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    PoK में भारी बवाल, प्रदर्शनकारी बोले- हम आजाद नहीं, पाकिस्तान के गुलाम हैं

    Updated: Wed, 15 Jul 2026 08:27 PM (IST)

    पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में 40 दिनों से चल रहा विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया है, जहां नेता सरदार अमान खान ने इसे 'कब्जाई हुई जमीन' बताया और ...और पढ़ें

    गुलाम कश्मीर में प्रदर्शन।

    गुलाम कश्मीर में प्रदर्शन।

    HighLights

    1. PoK में 40 दिनों से चल रहा विरोध प्रदर्शन हिंसक हुआ।

    2. नेता सरदार अमान खान ने PoK को 'कब्जाई हुई जमीन' बताया।

    3. मानवीय संकट के बीच भारत से मदद की अपील, 6 नागरिक मारे गए।

    डिजिटल डेस्क, इस्लामाबाद। गुलाम कश्मीर (PoK) में पिछले 40 से अधिक दिनों से चल रहा विरोध प्रदर्शन अब हिंसक रूप ले चुका है। इस बीच, आंदोलन के एक बड़े नेता सरदार अमान खान ने एक रैली में खुलेआम पाकिस्तान के दावों की हवा निकाल दी है।

    रावलकोट के ईदगाह मैदान में उमड़ी हजारों की भीड़ के सामने उन्होंने साफ कहा कि यह इलाका कोई विवादित या आजाद जगह नहीं है, बल्कि पाकिस्तान के कब्जे वाली एक गुलाम जमीन है।

    'यह विवादित नहीं, कब्जाई हुई जमीन है'

    हजारों लोगों की भीड़ को संबोधित करते हुए सरदार अमान खान ने कहा कि यह कोई विवादित इलाका नहीं है... यह एक कब्जा किया हुआ इलाका है। पाकिस्तान ने इस पर जबरन कब्जा कर रखा है। उनकी इस बात पर रैली में मौजूद लोगों ने जमकर तालियां बजाईं और पाकिस्तान विरोधी नारे लगाए।

    40 दिनों से बंद हैं रास्ते, भुखमरी की नौबत

    बता दें कि रावलकोट में यह आंदोलन पिछले 40 से ज्यादा दिनों से चल रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पाकिस्तानी प्रशासन ने उनका जीना मुहाल कर दिया है। नेता अमान खान ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान सरकार ने पिछले तीन हफ्तों से इलाके में खाने-पीने की चीजों और दवाइयों की सप्लाई रोक दी है, जिससे यहां मानवीय संकट खड़ा हो गया है।

    भारत से लगाई मदद की गुहार

    तंग आकर प्रदर्शनकारियों ने एलओसी के दूसरी तरफ रहने वाले लोगों और भारत सरकार से मदद की अपील की है। रैली में जब अमान खान ने भीड़ से पूछा कि क्या उन्हें एलओसी की तरफ बढ़ना चाहिए, तो भीड़ ने एक सुर में कहा कि आगे बढ़ो।

    खबरें और भी

    गौरतलब है कि इस आंदोलन ने अब हिंसक मोड़ ले लिया है। खबरों के मुताबिक, पाकिस्तानी सुरक्षा बलों की गोलीबारी में छह नागरिकों की मौत हो गई है। मरने वालों में जाहिद मुगल, जफर मुगल, अर्सलान अकबर और वाजिद हयात जैसे स्थानीय लोग शामिल हैं।