भागलपुर : निजी बस कंडक्टरों ने पिंक बस से यात्रियों को उतारा, महिला कंडक्टर से किया दुर्व्यवहार, शीशा तोड़ा
भागलपुर में पिंक बस सेवा पर निजी बस कर्मियों की मनमानी सामने आई है। जीरो माइल पर निजी बस कंडक्टरों ने नवगछिया जा रही पिंक बस से 12 यात्रियों को जबरन उ ...और पढ़ें

भागलपुर में पिंक बस चालक और कंडक्टर से किया अभद्र व्यवहार।
जागरण संवाददाता, भागलपुर। महिलाओं की सुरक्षित और सम्मानजनक यात्रा के उद्देश्य से सरकार द्वारा चलाई जा रही पिंक बस सेवा पर निजी बस कर्मियों की मनमानी भारी पड़ती दिख रही है। बुधवार सुबह करीब 9:45 बजे जीरो माइल बस स्टैंड के पास नवगछिया जा रही पिंक बस की महिला कंडक्टर शहंशाह कुमारी और ड्राइवर सुजीत कुमार के साथ निजी बस कंडक्टरों ने बदतमीजी की।
निजी बस कर्मियों ने जबरन पिंक बस से 12 यात्रियों को उतार दिया। जब महिला कंडक्टर ने इसका विरोध किया तो उनके साथ गाली-गलौज की गई और बस की लुकिंग ग्लास भी तोड़ दी गई। घटना के बाद पिंक बस कर्मियों में आक्रोश है। उनका कहना है कि जीरो माइल और नवगछिया क्षेत्र में सरकारी बसों को बार-बार निशाना बनाया जा रहा है। इससे न सिर्फ महिला कंडक्टरों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं, बल्कि सरकार की महिला सशक्तीकरण और सुरक्षित यात्रा की योजना भी प्रभावित हो रही है।
- सुबह 9:45 में नवगछिया की ओर जा रही थी पिंक बस जीरो माइल में प्राइवेट बस के कंडक्टरों ने की बदतमीजी
- जीरो माइल चौक पर अवैध बस पड़ाव और नियमों की अनदेखी, 100 मीटर का नियम भी फेल यातायात विभाग चुप
- क्षेत्रीय प्रबंधक बोले पिंक बस में लगे सीसीटीवी लिए जाएंगे फुटेज, वाहन को चिन्हित करते हुए दर्ज होगा एफआईआर
क्षेत्रीय प्रबंधक पवन शांडिल्य ने बताया कि पूरे मामले की जानकारी मिली है। पिंक बस में सीसीटीवी कैमरा लगा हुआ है, जिससे घटना से जुड़े फुटेज भी निकल जाएंगे। उन्होंने कहा कि संबंधित निजी बसों और वाहन स्वामियों को चिन्हित कर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही पूरे मामले की सूचना मुख्यालय को भी भेजी जा रही है, ताकि आगे सख्त कदम उठाए जा सकें।
मीटर दायरे में नियम, फिर भी अवैध ठहराव
जीरो माइल चौक के पास अवैध रूप से बने बस पड़ाव को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। शहरी क्षेत्र से बस स्टैंड बाहर शिफ्ट किए जाने के बावजूद यहां निजी बसों का ठहराव लगातार जारी है। इससे आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और जाम की स्थिति बनी रहती है। यातायात पुलिस की ओर से चौराहे के 100 मीटर के दायरे में वाहन खड़ा करने पर जुर्माने का बोर्ड भी लगाया गया है, लेकिन इसका पालन नहीं हो रहा है।
बिना काउंटर सिग्नेचर के चल रही बसें
क्षेत्रीय प्रबंधक ने यह भी बताया कि यदि किसी बस का संचालन दो आरटीए क्षेत्र में होता है, तो उसके लिए काउंटर सिग्नेचर अनिवार्य है। इसके बावजूद कई निजी बसें बिना काउंटर सिग्नेचर के रोजाना चल रही हैं। इस पर अब तक ठोस कार्रवाई नहीं होने से निजी बस संचालकों के हौसले बुलंद हैं और सरकारी बस सेवाओं को लगातार बाधा पहुंचाई जा रही है।

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