भागलपुर में लगेगा डॉप्लर वेदर रडार, मौसम पूर्वानुमान होगी और सटीक; किसानों-आम लोगों को बड़ा लाभ
भागलपुर में डॉप्लर वेदर रडार स्थापित किया जाएगा, जिससे मौसम पूर्वानुमान की सटीकता कई गुना बढ़ जाएगी। बिहार सरकार ने इसकी घोषणा बजट में की थी। यह रडार ...और पढ़ें

भागलपुर में लगेगा डॉप्लर वेदर रडार
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ललन तिवारी, भागलपुर। मौसम की और अधिक सटीक जानकारी प्राप्त करने के लिए भागलपुर में डॉप्लर वेदर रडार स्थापित किया जाएगा। बिहार सरकार ने बजट में ही इसकी घोषणा की थी। इसके लगने से मौसम प्रणाली की निगरानी और पूर्वानुमान क्षमता कई गुना बढ़ जाएगी। क्षेत्र को त्वरित व विश्वसनीय मौसम जानकारी मिल सकेगी।
तैयार किया गया दूरदर्शी रोडमैप
भागलपुर में मौसम सेवाओं को नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने ठोस और दूरदर्शी रोडमैप तैयार किया है। आईएमडी के स्थापना दिवस (15 जनवरी) पर यह स्पष्ट किया गया कि आने वाले वर्षों में भागलपुर और आसपास के क्षेत्रों को और अधिक सटीक, आधुनिक तथा भरोसेमंद मौसम पूर्वानुमान उपलब्ध कराया जाएगा।
इसका सीधा लाभ किसानों, आम नागरिकों, प्रशासन और आपदा प्रबंधन से जुड़े तंत्र को मिलेगा। आईएमडी स्थापना दिवस पर भागलपुर के लिए यह रोडमैप न सिर्फ मौसम विज्ञान के क्षेत्र में एक नई शुरुआत है, बल्कि कृषि और आपदा प्रबंधन को मजबूत करने की दिशा में भी अहम कदम माना जा रहा है।
ट्रांसमिशन सिस्टम को लगातार मजबूत किया जा रहा
वर्ष 1950 में स्थापित भागलपुर मौसम वेधशाला को 10 जनवरी 2024 से बिहार कृषि विश्वविद्यालय (बीएयू), सबौर परिसर में स्थानांतरित कर अत्याधुनिक स्वरूप दिया गया है। यहां स्वचालित मौसम प्रेक्षण प्रणाली (ऑटोमेटिक वेदर स्टेशन), एडवांस्ड रेन गेज और रियल-टाइम डाटा ट्रांसमिशन सिस्टम को लगातार मजबूत किया जा रहा है, ताकि मौसम से जुड़ा हर आंकड़ा समय पर और सटीक रूप से उपलब्ध हो सके। आईएमडी के रोडमैप में ऊपरी वायुमंडलीय प्रेक्षण (अपर एयर आब्जर्वेशन) सुविधा शुरू करने का लक्ष्य भी शामिल है। इसके शुरू होने से तापमान, आर्द्रता, हवा की गति और दिशा जैसे महत्वपूर्ण तत्वों की गहराई से निगरानी संभव होगी। इस उन्नत व्यवस्था का सबसे बड़ा लाभ किसानों को मिलेगा।
आपदाओं की पूर्व सूचना समय रहते मिलेगी
फसल बोआई, सिंचाई, कटाई, मौसम आधारित कृषि सलाह, आपदा पूर्व चेतावनी, फसल बीमा क्लेम और क्षतिपूर्ति जैसे मामलों में प्रमाणिक और वैज्ञानिक डाटा उपलब्ध हो सकेगा। साथ ही, बाढ़, वज्रपात, हीट वेव और शीतलहर जैसी आपदाओं की पूर्व सूचना समय रहते मिलने से जन-धन की क्षति कम करने में मदद मिलेगी।
क्या है डॉप्लर रडार
यह एक विशेष प्रकार का रडार है जो डॉप्लर प्रभाव का उपयोग करके दूर की वस्तुओं की गति (वेग और दिशा) को मापता है; यह माइक्रोवेव सिग्नल भेजकर और वापस आने वाली तरंगों की आवृत्ति में बदलाव का विश्लेषण करके काम करता है, जिससे मौसम की निगरानी (तूफान, बारिश), विमानन और पुलिस द्वारा गति मापने जैसे क्षेत्रों में सटीक जानकारी मिलती है।
बीएयू सबौर में स्थानांतरित आईएमडी कार्यालय को अत्याधुनिक किया जा रहा है। आने वाले समय में यहां से और भी सटीक मौसम की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे किसानों और आम लोगों को व्यापक लाभ मिलेगा। इसके बहुआयामी सकारात्मक प्रभाव देखने को मिलेंगे। - नवजीत कुमार, मौसम विज्ञानी ए, कार्यालय प्रभारी, भारत मौसम विज्ञान विभाग, भागलपुर

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