राजस्व महा अभियान ने कम करने की जगह बढ़ाई परेशानी, दौड़ रहे असल रैयत, दूसरे को थमा देते जमाबंदी पंजी
मुजफ्फरपुर में राजस्व महा अभियान के दौरान रैयतों को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। शिविरों की जानकारी का अभाव और जमाबंदी पंजी का गलत हाथों में चले जाना प्रमुख समस्याएँ हैं। राजस्व कर्मचारी त्रुटियों का समाधान करने में भी टालमटोल कर रहे हैं जिससे रैयत परेशान हैं। अधिकारियों ने लापरवाही पर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। राजस्व महा अभियान को लेकर रैयतों के बीच अफरातफरी की स्थिति बनी हुई है। वेबसाइट समेत अन्य माध्यम से शिविर का पता लगाकर रैयत जब निर्धारित स्थल पर पहुंचते हैं तो वहां ताला बंद मिलता है। इसके अलावा असल रैयत जमाबंदी पंजी प्राप्त करने के लिए यहां से वहां दौड़ रहे हैं और दूसरे व्यक्ति को थमा दिया जा रहा है।
गुरुवार को विभिन्न प्रखंडों से कई रैयतों ने काल कर इसकी शिकायत की। मुशहरी से शिव कुमार पांडेय ने बताया कि पहले से क्षेत्र में माइकिंग किया गया और न स्थानीय स्तर पर प्रचार प्रसार कर शिविर के बारे में जानकारी दी गई। अब वे लोग इतने सक्षम नहीं है कि इंटरनेट से इसके बारे में पता कर सकें।
अचानक से शिविर लगा दिया गया। भागे-भागे वहां पहुंचे तो पता लगा कि उनके नाम की जमाबंदी पंजी किसी और व्यक्ति को थमा दिया गया है। अब उसके बारे में कोई जानकारी नहीं दी जा रही है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ नाम का महा अभियान रह गया है।
मनमाने तरीके से काम किया जा रहा है। सकरा से रामेश्वर प्रसाद ने बताया कि उनकी उम्र करीब 75 वर्ष हो चुकी है। पिछले पांच दिनों से लगातार राजस्व कर्मचारी को काल कर जानकारी लेने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन काल रिसीव नहीं किया जा रहा है। शिविर कब लगेगा इसकी भी जानकारी नहीं है।
घर-घर जाकर जमाबंदी पंजी बांटने का आदेश विभाग की ओर से दिया गया था, लेकिन 12 दिन बीतने को आए। अब तक उनलोगों को जमाबंदी पंजी नहीं मिला है।
टालमटोल ही मिलता जवाब
साहेबगंज, कुढ़नी, मनियारी समेत विभिन्न प्रखंडों से लोगों ने काल कर बताया कि जमाबंदी पंजी मिल गई है। जहां पर त्रुटि मिली है। उससे संबंधित समाधान के लिए जब राजस्व कर्मचारियों के पास जाते हैं तो स्पष्ट जानकारी नहीं देकर टालमटोल किया जाता है। इस परिस्थिति में कहां जाकर किससे शिकायत करें। यह समझ नहीं आ रहा है।
पूर्व से निर्धारित तिथि पर अनिवार्य रूप से शिविर लगाना है। इसमें लापरवाही बरतने का पता लगने पर संबंधित पर कार्रवाई की जाएगी। विभागीय निर्देशों का शत प्रतिशत अनुपालन करना है।
कुमार प्रशांत, अपर समाहर्ता, राजस्व
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