गुलाम जम्मू कश्मीर में प्रदर्शनकारियों पर सरकार का अत्यधिक बल प्रयोग, चुनाव प्रक्रिया पर उठे गंभीर सवाल
पाकिस्तान की मानवाधिकार संस्था ने गुलाम जम्मू कश्मीर में प्रदर्शनकारियों पर अत्यधिक बल प्रयोग और चुनाव प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

HighLights
गुलाम जम्मू कश्मीर में प्रदर्शनकारियों पर अत्यधिक बल प्रयोग।
चुनाव प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल उठे।
अशांति का कारण राजनीतिक और सामाजिक-आर्थिक शिकायतें।
डिजिटल डेस्क, लाहौर। पाकिस्तान की मानवाधिकार संस्था ने कहा है कि गुलाम जम्मू कश्मीर में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सरकार ने जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग किया और हिंसा व बड़े पैमाने पर धांधली के आरोपों से घिरी चुनाव प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
पाकिस्तान मानवाधिकार आयोग के फैक्ट-फाइंडिंग मिशन की शनिवार को जारी एक रिपोर्ट में गुलाम जम्मू कश्मीर में अशांति का कारण लंबे समय से चली आ रही राजनीतिक और सामाजिक-आर्थिक शिकायतों, संस्थाओं पर अविश्वास और शासन में कमियों को बताया गया है।
आयोग ने कहा, "सरकार की ओर से टकराव वाला रवैया, जिसमें जरूरत से अधिक बल प्रयोग भी शामिल है, ने ध्रुवीकरण को और बढ़ाया है और जनता का भरोसा कम किया है।"
उसके मिशन को बड़े पैमाने परा हिंसा और सुरक्षा बलों के कामकाज के बारे में बिल्कुल अलग-अलग तरह की बातें सुनने को मिलीं। गुलाम जम्मू कश्मीर की तथाकथित विधानसभा की 45 सीटों के लिए चुनाव 27 जुलाई से 10 अगस्त के बीच तीन चरणों में हुए।
प्रतिबंधित ज्वाइंट अवामी एक्शन कमेटी ने आरोप लगाया है कि सत्ता प्रतिष्ठान इन सीटों के जरिए अपनी पसंद का प्रधानमंत्री चुनकर गुलाम जम्मू कश्मीर में अपनी मर्जी की सरकार बनाना चाहता है।
(समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)
