूद ट्रेन को आगे बढ़ाने का जानलेवा आदेश दिया था।
