IPS Promotion: केंद्र सरकार ने बिहार कैडर के 3 तेजतर्रार IPS अफसरों को दिया प्रमोशन, नोटिफिकेशन जारी
केंद्र सरकार ने बिहार कैडर के तीन आईपीएस अधिकारियों को डीजी बनाया है जिनमें जितेंद्र कुमार भी शामिल हैं। बिहार सरकार ने राज्य निर्वाचन आयुक्त के कार्यकाल को बढ़ाने के लिए नियमों में संशोधन किया है। अब निर्वाचन आयुक्त अधिकतम आठ साल या 68 वर्ष की आयु तक पद पर रह सकते हैं जिससे चुनावी प्रक्रिया में निरंतरता बनी रहेगी। यह निर्णय प्रशासनिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है।

राज्य ब्यूरो, पटना। केंद्र सरकार ने बिहार कैडर के तीन आईपीएस अधिकारियों को केंद्रीय पैनल में डीजी (पुलिस महानिदेशक) का दर्जा दिया है। इनमें 1993 बैच के आईपीएस जितेंद्र कुमार के साथ 1994 बैच के अमित कुमार और अनुपमा निलेकर चंद्रा शामिल हैं।
अमित कुमार और अनुपमा निलेकर चंद्रा केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर हैं। बिहार सरकार ने जितेंद्र कुमार को एक अगस्त 2025 के प्रभाव से डीजी रैंक में प्रोन्नति भी दी है। प्रोन्नति को लेकर अधिसूचना जारी हो गई है।
पदावधि समाप्त होने पर राज्य निर्वाचन आयुक्त को मिल सकता है तीन वर्षों का सेवा-विस्तार
दूसरी ओर, बिहार राज्य निर्वाचन आयुक्त (नियुक्ति एवं सेवा-शर्तें) नियमावली-2008 के नियम-5 में संशोधन प्रस्ताव को मंत्रिपरिषद से स्वीकृति मिल गई है। नियम-5 के यह प्रविधान है कि राज्य निर्वाचन आयुक्त की पदावधि पांच वर्ष या 65 वर्ष की आयु-सीमा तक होगी।
नियमावली मेंं संशोधन के बाद उसमें तीन वर्ष का विस्तार दिया जा सकता है। पंचायती राज विभाग की ओर से बताया गया कि नियमावली में संशोधन कर यह व्यवस्था की गई है कि राज्य सरकार कार्य-हित में राज्य निर्वाचन आयुक्त की पदावधि समाप्त होने पर उन्हें अधिकतम तीन वर्षों के लिए पुनः नियुक्त कर सकेगी।
यह नियुक्ति पांच वर्षों की पदावधि या 65 वर्ष की आयु-सीमा, जो पहले हो, को यथोचित विस्तार करते हुए दी जाएगी। यानी कि अब वे अधिकतम आठ वर्ष या 68 वर्ष की आयु-सीमा, जो पहले हो, तक अपने पद पर रह सकते हैं।
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