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    Cough Syrup Racket: पटना से नेपाल और बांग्लादेश भेजी जा रही कफ सीरप, 5 तस्कर गिरफ्तार

    Updated: Sun, 30 Nov 2025 11:14 PM (IST)

    पटना में शास्त्रीनगर थाना क्षेत्र में छापेमारी कर 70 लाख रुपये की कफ सिरप और नशीली दवाएं जब्त की गई। नवंबर में यह दूसरी बड़ी खेप पकड़ी गई है। जांच में पता चला कि इन दवाओं को नेपाल और बांग्लादेश भेजने की कोशिश की जा रही थी। पुलिस ने पांच तस्करों को गिरफ्तार किया है और मामले की जांच जारी है।

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    पटना में कफ सीरप और नशीली दवाएं जब्त। (जागरण)

    जागरण संवाददाता, पटना। पटना में अवैध रूप से कफ सीरप और प्रतिबंधित दवाओं की तस्करी का नेटवर्क फिर उजागर हुआ है। शनिवार को शास्त्रीनगर थाना क्षेत्र की सीडीए कॉलोनी में छापेमारी कर करीब 70 लाख रुपये मूल्य की कफ सीरप और नशीली दवाएं जब्त की गईं।

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    यह नवंबर माह में पकड़ी गई दूसरी बड़ी खेप है। इससे पहले नवंबर के पहले सप्ताह में पटना सिटी के चौक थाना क्षेत्र से 16 हजार प्रतिबंधित कफ सीरप पकड़ी गई थी। इससे पूर्व बाईपास थाना क्षेत्र में 42 लाख रुपये की कफ सीरप औषधि नियंत्रण विभाग द्वारा जब्त की जा चुकी है।

    लगातार बरामदगी इस बात की पुष्टि करती है कि इन दवाओं को नेपाल और बांग्लादेश भेजने की कोशिश की जा रही थी। औषधि नियंत्रण विभाग के अनुसार हिमाचल प्रदेश से यह कोडिन कफ सीरप आई थी।

    छापेमारी में 5 तस्कर गिरफ्तार, भारी मात्रा में नशीली दवाएं बरामद

    औषधि नियंत्रण विभाग के डीआई डॉ. अमल कुमार द्वारा दर्ज एफआईआर के अनुसार शास्त्रीनगर स्थित सुमन सिंह के मकान पर छापेमारी की गई, जहां से एक पिकअप वैन पर प्रतिबंधित कफ सीरप लादी जा रही थी। छापेमारी टीम को देखते ही पांच युवक घर के अंदर घुस गए, लेकिन पुलिस की सहायता से सभी को गिरफ्तार कर लिया गया।

    पुलिस ने रौशन कुमार, रिशु कुमार नलकूप भवन के पास, पटना, अमन कुमार और अमन राज (सहरसा) तथा बादल कुमार (खगड़िया) को गिरफ्तार किया है। औषधि निरीक्षक के अनुसार करीब 35 हजार सीरप तथा 7,200 नाइट्राजीपाम टैबलेट्स जब्त किया गया। इसकी कुल कीमत लगभग 70 लाख रुपये बताई गई है।

    बताया जाता है कि जांच में यह भी सामने आया कि कफ सीरप में कोडिन फास्फेट की मात्रा अनुमेय सीमा (1 किलोग्राम) से कई गुना अधिक, 8 किलो से भी ज्यादा पाई गई, जिससे यह स्पष्ट है कि इसे नशे के उद्देश्य से तैयार किया जा रहा था। इसके अलावा दवा भंडारण के लिए कोई लाइसेंस भी नहीं लिया गया था।

    छापेमारी में औषधि निरीक्षक पंकज कुमार और यशवंत कुमार भी शामिल रहे। विभाग इस पूरे नेटवर्क की कड़ी जोड़ने और तस्करी में शामिल अन्य लोगों की पहचान कर कार्रवाई आगे बढ़ा रहा है।