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    इस पंचायत ने खोल दिए नल-जल योजना की पोल,एक सरकारी चापाकल के भरोसे बुझती है लोगों की प्यास

    Updated: Fri, 29 Aug 2025 03:28 PM (IST)

    मुंगेर जिले के बरियारपुर प्रखंड स्थित करहरिया पूर्वी पंचायत कई समस्याओं से जूझ रही है। यहाँ पेयजल और सिंचाई की भारी कमी है जिससे किसान परेशान हैं। महादलित बस्ती मुरला मुसहरी में विकास नहीं पहुंचा है और हर घर नल का जल योजना विफल हो गई है। सिंचाई की व्यवस्था न होने से किसान साल में केवल एक फसल पर निर्भर हैं।

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    इस छोटे पंचायत में समस्याएं सबसे बड़ी

    संजीव कुमार, बरियारपुर (मुंगेर)। प्रखंड मुख्यालय से लगभग सात किमी दूर करहरिया पूर्वी पंचातय में हैं। इस पंचायत की आबादी दूसरी पंचायत की तुलना में काफी कम है। इसलिए इसे प्रखंड की सबसे छोटी पंचायत भी कहा जाता है। सबसे छोटी पंचायत में समस्याएं बड़ी हैं।

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    यहां सबसे बड़ी समस्या पेयजल व सिंचाई की है। पंचायत की अधिकतर आबादी कृषि, पशुपालन तथा मजदूरी पर निर्भर है। किसान उपजाऊ जमीन रहने के बाद भी सिंचाई की व्यवस्था नहीं रहने से दिनों दिन गरीब होते जा रहे हैं। पेयजल की व्यवस्था काफी खराब है। सड़कें जर्जर है।

    पंचायत से लगभग दो किलोमीटर दूर महादलित बस्ती मुरला मुसहरी की हालत दयनीय है। विकास की रोशनी से यह बस्ती आज भी दूर है। गांव में हर घर नल का जल नहीं पहुंची है। गांव की आबादी लगभग छह सौ है। गांव के सभी चापानल खराब हैं। एक कुआं भी है, पर वह भी मृत हो गया है।

    एक सरकारी चापाकल ठीक है, इस पर गांव के लोगों की प्यास बुझती है। गांव में एक शौचालय बना है, लेकिन शौचालय की हालत दयनीय है । गांव में विद्यालय भवन नहीं रहने से सामुदायिक भवन में बच्चे पढ़ने को बाध्य हैं। ॉ

    इस गांव से पीछे लौटने पर पंचायत का तुलसीपुर टोला का वार्ड संख्या एक व दो है जहां दोनों में जल नल का काम हुआ है, लेकिन सिर्फ एक वार्ड को ही पानी मिलता है।इस पंचायत में सरकारी एजेंसी से हर घर नल का जल का काम किया गया है। वार्ड के हर घर तक पाइप बिछाकर टोटी नहीं लगाई गई है।

    250 घरों में कनेक्शन तक नहीं

    वार्ड संख्या तीन में 250 घर हैं, लेकिन जल नल का पाइप नहीं पहुंचा है। वार्ड संख्या छह के आधे वार्ड में पाइप लगाई गई है तथा आधा में नहीं है। इस वार्ड की सड़कें भी टूटी हुई है। सिंचाई की व्यवस्था नहीं रहने से किसानों को काफी परेशानी होती है।

    किसान साल भर में एक फसल पर आश्रित रहते हैं। पशु चिकित्सालय नहीं रहने से पशुपालकों को ग्रामीण पशु चिकित्सक से पशुओं का इलाज कराना पड़ता है। पंचायत में नाली गली का काम नहीं हुआ है। जगह बिजली भी नहीं पहुंच पाई है।

    पंचायत में मणी नदी बहती है। इसके कटाव से उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के कटने का खतरा मंडरा रहा है। प्राथमिक विद्यालय तुलसीपुर का भवन जर्जर है। विद्यालय को पंचायत भवन में चलाया जा रहा है। पंचायत के दास टोला में सड़क नहीं बनी है। बरसात में लोग कीचड़ में प्रवेश कर आते जाते हैं।

    ग्रामीणों की सुने

    राजेश सिंह कहते हैं वार्ड संख्या दो में नली-गली नहीं बनने से लोग घरों के पानी को सड़क पर गिराने को मजबूर हैं। सरकार नाली गली के लिए राशि देती है, लेकिन पंचायत में इसका काम नहीं हो रहा है। बिजली का पोल जरूरत की जगह पर नहीं दिया गया है।

    मृत्युंजय यादव कहते हैं कि सिंचाई की व्यवस्था नहीं रहने से किसानों को काफी परेशानी होती है। मक्का की फसल सिंचाई व्यवस्था के अभाव में खराब हो रही है। मणी नदी इससे होकर बहती है, लेकिन छिल्का नहीं रहने से किसानों को इसका लाभ नहीं मिल पाता है।

    पिंटू राज कहते हैं पंचायत में पेयजल की व्यवस्था नहीं रहने से लोगों को परेशानी होती है। हर घर नल का जल पंचायत में पूरी तरह फेल है। गर्मी में लोगों को पेयजल के लिए सरकारी चापानल पर निर्भर रहना पड़ता है। सरकार तथा प्रशासन इस व्यवस्था को सुदृढ़ करें।

    नल का जल का काम पीएचईडी से हुआ है। काम सही ढंग से नहीं हुआ है। विभाग को कई बार जानकारी दी गई है। सिंचाई तथा अन्य समस्याओं के समाधान के लिए प्रशासन से कहा गया है। सभी वार्डों का विकास किया जा रहा है। खुद तत्पर रहते हैं। दास टोला में सड़क नहीं बनी है। सभी टोलों को मुख्य सड़क से जोड़ा गया है। -नंदलाल मंडल, मुखिया

    पंचायत एक नजर में

    प्रखंड - बरियारपुर

    पंचायत - करहरिया पूर्वी

    मुखिया - नंदलाल मंडल

    सरपंच - अनिल पासवान

    पंचायत समिति - सोनी देवी सदस्य

    पंचायत भवन- 01

    पशु अस्पताल-एक भी नहीं

    पोस्ट ऑफिस- एक है

    पंचायत सरकार भवन- एक नहीं