पाकिस्तान की नापाक चाल: गिलगित-बाल्टिस्तान को 5वां राज्य बनाने की हरकत, Pok में अशांति के बीच कैसा प्रस्ताव हुआ पारित?
पाकिस्तान गिलगित-बाल्टिस्तान को अपना पांचवां प्रांत बनाने की तैयारी कर रहा है, जिसके लिए विधानसभा में एक प्रस्ताव पारित किया गया है। यह कदम गुलाम कश्म ...और पढ़ें

पाकिस्तान की नई चाल।
HighLights
गिलगित-बाल्टिस्तान को पांचवां प्रांत बनाने का प्रस्ताव पारित।
गुलाम कश्मीर में अशांति के बीच पाकिस्तान का यह कदम।
भारत ने पाकिस्तान के इस कदम का कड़ा विरोध किया।
डिजिटल डेस्क, इस्लामाबाद। रोटी-पानी और आर्थिक बदहाली से जुझ रहा नापाक पड़ोसी पाकिस्तानी अभी भी अपनी चालबाजी से बाज नहीं रहा है। एक तरफ जहां गुलाम कश्मीर में बीते महीनों से भारी हिंसा, विरोध प्रदर्शन और अशांति का माहौल बना हुआ है। वहीं दूसरी ओर अब पाकिस्तान ने एक बड़ी प्रशासनिक चालबाजी चलते हुए गिलगित-बाल्टिस्तान को अपना पांचवां प्रांत बनाने की तैयारी तेज कर दी है।
इस पूरे चालबाजी का खुलासा तब हुआ, जब शुक्रवार को गिलगित-बाल्टिस्तान की विधानसभा में एक बड़ा और अहम प्रस्ताव पारित हुआ, जिसके बाद पूरी इस प्रस्ताव ने पूरी दुनिया की नजरें अपनी ओर खींची और फिर गिलगित-बाल्टिस्तान को लेकर चर्चा सातवें आसमान पर पहुंच गई।
समझिए विधानसभा में क्या प्रस्ताव पारित हुआ?
पाकिस्तानी मीडिया 'डॉन' की रिपोर्ट के मुताबिक, गुरुवार को गिलगित-बाल्टिस्तान की असेंबली में एक प्रस्ताव पास किया गया है। इस प्रस्ताव को वहां के एक नेता जलाल अली शाह ने पेश किया था। सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि इस प्रस्ताव को वहां की सत्ताधारी पार्टी और विपक्ष, दोनों का पूरा समर्थन मिला।
इस प्रस्ताव में पाकिस्तान सरकार से सीधे तौर पर यह मांग की गई है कि गिलगित-बाल्टिस्तान को पाकिस्तान का 'अंतरिम प्रांतीय दर्जा' यानी एक अस्थायी राज्य का दर्जा दे दिया जाए। इतना ही नहीं इस पहाड़ी क्षेत्र में रहने वाले लोगों को पूरी तरह से संवैधानिक और राजनीतिक अधिकार सौंपे जाएं।
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वर्तमान में क्या है गिलगित-बाल्टिस्तान की स्थिति?
गिलगित-बाल्टिस्तान की वर्तमान स्थिति को समझना ज्यादा मुश्किल नहीं है। कारण है कि भारत हमेशा से यह साफ करता आया है कि गिलगित-बाल्टिस्तान और पूरा पीओके (PoK) भारत का अभिन्न हिस्सा है, जिस पर पाकिस्तान ने जबरन कब्जा कर रखा है।
ऐसे में प्रशासनिक तौर पर देखा जाए तो पाकिस्तान में अभी केवल चार मुख्य प्रांत हैं, पंजाब, सिंध बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा। गौर करने वाली बात यह है कि अभी तक गिलगित-बाल्टिस्तान को पाकिस्तान ने एक 'अर्ध-प्रांतीय' दर्जा दे रखा था, यानी इसे पूरी तरह राज्य का अधिकार नहीं मिला था। लेकिन अगर पाकिस्तान सरकार इस नए प्रस्ताव को मंजूर कर लेती है, तो एक अस्थायी व्यवस्था के तहत गिलगित-बाल्टिस्तान पाकिस्तान का 5वां प्रांत बन जाएगा।
गुलाम कश्मीर में हिंसा के बीच पाकिस्तान की कैसी चाल?
इस बात को ऐसे समझा जा सकता है कि इस समय पीओके की जनता महंगाई, आटे की कमी, बिजली के भारी बिलों और टैक्स के बोझ तले दबी हुई है। वहां की जनता पाकिस्तानी सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरकर हिंसक प्रदर्शन कर रही है।
ऐसे में जनता के गुस्से और ध्यान को भटकाने के लिए पाकिस्तान इस तरह के हथकंडे अपना रहा है। वह गिलगित-बाल्टिस्तान के लोगों को कागजी अधिकार और राज्य का लालच देकर वहां के प्रशासनिक ढांचे को पूरी तरह बदलना चाहता है, ताकि इस पूरे इलाके पर उसका नियंत्रण और ज्यादा मजबूत हो सके। हालांकि, भारत इस क्षेत्र में पाकिस्तान द्वारा किए जाने वाले किसी भी अवैध प्रशासनिक बदलाव का हमेशा कड़ा विरोध करता रहा है।