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    भागलपुर : स्कूल में पढ़ाने के बदले कार्यलय में शिक्षक लगा रहे थे चक्कर, कट गया वेतन

    Updated: Fri, 09 Jan 2026 12:13 PM (IST)

    भागलपुर में एक शिक्षक, अमरेन्द्र कुमार सिंह, को स्कूल समय में बिना अवकाश डीपीओ कार्यालय पहुंचने पर वेतन कटौती का सामना करना पड़ा। शिक्षा विभाग ने इसे ...और पढ़ें

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    प्रतीकात्मक तस्वीर

    जागरण संवाददाता, भागलपुर। शिक्षा विभाग में अनुशासनहीनता पर सख्ती के संकेत देते हुए डीपीओ (स्थापना) ने एक शिक्षक के विरुद्ध कड़ा रुख अपनाया है। सन्हौला के उर्दू प्राथमिक विद्यालय, अरारफनगर मे पदस्थापित शिक्षक अमरेन्द्र कुमार सिंह गुरुवार को बिना अवकाश लिए विद्यालय छोड़कर डीपीओ कार्यालय पहुंचे थे। रिकार्ड के अनुसार वे अपराह्न 12:34 बजे कार्यालय में उपस्थित पाए गए, जबकि उस समय उन्हें विद्यालय में शैक्षणिक दायित्वों का निर्वहन करना चाहिए था। वहीं पूछताछ के दौरान शिक्षक ने स्वयं स्वीकार किया कि उन्होंने बिना किसी पूर्व सूचना अथवा स्वीकृत अवकाश लिए विद्यालय से कार्यालय आए हैं।

    • सन्हौला के उर्दू प्राथमिक विद्यालय अरारफनगर में कार्यरत हैं शिक्षक अमरेन्द्र कुमार सिंह
    • पूछताछ में खुद बोले बिना अवकाश लिए विद्यालय छोड़कर डीपीओ कार्यालय पहुंचे थे
    • डीपीओ स्थापना ने 72 घंटे में मांगा जवाब, एक दिन का वेतन हुआ स्थगित

    जिसके बाद जिला शिक्षा विभाग ने इस पर संज्ञान लिया है। विभाग ने इसे आचरण को स्वेच्छाचारिता, अनुशासनहीनता और घोर लापरवाही की श्रेणी में माना है। मामले की गंभीरता को देखते हुए 08 जनवरी का वेतन तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया गया है। साथ ही शिक्षक तीन दिनों के भीतर लिखित स्पष्टीकरण मांगा है। अगर तय समय में संतोषजनक उत्तर नहीं मिलेगा तो यह माना जाएगा कि संबंधित शिक्षक के पास अपने बचाव में कुछ भी कहने को नहीं है और उनके विरुद्ध एकतरफा अनुशासनिक कार्रवाई प्रारंभ कर दी जाएगी।

    अब स्कूल के समय विभाग आने वाले शिक्षकों की होगी जांच

    इधर, जिला शिक्षापदाधिकारी राजकुमार शर्मा ने भी इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि बिना स्वीकृत अवकाश के जिला शिक्षा विभाग कार्यालय में बेवजह आने वाले शिक्षकों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। डीईओ ने डीपीओ (स्थापना) को निर्देश दिया है कि यदि कोई शिक्षक कार्यालय में उपस्थित होता है तो सबसे पहले यह जांच की जाए कि वह विधिवत अवकाश लेकर आया है या नहीं।

    कार्रवाई की जाएगी

    राजकुमार शर्मा ने कहा कि अक्सर देखा जा रहा है कि कई शिक्षक विद्यालय छोड़कर जिला शिक्षा विभाग कार्यालय में अनावश्यक रूप से घूमते रहते हैं, जिससे न केवल विद्यालयों की शैक्षणिक व्यवस्था प्रभावित होती है, बल्कि छात्रों की पढ़ाई भी बाधित होती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में ऐसी लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी पाए जाने वालों पर सख्त विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।