एंट्री लेवल की कारों ने किया कमाल, 2025 में शोरूम के बाहर लाइन में लगकर लोगों ने खरीदा
भारत में हैचबैक से लेकर एसयूवी और प्रीमियम जैसे कई सेगमेंट में कारों की बिक्री की जाती है। 2025 के दौरान देशभर में एंट्री-लेवल कारों की बिक्री में काफ ...और पढ़ें

ऑटो डेस्क, नई दिल्ली। भारत में बीते कुछ सालों में एसयूवी सेगमेंट के वाहनों की मांग लगातार बढ़ रही है। लेकिन बीते साल छोटी कारों ने भी कमाल कर दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक साल 2025 के दौरान एंट्री लेवल की कारों ने किस तरह का प्रदर्शन किया है। पांच लाख रुपये से कम कीमत वाली कारों की कितनी बिक्री हुई है। हम आपको इस खबर में बता रहे हैं।
छोटी कारों ने की वापसी
भारत में हर महीने लाखों की संख्या में वाहनों की बिक्री होती है। जिनमें बड़ी संख्या में चार पहिया वाहनों का भी योगदान रहता है। इनमें सबसे ज्यादा बढ़त एसयूवी सेगमेंट और फिर एमपीवी सेगमेंट के वाहनों की रही है। लेकिन बीते साल एंट्री लेवल की छोटी कारों ने भी वापसी कर ली है।
कितनी हुई बिक्री
रिपोर्ट्स के मुताबिक छह सालों के बाद छोटी कारों की कार बाजार में हिस्सेदारी बढ़ी है। अक्टूबर 2025 से दिसंबर 2025 के बीच ही हैचबैक कारों ने कुल बिक्री में 24.4 फीसदी का योगदान दिया है। जबकि 2025 के पहले नौ महीनों के दौरान इनका योगदान 23.5 फीसदी था।
मारुति सुजुकी को हुआ बड़ा फायदा
मारुति सुजुकी की ओर से देश में एंट्री लेवल सेगमेंट की कई हैचबैक कारों को ऑफर किया जाता है। जिनमें Maruti Alto K10, Maruti S-Presso, Maruti Celerio, Maruti Wagon R शामिल हैं। जानकारी के मुताबिक इस अवधि के दौरान मारुति की हैचबैक कारों की बिक्री में 92 फीसदी तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इन कारों के लिए बुकिंग इतनी ज्यादा हो गई है कि वेटिंग पीरियड एक से दो महीने के बीच हो गया है।
Tata और Hyundai भी करती हैं ऑफर
टाटा मोटर्स की ओर से भी इस सेगमेंट में Tata Tiago को ऑफर किया जाता है। वहीं Hyundai की ओर से भी Grand Nios i10 की बिक्री की जाती है। रेनो भी Kwid को इसी सेगमेंट में ऑफर करती है। जानकारी के मुताबिक टाटा की टियागो की बिक्री भी 22 फीसदी तक बढ़ गई है।
क्या है कारण
सितंबर 2025 में केंद्र सरकार की ओर से जीएसटी की दरों में कमी करने की घोषणा की गई थी। जिसके बाद छोटी कारों पर 28 फीसदी जीएसटी को कम करके 18 फीसदी तक कर दिया गया था। जीएसटी में कमी के कारण छोटी कारों की कीमत में भी 25 से 30 फीसदी तक की कमी आ गई थी। जिसके बाद इस सेगमेंट की कारों की बिक्री तेजी से बढ़ गई।

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