ब्रिटेन में 16-17 साल के बच्चों पर क्यों लगा सोशल मीडिया कर्फ्यू? क्या कहता है नया नियम
ब्रिटिश सरकार 16-17 साल के किशोरों के लिए रात 12 बजे से सुबह 6 बजे तक सोशल मीडिया कर्फ्यू लागू करने की तैयारी में है। ...और पढ़ें


समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
डिजिटल डेस्क, लंदन। ब्रिटिश सरकार बच्चों को सोशल मीडिया की लत से बचाने के लिए एक सख्त और नई योजना पर काम कर रही है। पंद्रह वर्ष तक की उम्र के बच्चों पर सोशल मीडिया प्रतिबंध लगाने की तैयारी के बाद, अब सरकार सोलह और सत्रह साल के किशोरों के लिए भी रात के समय विशेष सोशल मीडिया कर्फ्यू लागू करने जा रही है।
यह नई व्यवस्था संबंधित कानून के संसद में पारित होने के बाद ही पूरे देश में आधिकारिक रूप से लागू की जाएगी।
क्या है सोशल मीडिया कर्फ्यू का नियम
यह कर्फ्यू मूल रूप से एक डिजिटल पाबंदी है जिसे किशोरों की ऑनलाइन आदतों को नियंत्रित करने के लिए तैयार किया गया है। इस नई व्यवस्था के तहत सोलह और सत्रह वर्ष की आयु वाले यूजर के सोशल मीडिया अकाउंट रात बारह बजे से लेकर सुबह छह बजे तक लॉक कर दिए जाएंगे।
इस छह घंटे की अवधि के दौरान किशोर अपने अकाउंट्स का सामान्य तरीके से इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे, जिससे उन्हें स्क्रीन से दूर रखने में मदद मिलेगी।
कंपनियों पर होगी नियम लागू करने की जिम्मेदारी
इस व्यवस्था को तकनीकी रूप से लागू करने का जिम्मा सीधे तौर पर सोशल मीडिया कंपनियों पर ही होगा। रात के बारह बजते ही किशोरों के अकाउंट पर यह कर्फ्यू डिफ़ॉल्ट रूप से सक्रिय हो जाएगा, जिससे ध्यान भटकाने वाले कई फीचर्स काम करना बंद कर देंगे।
इनमें वीडियो का अपने आप चलना, स्क्रीन का लगातार स्क्रॉल होना, एल्गोरिदम द्वारा सुझाए गए नए कंटेंट, लाइव स्ट्रीमिंग और अजनबियों से बातचीत करने जैसी सुविधाएं शामिल हैं। हालांकि, सरकार ने इसे एक स्वैच्छिक विकल्प के रूप में रखा है, जिसका अर्थ है कि उपयोगकर्ता चाहें तो अपनी ऐप सेटिंग में जाकर इस कर्फ्यू को निष्क्रिय कर सकते हैं।
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कदम उठाने के पीछे सरकार की मुख्य चिंता
इस बड़े फैसले के पीछे ब्रिटिश सरकार की मुख्य चिंता किशोरों का गिरता स्वास्थ्य और पढ़ाई का भारी नुकसान है। सरकार का स्पष्ट रूप से मानना है कि देर रात तक मोबाइल और सोशल मीडिया पर समय बिताने से बच्चों की नींद की गुणवत्ता बुरी तरह प्रभावित हो रही है।
इसके साथ ही उनकी एकाग्रता भंग हो रही है, जिसका सीधा और नकारात्मक असर उनकी स्कूली पढ़ाई और समग्र मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ रहा है।
नियम के दायरे में आने वाले प्लेटफॉर्म और छूट
प्रस्तावित योजना के अनुसार, यह नया नियम साल 2027 तक पूरी तरह से अमल में लाया जा सकता है। यह कर्फ्यू मुख्य रूप से युवाओं के बीच लोकप्रिय सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे इंस्टाग्राम, टिकटॉक, स्नैपचैट, फेसबुक और एक्स पर लागू किया जाएगा।
वहीं, व्हाट्सएप और दूसरी मैसेजिंग सेवाओं को इस नियम के दायरे से पूरी तरह बाहर रखा गया है। इसके पीछे सरकार का तर्क है कि इन मैसेजिंग ऐप्स का इस्तेमाल मनोरंजन के बजाय मुख्य रूप से पारिवारिक बातचीत और किसी जरूरी संपर्क को बनाए रखने के लिए किया जाता है।