पाकिस्तान की राजधानी में हाहाकार: रावलपिंडी-इस्लामाबाद में गहराया जल संकट, बूंद-बूंद को तरसी जनता
पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद और जुड़े शहर रावलपिंडी में पानी का गंभीर संकट गहराता जा रहा है। शासन व्यवस्था की लगातार नाकामी के कारण दोनों शहरों में ...और पढ़ें

रावलपिंडी और इस्लामाबाद में पानी का संकट गहराया (फोटो- एएनआई)
HighLights
शासन की नाकामी से रोजाना 6 करोड़ गैलन की कमी
गर्मियों के मौसम में स्थिति और बिगड़ने की आशंका है
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद और जुड़े शहर रावलपिंडी में पानी का गंभीर संकट गहराता जा रहा है। शासन व्यवस्था की लगातार नाकामी के कारण दोनों शहरों में पानी की मांग और आपूर्ति के बीच अंतर तेजी से बढ़ रहा है। गर्मियों के मौसम में स्थिति और बिगड़ने की आशंका है।
भारी पानी की कमी
रिपोर्ट्स के अनुसार, रावलपिंडी शहर और कैंटोनमेंट क्षेत्रों में रोजाना पानी की मांग करीब 13 करोड़ गैलन है, जबकि उपलब्ध आपूर्ति मात्र 70 मिलियन गैलन (7 करोड़ गैलन) से भी कम है। इससे 60 मिलियन गैलन (6 करोड़ गैलन) से अधिक की भारी कमी हो रही है।
रावलपिंडी कैंटोनमेंट बोर्ड को रोजाना 5 करोड़ गैलन पानी की जरूरत है, लेकिन सिर्फ 1.278 करोड़ गैलन ही उपलब्ध हो पा रहा है। यानी 37 मिलियन गैलन की कमी।
रावलपिंडी शहर को करीब 7 करोड़ गैलन चाहिए, जबकि खानपुर डैम, रावल डैम और ट्यूबवेल्स से सिर्फ 5.15 करोड़ गैलन ही मिल रहा है।
अधिकारी चहान डैम, दादूचा डैम और चेराह डैम जैसे लंबित प्रोजेक्ट्स पर भरोसा जता रहे हैं। इनके पूरा होने पर रोजाना करीब 8 करोड़ गैलन अतिरिक्त पानी मिलने की उम्मीद है। हालांकि विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि तेजी से बढ़ती आबादी इन नई आपूर्तियों को भी जल्दी खत्म कर सकती है।
इंडस नदी से पानी लाने के लिए घाजी वॉटर चैनल पर आधारित बड़ा प्रोजेक्ट भी कई सालों से अटका पड़ा है। इसकी क्षमता 20 करोड़ गैलन तक बढ़ाने की योजना थी, लेकिन अब तक कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है।
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गर्मी बढ़ते ही दोनों शहरों के निवासियों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए पानी जुटाने में भारी परेशानी हो रही है। कैंटोनमेंट इलाकों में हालात और भी खराब बताए जा रहे हैं।
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