सीसी कैमरे पर काला स्प्रे कर गैस कटर से ATM काटा और 26 लाख लेकर भाग गए शातिर, मुजफ्फरपुर में प्राथमिकी
मुजफ्फरपुर के सरैया में एसबीआई के एटीएम को गैस कटर से काटकर 26 लाख से अधिक की चोरी हुई। सीएमएस इंफो सिस्टम के एग्जीक्यूटिव ने प्राथमिकी दर्ज कराई है जिसमें उन्होंने बताया कि चोरों ने सीसी कैमरे पर स्प्रे कर घटना को अंजाम दिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है। पहले भी इस इलाके में एटीएम से चोरी की घटनाएं हो चुकी हैं।

संवाद सहयोगी, सरैया (मुजफ्फरपुर)। सरैया थाना क्षेत्र के रेपुरा बाजार स्थित एसबीआइ की एटीएम को गैस कटर से काटकर नकदी चोरी करने के मामले ने दूसरे दिन शुक्रवार को प्राथमिकी कराई गई। कैश लोड करने वाली सीएमएस इंफो सिस्टम कंपनी के सीनियर एग्जीक्यूटिव अभिनय कुमार ने प्राथमिकी में 26 लाख दो हजार पांच सौ रुपये चोरी का उल्लेख किया है।
सरैया थानाध्यक्ष सुभाष मुखिया ने बताया कि मामला दर्ज कर लिया गया है। जांच कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। प्राथमिकी में बताया कि अज्ञात चोरों द्वारा रेपुरा चौक स्थित एसबीआइ की एटीएम में लगे सीसी कैमरे पर काला स्प्रे कर व मशीन को गैस कटर से काटकर चोरी की गई है।
बताया कि मंगलवार की शाम 5.35 बजे एटीएम मशीन में पांच सौ रुपये नोट का 19 लाख तथा एक सौ रुपये वाले तीन लाख। कुल 22 लाख रुपये लोड किए गए थे। इसके पहले से एटीएम में पांच सौ रुपये नोट का छह लाख 90 हजार रुपये और एक सौ रुपये वाल मात्र एक हजार रुपये थे।
इस तरह से बुधवार की शाम एटीएम मशीन में कुल 28 लाख 91 हजार रुपये था। बुधवार की शाम से एटीएम मशीन से दो लाख 88 हजार पांच सौ रुपये की निकासी की गई थी। शेष 26 लाख दो हजार पांच सौ रुपये देर रात अज्ञात चोर गैस कटर से एटीम मशीन का चैंबर काटकर ले गए।
गुरुवार को घटना की जानकारी मिलने के बाद सरैया थाने की पुलिस मौके पर पहुंचकर जांच की थी। इसके बाद शुक्रवार को प्राथमिकी के लिए आवेदन दिया गया।
बार-बार चोरी से उठ रहे सवाल
सरैया के बहिलवारा में पिछले वर्ष चार जुलाई को शातिरों ने 59 सेकेंड में एटीएम से 31.12 लाख रुपये उड़ा लिए थे। ढाई से तीन लाख रुपये प्रतिदिन ट्रांजेक्शन वाली एटीएम में पूर्व से 23 लाख रुपये रहते हुए 13 लाख डाले गए थे। इससे इसमें निकासी के बाद भी बड़ी राशि रह गई थी।
जबकि इसकी सुरक्षा के नामपर कुछ नहीं था। दूसरी ओर 27 अगस्त की रात रेपुरा बाजार की एटीएम में भी बड़ी राशि थी। इसकी सुरक्षा के नामपर भी कुछ नहीं था। अलार्म भी काम नहीं कर रहा था। इसके बावजूद इतनी बड़ी राशि रखे जाने और बार-बार इलाके में चोरी होने से सवाल उठ रहे हैं।
चोरी की ही धारा और जोखिम भी कम
एटीएम में चोरी से शातिर बड़ी राशि उड़ा ले जा रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्र में इस तरह की घटना को अंजाम देने के पीछे कई कारण हैं। इसमें सबसे बड़ा कारण कम जोखिम का माना जा रहा है। यह इसलिए कि शाम के बाद एटीएम की सुरक्षा भगवान भरोसे रहती।
यहां चोरी के समय पुलिस या भीड़ से सामना होने का खतरा नहीं के बराबर रहता। देर रात घटना को अंजाम देने से पकड़े जाने का खतरा भी कम रहता है। अगर पकड़े भी गए तो चोरी की धारा ही लगेगी। दूसरी ओर बैंक लूट की घटना हो अंजाम देने में दिन के समय का चयन करना होता है।
हाल के दिनों में सभी थाना को दिन में अनिवार्य रूप से बैंकों की सुरक्षा जांच अनिवार्य कर दिया गया है। इससे वहां खतरा अधिक है। वहीं पकड़े जाने पर लूट की धारा लग जाती है। साथ ही एनकाउंटर का खतरा अलग। इसे देखते हुए बड़ी राशि की भनक लगते ही शातिर एटीएम को निशाना बना रहे।
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