भागलपुर जिले की सड़कों पर दौड़ रहे मॉडिफाइड वाहनों पर होगी सख्ती, परिवहन विभाग ने बनाया प्लान
भागलपुर में परिवहन विभाग अब नियमों के खिलाफ चल रहे मॉडिफाइड वाहनों पर सख्त कार्रवाई करेगा। सड़क सुरक्षा सप्ताह के दौरान "रोको-टोको" अभियान में कई वाहन ...और पढ़ें

स्लीपर बसों की जांच करती परिवहन विभाग की टीम
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जागरण संवाददाता, भागलपुर। जिले और शहरी इलाकों में नियमों को दरकिनार कर चलाए जा रहे मॉडिफाइड वाहनों पर अब परिवहन विभाग शिकंजा कसेगा। सड़क सुरक्षा सप्ताह के तहत मंगलवार को चलाए गए रोको-टोको अभियान के दौरान बाइक, फूड वैन, आटो, कार और बस सहित कई तरह के वाहन जांच के दायरे में आए।
जांच में पाया गया कि कई दोपहिया वाहनों में साइलेंसर, लाइट और बॉडी में बदलाव किया गया था, जबकि व्यावसायिक वाहनों का ढांचा बिना अनुमति बदला गया था। दरअसल, परिवहन मंत्री ने बीते दिन स्पष्ट किया है कि शोरूम से सीटर बस के रूप में पंजीकृत वाहनों को स्लीपर बस में बदलना पूरी तरह अवैध है।
इसी तरह बाइक, कार या अन्य वाहनों के साइलेंसर, इंजन, बाडी स्ट्रक्चर या लाइटिंग में अनधिकृत बदलाव भी नियमों के खिलाफ है। इस पर सख्ती के लिए डीटीओ और एमवीआई निर्देश दिया गया था।
मोटर वाहन निरीक्षक (एमवीआई) कुणाल कुमार ने बताया कि बिना विभागीय अनुमति किसी भी प्रकार का माडिफिकेशन कराना कानूनन अपराध है। ऐसे मामलों में वाहन जब्ती, जुर्माना और परमिट रद करने तक की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि विशेष अभियान चलाकर ऐसे वाहनों को चिह्नित कर कार्रवाई होगी।
स्लीपर बसों में ये सुविधाएं और उपकरण होना अनिवार्य
परिवहन विभाग के अनुसार, स्लीपर बसों में यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए कई व्यवस्थाएं अनिवार्य की गई हैं। प्रत्येक स्लीपर बस में फायर डिटेक्शन सिस्टम, आपातकालीन निकास द्वार, फायर एक्सटिंग्विशर और इमरजेंसी हैमर होना जरूरी है।
इसके अलावा बस में इमरजेंसी लाइट, नान-स्लिप फर्श, पर्याप्त वेंटिलेशन और मजबूत बर्थ स्ट्रक्चर होना चाहिए। ड्राइवर के केबिन में फायर रेजिस्टेंट बैरियर लगाया जाना अनिवार्य है।
स्लीपर बर्थ का आकार, ऊंचाई और दूरी निर्धारित मानकों के अनुरूप होना चाहिए। ओवरलोडिंग या अतिरिक्त बर्थ लगाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।
सड़क सुरक्षा सप्ताह में चला रोको-टोको अभियान
सड़क सुरक्षा सप्ताह के तहत मंगलवार को जिले के विभिन्न इलाकों में रोको-टोको अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान वाहनों को रोककर गहन जांच की गई और चालकों को हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने व यातायात संकेतों का पालन करने के महत्व के बारे में जागरूक किया गया। इस दौरान एमवीआई सत्येंद्र मिश्रा, कुणाल कुमार और राजू कुमार सहित अन्य मौजूद रहे।

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