Sasaram News: रौजा तालाब इनलेट नहर को मिलेगा नया जीवन, जल संसाधन विभाग करेगा ये बड़ा काम
सासाराम में शेरशाह मकबरा तालाब की इनलेट नहर को पुनर्जीवित करने की पहल शुरू हो गई है। जल संसाधन विभाग टेंडर जारी करने की तैयारी में है नहर के बेकार होने की खबर का संज्ञान लेते हुए अधिकारियों ने मरम्मत और दोषियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। पांच करोड़ की लागत से बनी नहर का उद्देश्य तालाब को स्वच्छ रखना था।
सतीश कुमार, रोहतास। ऐतिहासिक धरोहर शेरशाह मकबरा तालाब में जलापूर्ति के लिए बनी इनलेट नहर तकनीकी अदूरदर्शिता के कारण बेकार साबित हुई। अब इस इनलेट नहर को पुनर्जीवित करने की दिशा में पहल शुरू हो गई है। जल संसाधन विभाग इसका टेंडर जारी करने की तैयारी में है। विभाग ने 14 जुलाई को दैनिक जागरण में रोजा तालाब इनलेट नहर के बेकार होने से संबंधित प्रमुखता से प्रकाशित खबर का संज्ञान लिया है।
जल संसाधन विभाग के अपर मुख्य सचिव संतोष कुमार मल्ल ने मुख्य अभियंता को आवश्यक निर्देश दिए हैं। मुख्य अभियंता ने विभाग के अपर मुख्य सचिव को बताया है कि इनलेट को तकनीकी रूप से ठीक करने के लिए दोबारा टेंडर करने की स्वीकृति मिल गई है।
टेंडर के बाद इसे ठीक करने के साथ ही इनलेट के अधूरे काम को पूरा किया जाएगा। इनलेट निर्माण में दोषी पाए गए अभियंता और ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई का प्रस्ताव भी तैयार किया जा रहा है। अपर मुख्य सचिव संतोष कुमार मल्ल ने इस जानकारी की पुष्टि की है। इसके पुनर्निर्माण से शहरवासियों में एक बार फिर इनलेट नहर के चालू होने की उम्मीद जग गई है। सामाजिक रूप से सक्रिय आलोक चमड़िया ने भी इस मामले में इनलेट की खामियों की ओर विभाग के आला अधिकारियों का ध्यान आकर्षित किया था।
बता दें कि जल संसाधन विभाग द्वारा पाँच करोड़ की लागत से इनलेट नहर का निर्माण कराया गया था। शेरशाह मकबरा तालाब के पानी को स्वच्छ रखने और जलस्तर बनाए रखने के लिए ब्रिटिश काल में दो नहरों, इनलेट और आउटलेट, का निर्माण कराया गया था और इसे बेदा सोन नहर से जोड़ा गया था। बाद में अतिक्रमण के कारण जल प्रवाह का मार्ग अवरुद्ध हो गया।
कुछ वर्ष पूर्व जिला प्रशासन की पहल पर स्वच्छ और निर्मल जल की आपूर्ति के लिए भारी राशि खर्च कर इनलेट नहर का पुनर्निर्माण कराया गया था। इनलेट नहर से जलापूर्ति न होने के कारण तालाब का पानी प्रदूषित हो रहा है। तालाब के प्रदूषित पानी के कारण कुछ दिन पहले बड़ी संख्या में मछलियाँ मर गईं। विशेषज्ञों के अनुसार, इनलेट नहर से तालाब में पानी का प्रवाह बढ़ेगा, तभी आउटलेट से पानी निकल पाएगा।
आठ साल पहले शुरू हुआ था काम
इस योजना पर 2017-18 में काम शुरू हुआ था। तीन साल बाद 2021 में काम पूरा हुआ। इनलेट नहर के निर्माण के लगभग तीन साल बाद भी शेरशाह तालाब में पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है। इसके निर्माण पर पानी की तरह पैसा खर्च करने के बावजूद, इसका उद्देश्य अभी तक पूरा नहीं हुआ है।
आसपास के लोग इनलेट में फेंक रहे हैं कचरा
इनलेट नहर से तालाब तक पानी पहुँचाने की कोशिश की गई, लेकिन पर्याप्त मात्रा में पानी तालाब तक नहीं पहुँच पाया। आसपास के लोग इसमें कचरा फेंक रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ महीने पहले विभागीय जाँच भी हुई थी, लेकिन अभी तक सकारात्मक परिणाम सामने नहीं आए हैं।
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।