बिहार में नोट जलाने वाले इंजीनियर की बढ़ेंगी मुश्किलें, EOU कर रही पास किए हुए टेंडरों की जांच
लाखों रुपये के नोट जलाने वाले इंजीनियर विनोद कुमार राय की मुश्किलें बढ़ गई हैं। ईओयू उनके सरकारी कामकाज की जांच कर रही है और ग्रामीण कार्य विभाग से उनके कामकाज की जानकारी मांगी है। शक है कि मोटी रकम विभागीय हेर-फेर से आई है। इंजीनियर के आवास से जले दस्तावेज मिले हैं जिससे भ्रष्ट उपयोग की आशंका है।

राज्य ब्यूरो, पटना। लाखों रुपये के नोट जलाने वाले ग्रामीण कार्य विभाग के अधीक्षण अभियंता विनोद कुमार राय की मुश्किलें अभी और बढ़ने वाली हैं। इस मामले की जांच कर रही आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने अब उनके सरकारी कामकाज की पड़ताल शुरू की है।
इसको लेकर ईओयू ने ग्रामीण कार्य विभाग से मधुबनी और सीतामढ़ी में तैनात इंजीनियर विनोद कुमार राय के कामकाज की पूरी जानकारी मांगी है।
इंजीनियर के द्वारा हाल में स्वीकृत किए गए टेंडरों की सूचना भी मांगी गई है। इसके अलावा इंजीनियर के नियंत्रणाधीन आने वाले कार्य का विवरण मांगा गया है।
दरअसल, ईओयू को सूचना मिली थी कि इंजीनियर के पास मोटी रकम है, जो वह सीतामढ़ी से लेकर पटना ला रहे हैं। ऐसे में ईओयू को शक है कि यह मोटी रकम कहीं विभागीय कामकाज में हेर-फेर या किसी टेंडर को प्रभावित करके तो नहीं वसूली गई।
इसी बिंदु की जांच के लिए इंजीनियर के द्वारा हाल के महीनों में निष्पादित किए गए काम और टेंडरों की जानकारी मांगी गई है। इंजीनियर के आवास से भी ईओयू को जले हुए विभागीय दस्तावेज मिले थे, इससे भी उनके द्वारा पद का भ्रष्ट उपयोग करने की आशंका गहरी हुई है।
दूसरे दिन भी जेल में हुई इंजीनियर से पूछताछ
बेउर जेल में लगातार दूसरे ईओयू की टीम ने अधीक्षण अभियंता विनोद कुमार राय से पूछताछ की। स्वास्थ्य कारणों से ईओयू को इंजीनियर से जेल में ही तीन दिनों तक पूछताछ करने की अनुमति मिली है। ईओयू की टीम इंजीनियर के पास से मिली चल-अचल संपत्ति के बारे में सवाल-जवाब कर रही है।
सीतामढ़ी और मधुबनी से लौटी ईओयू की टीम के निरीक्षण में जो बातें निकलकर आई हैं, उनका सत्यापन भी इंजीनियर से किया जा रहा है।
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