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    Banka News: सात महीने में 700 घायल, गांव से शहर तक फैला आवारा कुत्तों का आतंक

    Updated: Sat, 16 Aug 2025 03:02 PM (IST)

    अमरपुर में आवारा कुत्तों का आतंक बढ़ता जा रहा है जिससे पिछले सात महीनों में 700 से अधिक लोग घायल हो चुके हैं। शहर से गांव तक कुत्ते लोगों को काट रहे हैं जिससे दहशत का माहौल है। रेफरल अस्पताल में एंटी-रेबीज इंजेक्शन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं लेकिन स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।

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    अमरपुर में आवारा कुत्तों का आतंक बढ़ता जा रहा है। फाइल फोटो

    जागरण संवाददाता, अमरपुर (बांका)। हेमराजपुर के टुनटुन पंडित को घर के दरवाजे पर बैठे-बैठे कुत्ते ने काट लिया। जबकि सुद्धू तांती को खेत जाने के दौरान तथा अजय प्रकाश मिश्रा को पिछले माह दुकान जाने के दौरान कुत्ते ने काट लिया था। रैबीज का इंजेक्शन लगाने के बाद हालत में सुधार हुआ। यह कहानी अकेले टुनटुन की नहीं है।

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    ऐसे सात सौ से अधिक लोग हैं, जिन्हें आवारा कुत्तों ने अपना शिकार बनाया है। यह स्थिति शहर से लेकर गांव तक है। आवारा कुत्तों का आतंक हर जगह लगातार बढ़ता जा रहा है। ये कुत्ते हर दिन तीन से चार लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। पिछले सात माह में इन हमलों में कुल 700 लोग घायल हो चुके हैं।

    वहीं पांच दर्जन से अधिक बाइक सवार इन कुत्तों के कारण दुर्घटनाग्रस्त हो चुके हैं। कई बार कुत्ते अचानक सामने आकर वाहन सवारों को गिरा देते हैं, जबकि कई मामलों में सीधे काटकर घायल कर देते हैं। रेफरल अस्पताल सूत्रों के अनुसार जनवरी 2025 से जुलाई तक सात माह में 700 लोगों को कुत्तों ने काटा है।

    सभी पीड़ितों को एंटी-रेबीज इंजेक्शन की तीन खुराक दी गई थी। अस्पताल कर्मियों का कहना है कि इस बार मरीजों की संख्या पिछले वर्षों की तुलना में बहुत अधिक है, जो स्थिति की गंभीरता को दर्शाता है। ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति और भी भयावह है।

    कई लोग आवारा कुत्तों को दरवाजे पर पालते हैं, लेकिन उनके गले में पट्टा या जंजीर नहीं डालते हैं, जिससे ये कुत्ते आसानी से दूसरों को निशाना बना लेते हैं। कई बार ऐसे हमलों के बाद ग्रामीणों में लड़ाई-झगड़ा भी हो जाता है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तत्काल सख्त कार्रवाई की मांग की है।

    उनकी मांग है कि आवारा कुत्तों को नियमित रूप से पकड़ा जाए, उनका टीकाकरण किया जाए और पालतू जानवरों के मालिकों को जिम्मेदारी लेने के लिए बाध्य किया जाए। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो स्थिति और बिगड़ सकती है।

    मासिक कुत्ते के काटने के मामले

    महीना कुत्ते के काटने के मामले
    जनवरी 105
    फरवरी 103
    मार्च 95
    अप्रैल 97
    मई 107
    जून 96
    जुलाई 97

    रेफरल अस्पताल में कुत्ते के काटने के लिए एंटी-रेबीज इंजेक्शन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। जनवरी से जुलाई तक 700 लोगों को कुत्ते के काटने के बाद एंटी-रेबीज इंजेक्शन दिया जा चुका है। खासकर जनवरी से मार्च तक मामले ज्यादा सामने आते हैं।

    -डॉ. सुनील कुमार, रेफरल इंचार्ज, अमरपुर