बिना अनुमति दरभंगा जिले में पैथोलाजी सेंटर संचालित, स्वास्थ्य विभाग मौन क्यों?
दरभंगा जिले के बेनीपुर और अलीनगर में अवैध पैथोलाजी सेंटर और अल्ट्रासाउंड सेंटर खुलेआम चल रहे हैं। इन सेंटरों में योग्य डाक्टरों और तकनीशियनों की कमी है, जिससे मरीजों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है। सिविल सर्जन कार्यालय में रिपोर्ट भेजने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई है, क्योंकि बाबुओं के साथ मिलीभगत से मामले को दबा दिया गया है। गरीब मरीज निजी क्लीनिकों और फर्जी जांच घरों में फंसने को मजबूर हैं।

बेनीपुर के एक पैथोलाजी सेंटर पर ब्लड जांच के लिए बैठीं महिलाएं। जागरण
संवाद सहयोगी, बेनीपुर (दरभंगा) । बेनीपुर एवं अलीनगर प्रखंड क्षेत्र में खुलेआम अवैध जांच घर (पैथोलाजी सेटर) एवं अल्ट्रासाउंड का संचालन हो रहा है। इन अवैध जांच घरों व अल्ट्रासाउंड में योग्य डाक्टरों एवं तकनीशियन अभाव है।
कई जांच घर व अल्ट्रासाउंड सेंटर ऐसे हैं जहां 10 वीं से लेकर बीए पास व्यक्ति जांच कर गांवों से आए भोले भाले मरीजों के जीवन के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। क्षेत्र के बेनीपुर, भरतचौक, बहेड़ा, अलीनगर, आशापुर में संचालित ऐसे जांच घरों के संचालकों को निजी क्लीनिक व नर्सिंग होम चला रहे कई डाक्टरों का संरक्षण प्राप्त हैं।
इन डाक्टरों द्वारा ऐसे जांच घर में जांच संबंधित पुर्जा भेजने के एवज में पैथोलाजी संचालकों से अच्छी खासी कमीशन की राशि मिलती है। दरभंगा के तत्कालीन सिविल सर्जन के निर्देश पर अनुमंडलीय अस्पताल के तत्कालीन उपाधीक्षक ने बिना लाइसेंस एवं योग्य डाक्टरों से क्षेत्र में संचालित 22 फर्जी जांच घरों के संबध में अपनी रिपोर्ट सिविल सर्जन कार्यालय में भेजी थी, लेकिन अवैध जांच घर संचालकों ने सिविल सर्जन कार्यालय के बाबुओं से मिलीभगत कर उपाधीक्षक की रिपोर्ट को रफा-दफा करा दिया।
फिर मजे से अपने जांच घर को चला रहे हैं। तीन बार सिविल सर्जन के निर्देश जांच केंद्रों तथा अल्ट्रासाउंड की छानबीन की गई थी, लेकिन मामले को रफा दफा कर दिया गया। बताया जाता हैं कि ऐसे फर्जी जांच घर एवं अल्ट्रासाउंड सेंटर के संचालकों द्वारा महीना में एक बार अवैध रकम सीएस कार्यालय के बाबुओं तक पहुंचा दिया जाता है।
यहां की विडंबना यह है कि क्षेत्र के अधिकांश गरीब तबके के मरीज दरभंगा जाकर इलाज करवाने में असमर्थ हैं और यहां के सरकारी अस्पतालों में चिकित्सीय व्यवस्था माकूल नहीं रहने से निजी नर्सिंग होम या फिर निजी क्लीनिक चला रहे डाक्टरों के चंगुल में फंसकर फर्जी जांच घरों में जाकर अपनी जांच करा रहे हैं।
10वीं से लेकर बीए पास व्यक्ति जांच कर गांवों से आए भोले भाले मरीजों के जीवन के साथ कर रहे खिलवाड़ अल्ट्रासाउंड व फर्जी जांच घरों के संबंध में पहले ही सिविल सर्जन को रिपोर्ट भेजी जा चुकी है। वहां के निर्देश पर ही आगे की कार्रवाई होगी।
--डा. कुमारी भारती, प्रभारी उपाधीक्षक, अनुमंडलीय अस्पताल, बेनीपुर।

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