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    बिहार के VTR में 25 साल में 25 बाघों की मौत, सुरक्षा व्यवस्था पर उठ रहे सवाल

    Updated: Mon, 01 Sep 2025 12:35 AM (IST)

    वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के रघिया वन क्षेत्र में छह साल बाद एक और बाघिन की मौत हो गई है। रविवार को बाघिन का शव मिला जिसके शरीर पर नाखूनों के निशान थे। आशंका है कि यह आपसी वर्चस्व का मामला है। वीटीआर में पिछले 25 सालों में 25 बाघों की मौत हो चुकी है जिनमें से कई वर्चस्व शिकार और दुर्घटनाओं के कारण हुई हैं।

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    VTR में 25 साल में 25 बाघों की मौत। (फोटो जागरण)

    जागरण संवाददाता, बगहा। वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (वीटीआर) के रघिया वन क्षेत्र में छह साल बाद फिर एक बाघिन की मौत हुई है। 2019 में एक बाघ की मौत हुई थी। रविवार को बाघिन का शव मिलने से सुरक्षा पर सवाल हो रहे हैं।

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    बाघिन के शरीर पर नाखूनों के घाव के निशान मिले हैं। उसके शव के पास दूसरे बाघ के भी पग चिह्न मिले हैं। आपसी वर्चस्व का मामला है।

    वीटीआर में 25 साल में 25 बाघों की मौत हो चुकी है। इस साल यह तीसरी मौत है। इनमें सर्वाधिक मौत वर्चस्व, शिकार व हादसे में हुई है। वीटीआर की स्थापना के बाद 2000 में एक बाघ की ट्रेन से कटकर मौत हुई थी। इसके बाद वर्चस्व, शिकार, हादसे और बीमारी से बाघों की मौत होती रही है।

    मदनपुर में आग में जलने से हुई थी बाघ की मौत

    वर्ष 2007 में मदनपुर वन क्षेत्र के में दो बाघों की मौत हुई थी। नौरंगिया जंगल में एक बाघ की मौत आयरन ट्रैप और दूसरे की ट्रेन से कटकर हो गई थी। 2008 में गोबर्धना जंगल में एक बाघ की मौत हो गई थी।

    2010 में तो मदनपुर में एक बाघ की मौत आग में जलने से हो गई थी। 2013 में मदनपुर में ही एक बाघ की ट्रेन से कटकर मौत हो गई। 2014 में वर्चस्व की लड़ाई में एक बाघ की जान चली गई। इसी साल हरनाटांड़ के नौरंगिया में एक और बाघ का शव मिला था।

    जहर देकर चार बाघों का शिकार

    2016 में शिकारियों ने गौनौली रेंज में जहर देकर चार बाघों को मार दिया था। 2019 में रघिया व मंगुरहा में दो बाघों की मौत हो गई। 2021 में गोबर्धना में एक तथा वाल्मीकिनगर रेंज में दो बाघों की मौत हो गई थी।

    13 अक्टूबर, 2021 को बेतिया के मैनाटांड़ के चक्रसन गांव के पास आपसी लड़ाई में एक बाघ की मौत हो गई थी। 2022 में वाल्मीकिनगर के कौलेश्वर मंदिर के पास एक मादा शावक का शव मिला था।

    10 फरवरी, 2023 में वन प्रमंडल-दो में वाल्मीकिनगर वन क्षेत्र के रमपुरवा गांव के पास बगीचे के बगल में बाघ का शव मिला। इस बाघ को खेत में दफन कर दिया गया था। बाघ के शव से कुछ दूरी पर एक तेंदुए का शव मिला था। दोनों को करंट से मारा गया था।

    2024 के मार्च में मंगुराहा रेंज में एक, जुलाई में मानपुर जंगल में ढाई साल के बाघ की मौत हो गई। अगस्त में आपसी संघर्ष में एक बाघ की मौत हो गई थी।

    2025 में मृत बाघों की संख्या

    20 मई 2025 : हरनाटांड़ वन क्षेत्र के नौरंगिया दोन के जंगल में बाघिन का शव मिला था। उसके शरीर पर आधा दर्जन गहरे घाव व संघर्ष के निशान मिले थे। बाघिन के नाखून में बाघ के चमड़े का कुछ अंश मिला है।

    29 मई 2025 : मंगुराहा वनक्षेत्र के भिखनाठोरी जंगल के कंपार्टमेंट संख्या 56 में नर बाघ का शव मिला था। बाघों के बीच भिड़ंत में यह घटना हुई थी।

    31 अगस्त 2025 : रघिया वन क्षेत्र के कक्ष संख्या 58 में मिला बाघिन का शव। बाघिन के नाखूनों पर खून के मिले निशान।

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