Numerology: वो मूलांक जिसे शादी के बंधन में महसूस होती है 'घुटन', जिम्मेदारियों से हमेशा भागते हैं दूर
क्या आप जानते हैं कि जन्म की तारीख का आपके वैवाहिक जीवन पर गहरा असर पड़ता है? अंक ज्योतिष के अनुसार मूलांक दो ऐसे मूलांक हैं, जिसके जातक अक्सर शादी के ...और पढ़ें

शादी के बाद जिम्मेदारी से क्यों भागते हैं ये लोग (Image Source: AI-Generated)
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। अंकज्योतिष (Numerology) में हर अंक का अपना एक अलग स्वभाव होता है। जहां कुछ लोग पारिवारिक जिम्मेदारियों को खुशी के साथ स्वीकार करते हैं। वहीं, कुछ मूलांक ऐसे भी हैं जो अपनी जिम्मेदारियों को बोझ की तरह लेते हैं। अंक ज्योतिष के अनुसार, ऐसे दो मूलांक हैं, जो शादी के बाद जीवन में पड़ने वाली रेस्पॉन्सिबिटीज को बहुत बड़ा मानकर घुटते रहते हैं।
मूलांक 2: संवेदनशीलता और आजादी की चाह (Born on 2, 11, 20, 29)
मूलांक 2 का स्वामी 'चंद्रमा' है। चंद्रमा चंचल होता है और भावनाओं के उतार-चढ़ाव का प्रतीक है।
घुटन का कारण: इस मूलांक के लोग स्वभाव से बहुत संवेदनशील और भावुक होते हैं। वे अपने पार्टनर से बहुत प्यार तो करते हैं, लेकिन जब शादी के बाद घर-परिवार की सांसारिक और व्यावहारिक जिम्मेदारियां (जैसे हिसाब-किताब, रिश्तेदारी निभाना) उन पर हावी होती हैं। इस वजह से वो मानसिक रूप से थक जाते हैं।
स्वभाव: इन्हें अपनी दुनिया में रहना पसंद होता है। पाबंदियां और 'क्या करना है' के निर्देश इन्हें मानसिक तौर पर परेशान कर देते हैं, जिससे इन्हें रिश्ते में घुटन होने लगती है।
मूलांक 8: संघर्ष और गंभीरता का बोझ (Born on 8, 17, 26)
मूलांक 8 का स्वामी 'शनि' है। शनि न्याय और संघर्ष का देवता माना जाता है।
जिम्मेदारियों से खिंचाव: मूलांक 8 वाले लोग शुरू से ही बहुत जिम्मेदार होते हैं, लेकिन अक्सर उन्हें लगता है कि वे दूसरों का बोझ उठा रहे हैं। शादी के बाद जब अपेक्षाएं और बढ़ जाती हैं, तो इन्हें लगता है कि इनका खुद का अस्तित्व कहीं खो गया है।

(Image Source: AI-Generated)
स्वभाव: ये लोग थोड़े अंतर्मुखी (Introvert) होते हैं। अपनी भावनाओं को व्यक्त न कर पाने के कारण ये अंदर ही अंदर परेशान रहते हैं। इन्हें लगता है कि शादी ने इनकी रफ्तार को धीमा कर दिया है, जिससे ये अक्सर जिम्मेदारियों से दूरी बनाने की कोशिश करते हैं।
समाधान और सुझाव:
अगर आपका या आपके पार्टनर का मूलांक 2 या 8 है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। छोटे बदलाव खुशहाली ला सकते हैं:
स्पष्ट संवाद (Clear Communication): अपनी भावनाओं को पार्टनर के साथ साझा करें।
स्पेस दें: एक-दूसरे को 'मी टाइम' (Personal Space) दें ताकि घुटन महसूस न हो।
ध्यान (Meditation): मूलांक 2 वालों को मानसिक शांति के लिए ध्यान करना चाहिए।
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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।
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