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    Bihar News: पत्रकार राजदेव रंजन हत्याकांड में सीबीआइ की विशेष अदालत ने लड्डन मियां समेत तीन आरोपितों को किया बरी

    Updated: Sat, 30 Aug 2025 03:22 PM (IST)

    Bihar News पत्रकार राजदेव रंजन की बिहार के सीवान में 13 मई 2016 को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। केवल सिवान ही नहीं वरन पूरे देश का यह चर्चित मामला रहा था। इस मामले में सिवान के पूर्व सांसद शहाबुद्दीन सहित आठ आरोपितों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई थी। हालांकि कोरोना महामारी के दौरान शहाबुद्दीन की मौत हो गई थी।

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    यह तस्वीर जागरण आर्काइव से ली गई है।

    जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर।  सिवान रेलवे स्टेशन के निकट नौ वर्ष पूर्व पत्रकार राजदेव रंजन की गोली मारकर हत्या मामले में शनिवार को तीन आरोपितों को विशेष सीबीआइ कोर्ट ने रिहा कर दिया है। वहीं तीन आरोपितों को दोषी करार दिया गया है। जिन्हें बरी किया गया है।

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    उसमें आरोपित लड्डन मियां उर्फ अजहरुद्दीन बेग, राजेश कुमार और रिश कुमार जायसवाल शामिल है। इन सभी को साक्ष्य के अभाव में कोर्ट के द्वारा रिहा किया गया है। वहीं जिन्हें दोषी करार दिया गया है। उसमें रोहित कुमार सोनी, विजय कुमार गुप्ता और सोनू कुमार गुप्ता शामिल है।

    सजा की बिंदु पर विशेष सीबीआई कोर्ट में 10 सितंबर को सुनवाई होगी। विदित हो कि 13 मई 2016 को सिवान रेलवे स्टेशन के निकट पत्रकार राजदेव रंजन को बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। उनकी पत्नी आशा यादव ने सिवान के नगर थाना में प्राथमिकी कराई थी। इसमें अज्ञात को आरोपित किया था।

    इसमें कहा था कि उनके पति एक दैनिक समाचार पत्र में प्रभारी थे। उनके पति घटना के दिन शाम सवा सात बजे कार्यालय में थे। इस बीच उन्हें काल आया तो वह स्टेशन रोड गए। वहां पहले से घात लगाए पेशेवर बदमाशों ने उन्हें रोका। इसके बाद साइलेंसर युक्त बंदूक से उनपर तड़ातड़ फायरिंग की गई।

    पांच गोली राजदेव रंजन के पेट, सिर और गला में लगी। मौके पर ही उनकी मौत हो गई थी। पहले इस केस की जांच पुलिस कर रही थी। पुलिस ने घटना में सात आरोपितों की संलिप्तता पाई थी। इसमें एक किशोर था। किशोर का ट्रायल अलग चल रहा है।

    पुलिस ने छह आरोपितों पर 20 अगस्त 2016 को चार्जशीट दाखिल किया था। इसमें सिवान जिले के नगर थाना के रामनगर के रहने वाले लड्डन मियां उर्फ अजहरूद्दीन बेग, मोलेश्वरी चौक के रोहित कुमार सोनी, शुक्ला टोली के विजय कुमार गुप्ता, बबुनिया रोड अड्डा नंबर दो के राजेश कुमार, शुक्ला टोली के सोनू कुमार गुप्ता व बड़ी मस्जिद चौक बाजार के रिशु कुमार जायसवाल शामिल है।

    इसके बाद केस की जांच का जिम्मा 15 सितंबर 2016 को सीबीआई को सौंपा गया था। सीबीआई ने केस की जांच में सिवान के पूर्व सांसद शहाबुद्दीन सहित आठ आरोपितों के विरुद्ध विशेष सीबीआई कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। सत्र विचारण के दौरान आरोपित शहाबुद्दीन की मौत हो चुकी है।

    मामले की जांच और अदालती कार्यवाही

    • जांच शुरू में बिहार पुलिस ने की, लेकिन बाद में इसे सीबीआइ को सौंप दिया गया।
    • सीबीआई ने 69 गवाहों और 111 प्रदर्शों को कोर्ट में पेश किए
    • आरोपितों से 183 सवाल पूछे गए

    मुख्य गवाह की मौत

     इस मामले की मुख्य गवाह बादामी देवी की लंबी बीमारी के बाद मौत हो गई। बादामी देवी की जमीन पर कब्जा करने के आरोप में राजदेव रंजन की हत्या का आरोप लगाया गया था। .

    आरोपी

    •  अजहरूद्दीन उर्फ लड्डन मियां
    •  रोहित कुमार
    •  सोनू कुमार गुप्ता
    •  राजेश कुमार
    •  रीशु कुमार जायसवाल
    •  विजय कुमार गुप्ता (जमानत पर)