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    एक परसेंट ब्‍याज पर 10 लाख लेने के लिए लग गई होड़, बिहार में उद्यमी योजना के लिए 57 हजार आवेदन

    By Shubh Narayan PathakEdited By:
    Updated: Sun, 19 Sep 2021 12:12 PM (IST)

    Bihar CM Udyami Yojana पुरुषों को एक परसेंट ब्‍याज और महिलाओं को बिना ब्‍याज उद्योग के लिए लोन दे रही है बिहार सरकार लोन की राशि पर मिलेगी 50 फीसद सब्सिडी मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के लिए 57 हजार दावेदार

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    बिहार में सरकार दे रही उद्योग के लिए सब्‍स‍िडी वाला लोन। प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर

    पटना, राज्य ब्यूरो। Bihar Mukhyamantri Udyami Yojana: बिहार में मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के लिए आवेदन करने की तारीख शुक्रवार यानी 17 सितंबर को रात 12 बजे खत्म हो गई। इसके लिए 17 जून से आनलाइन आवेदन लिए जा रहे थे। उद्योग विभाग से मिली जानकारी के अनुसार 17 सितंबर को शाम सात बजे तक 57 हजार आवेदन आए थे। जल्द ही आवेदन की स्क्रूटनी की प्रक्रिया आरंभ होगी। इसके बाद यह तय होगा कि इतनी बड़ी संख्या में आए आवेदन से लाभार्थियों का चयन किस तरह से किया जाए। इस योजना के तहत 10 लाख रुपए दिए जाने का प्रावधान है। इसमें पांच लाख रुपये अनुदान के रूप में है और पांच लाख रुपये कम ब्याज वाले ऋण के रूप में है। योजना का संचालन उद्योग विभाग की देखरेख में हो रहा।

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    महिलाओं के आए 11,625 आवेदन

    मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत ही मुख्यमंत्री महिला उद्यमी योजना है। यह सभी वर्ग की महिलाओं के लिए है। इसके तहत 11,625 आवेदन आए हैैं।

    युवा उद्यमियों के 15,971 आवेदन

    मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के तहत सभी वर्ग के युवाओं को अपने उद्यम की स्थापना के लिए ऋण व अनुदान दिया जाना है। इसके तहत 15,971 आवेदन आए हैं।

    एससी-एसटी वर्ग की योजना को ले 12,876 व ईबीसी के लिए 16,327

    मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के लिए एससी-एसटी वर्ग के लिए अलग से योजना है। इसके तहत 12,876 आवेदन आए। वहीं अति पिछड़ा वर्ग के लिए शुरू हुई योजना के लिए 16,327 आवेदन आए हैं।

    सभी सेक्टर के लिए 200-200 करोड़ रुपये का आवंटन

    मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत सभी चार योजनाओं के लिए वर्तमान वित्तीय वर्ष में 200-200 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इस वजह से लाभुक के चयन में समस्या जरूर है। इसका सीधा मतलब है कि अगर 10-10 लाख रुपए के प्रोजेक्‍ट स्‍वीकृत किए जाएं तो चार अलग-अलग योजनाओं में अधिकतम दो-दो हजार लोगों को ही योजना का लाभ दिया जा सकेगा। इस तरह योजना का लाभ आठ से 10 हजार लोगों को ही मिल सकता है।