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    शरीर में पानी की कमी होने पर ALERT भेजेगा Hydrax, बिहार के इंजीनियरिंग के विद्यार्थियों ने विकसित किया अनूठा उपकरण

    Updated: Wed, 06 Aug 2025 02:56 PM (IST)

    Bihar News यह उपकरण डायरिया जैसे बीमारी की प्रारंभिक अवस्था की जानकारी उपलब्ध करा देगा। इसकी मदद से बच्चों वयस्कों और बुज़ुर्गों के स्वास्थ्य की निगरानी की जा सकती है। आइआइटी पटना के इंक्युबेशन सेंटर की ओर से ईमेल भेजकर इस स्टार्ट अप के चयन की जानकारी दी गई है। टीम लीडर ने बताया कि हाइड्रैक्स को इससे पहले कई राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भी मान्यता दी गई है।

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    इस उपकरण को विकसित करने वाले विद्यार्थी। सौ. स्वयं

    जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। एमआइटी (मुजफ्फरपुर इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलाजी) के छात्र की ओर से विकसित स्टार्टअप हाइड्रैक्स का चयन पटना आइआइटी के इंक्युबेशन सेंटर ने किया है। हाइड्रैक्स एक सेंसर आधारित उपकरण है जो पानी की कमी होने पर इसका अलर्ट भेजेगा। इसे एमआइटी के बायोमेडिकल एंड रोबोटिक्स इंजीनियरिंग के द्वितीय वर्ष के छात्र करण कुमार और उनकी टीम की ओर से विकसित किया गया है।

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    छात्र ने बताया कि यह उपकरण डायरिया जैसे बीमारियों की प्रारंभिक अवस्था की जानकारी उपलब्ध करा देगा। यह डिवाइस विशेष रूप से बच्चों, वयस्कों और बुज़ुर्गों के स्वास्थ्य की निगरानी के लिए डिज़ाइन किया गया है। आइआइटी पटना के इंक्युबेशन सेंटर की ओर से ईमेल भेजकर चयन की जानकारी दी गई है।

    यह तस्वीर जागरण आर्काइव से ली गई है।

    साथ ही टीम में इलेक्ट्रानिक्स विभाग के आकाश कुमार, गौतम कुमार और अक्षत कुमार भी शामिल हैं। टीम लीडर ने बताया कि हाइड्रैक्स को इससे पहले कई राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भी मान्यता दी गई है। इसे यूथ इंडिया आइडियाथन में टाप - 1000 में शामिल किया गया था।

    वहीं आइआइटी पटना की ओर से आयोजित आइडियाथन 2.0 में हाइड्रैक्स सर्वश्रेष्ठ घोषित किया गया था। अब बिहार स्टार्टअप नीति के तहत ग्रांट के लिए आवेदन किया जाएगा। टीम लीडर करण ने बताया कि आइआइटी पटना के बायोनेस्ट इंक्युबेशन सेंटर के तहत हाइड्रैक्स को प्रोटोटाइप निर्माण, तकनीकी मेंटरशिप, नेटवर्किंग और व्यावसायिक मार्गदर्शन की सुविधाएं मिलेंगी। इसके अतिरिक्त वहां से 10 लाख रुपये का ग्रांट मिलने की उम्मीद है।

    इससे आगे का कार्य करने में काफी सहूलियत होगी। एमआइटी के प्राचार्य प्रो. एमके झा ने छात्रों की उपलब्धि पर बधाई दी है। कहा कि छात्रों को अधिक से अधिक नवाचार पर फोकस करना चाहिए। वहीं इसके लिए शिक्षकों की ओर से उन्हें मेंटरशिप दी जा रही है।

    ऐसे काम करेगा डिवाइस

    हाइड्रैक्स डिवाइस विकसित करने वाले छात्रों ने बताया कि यह डिवाइस को एक बैंड के रूप में तैयार किया जाना है। इसमें कई सेंसर लगे होंगे। यह शरीर की विभिन्न अवस्थाओं का अध्ययन करेंगे। सेंसर स्मार्ट स्क्रीन से जुड़ा होगा। इससे शरीर का तापमान, शरीर में पानी की मात्रा और अन्य आयन की मात्रा की जानकारी मिलेगी।

    जैसे ही शरीर में पानी की मात्रा निर्धारित मानक से कम प्रदर्शित होगा तो अलर्ट जाएगा। सेंसर की मदद से एक अलार्म बजने लगेगा। साथ ही यह बैंड मानव शरीर में तनाव का स्तर भी बताएगा। बच्चों, बुजुर्गों के स्वास्थ्य की मानीटरिंग करेगा। इसे मानीटरिंग बैंड कहा जाएगा। अगर किसी को बुखार है तो इसकी जानकारी भी यह देगा। शरीर में पानी की मात्रा कमने पर इसकी जानकारी मिल जाएगी और डायरिया जैसी बीमारी को रोका जा सकेगा।