Khudiram Bose को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए अरिंदम लगाएंगे 50 किमी की दौड़, महान स्वतंत्रता सेनानी से है खास कनेक्शन
Muzaffarpur News अमर बलिदानी खुदीराम बोस के शहादत दिवस पर मिदनापुर के अरिंदम उन्हें श्रद्धांजलि देने मुजफ्फरपुर आ रहे हैं। वे शहीद स्मारक से पूसा रोड तक 50 किमी की दौड़ लगाएंगे खुदीराम बोस के मार्ग का अनुसरण करेंगे। उनका उद्देश्य नई पीढ़ी को खुदीराम के आदर्शों से जोड़ना है। वे कौन खुदीराम नामक एक हिंदी पुस्तक का विमोचन भी करेंगे जिसमें शहीद के जीवन के अनछुए पहलू हैं।

जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। अमर शहीद खुदीराम बोस की जन्मभूमि मिदनापुर के अरिंदम इस बार उनके ऐतिहासिक सफर को दोहराने के उद्देश्य से विशेष पहल कर रहे हैं। वह 10 अगस्त को मुजफ्फरपुर के शहीद स्मारक स्थल से पूसा रोड तक लगभग 50 किलोमीटर की दौड़ लगाएंगे।
यह दौड़ रेलवे स्टेशनों को जोड़ते हुए सड़क मार्ग से होगी, जिसके लिए वे इन दिनों अभ्यास में जुटे हैं। वह हर वर्ष शहीद के गांव से मिट्टी और माता का प्रसाद लेकर मुजफ्फरपुर आते हैं। इस बार वह दौड़ के माध्यम से खुदीराम के साहसिक मार्ग का अनुसरण करेंगे।
उनका कहना है कि जिस रास्ते से बलिदानी खुदीराम अंग्रेज अधिकारी की बग्घी पर बम फेंकने के बाद रेलवे लाइन के सहारे पूसा तक पहुंचे थे, उसी मार्ग पर वे दौड़कर श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। कहा कि उनका उद्देश्य नई पीढ़ी को खुदीराम के त्याग, बलिदान और आदर्शों से जोड़ना है।
दौड़ के अंत में वे पूसा स्टेशन पर बसंत सुंदरी नामक पौधा लगाएंगे। उन्होंने इस योजना की जानकारी जिलाधिकारी, रेलवे अधिकारियों और संबंधित प्रशासनिक पदाधिकारियों को दे दी है। कहा कि खुदीराम बोस के जीवन से इतने प्रेरित हैं कि उन्होंने सबुज खुदीराम नाम से पौधा रोपण अभियान शुरू किया है।
इसके अलावा उन्होंने बंगाली में खुदीराम पुस्तक प्रकाशित की है। अब हिंदी संस्करण कौन खुदीराम को 11 अगस्त, शहादत दिवस पर विमोचित किया जाएगा। इस पुस्तक में खुदीराम से जुड़े कई अनछुए पहलू, पत्र, अखबार की कतरनें और 200 से अधिक चित्र शामिल हैं। उन्होंने इसे खुदीराम को समर्पित एक प्रेरणात्मक यात्रा बताया है। पुस्तक केन्द्रीय कारा की लाइब्रेरी के साथ जिला प्रशासन को देंगे।
विकसित होगा बलिदानी खुदीराम बोस चिताभूमि स्थल
मुजफ्फरपुर : शहर के चंदवारा स्थित बलिदानी खुदीराम बोस चिताभूमि स्थल पर उनके बलिदान की कहानी लोगों को बताई जाएगी। इस स्थान को विकसित किया जाएगा। इसकी प्रक्रिया शुरू हो गई है। दरअसल, पिछले दिनों राज्य कैबिनेट की बैठक में चंदवारा से दरभंगा रोड को जोड़ने के लिए फेज-टू के तहत नई सड़क बनाने की स्वीकृति प्रदान की गई थी।
इसपर करीब 120 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इस राशि से भूमि अधिग्रहण का कार्य भी होगा। इसपर करीब 80 करोड़ रुपये खर्च करने का अनुमानित लागत तैयार किया गया है। यह सड़क चिताभूमि के पास से बनेगी, जो चंदवारा पुल तक पहुंचेगी।
पुल के आगे इसे दरभंगा रोड में जोड़ा जएगा। इसकी कुल लंबाई 2.9 किलोमीटर होगी। इसी योजना में चिताभूमि के सौंदर्यीकरण को भी शामिल किया गया है। पुल निर्माण निगम लिमिटेड को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। विभाग ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है।
विभाग के एक पदाधिकारी ने बताया कि कार्यस्थल का निरीक्षण कर सौंदर्यीकरण करने की रूपरेखा तय कर ली है। उन्होंने बताया कि शीघ्र ही कार्य शुरू करा दिया जाएगा। चिताभूमि का सौंदर्यीकरण फेज-टू के अंतर्गत होना है, लेकिन अब दोनों कार्य साथ-साथ किया जाएगा। इसके विकसित होने के बाद चंदवारा-दरभंगा रोड को जोड़ने वाली संपर्क पथ का निर्माण शुरू किया जाएगा।
बताया गया कि 11 अगस्त को खुदीराम बोस का फांसी दिवस है। इससे पूर्व सौंदर्यीकरण का कार्य पूरा करने का लक्ष्य था, लेकिन टेंडर प्रक्रिया और भूमि अधिग्रहण में देरी के कारण अभी इसमें पेच फंसा हुआ है। इस स्थल को विकसित करने का यह भी एक उद्देश्य है कि प्रशासन भविष्य को लेकर संभावनाएं तालाश कर रहा है।
आवागमन बढ़ने से पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। सौंदर्यीकरण के बाद प्रत्येक वर्ष फांसी दिवस के अवसर पर वहां पर भव्य आयोजन किया जा सके। वहां पर पार्क भी विकसित किया जाएगा। चिताभूमि स्थल को थीम आधारित बनाया जाएगा। ताकि पूरे घटनाक्रम को समझा जा सके। छतदार ढांचा का भी जीर्णोद्धार किया जाएगा।
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