सर्च करे
Home

Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    F&O ट्रेडिंग की बुरी लत, एक लड़के ने शेयर बाजार में गंवा दिए 2 करोड़, 3 लाख सैलरी पाने वाले पर लाखों का कर्ज

    Updated: Wed, 07 Jan 2026 01:57 PM (IST)

    हर महीने 3 लाख रुपये कमाने वाले एक 30 वर्षीय युवा ने शेयर बाजार की F&O ट्रेडिंग में 2 करोड़ रुपये गंवा दिए। इस शख्स ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए यह बत ...और पढ़ें

    News Article Hero Image

    नई दिल्ली। शेयर बाजार में फ्यूचर एंड ऑप्शन ट्रेडिंग (F&O Trading) बहुत ही जोखिम भरा व्यापार है, और इसे लेकर हमेशा मार्केट रेगुलेटर SEBI चेतावनी देता आया है फिर भी लाखों निवेशक F&O ट्रेडिंग बिना किसी अनुभव के कर रहे हैं और तगड़ा लॉस उठा रहे हैं। इसी कड़ी में एक निवेशक को हुए नुकसान की कहानी सामने आई है, जहां एक 30 साल के व्यक्ति ने बताया कि उसे ऑप्शन ट्रेडिंग में 2 करोड़ रुपये से ज़्यादा का नुकसान हुआ है।

    इस हफ़्ते की शुरुआत में उस आदमी ने Reddit पर बताया कि वह हर महीने 2.85 लाख रुपये कमाता है, लेकिन उसे ऑप्शन ट्रेडिंग में 2 करोड़ रुपये से ज़्यादा का नुकसान हुआ और खुद को बचाने के लिए वह उधार लेता रहा। इस शख्स ने नेटिज़न्स से अपना कर्ज़ कम करने के तरीके बताने के लिए मदद मांगी है।

    F&O ट्रेडिंग में कैसे डूबे 2 करोड़

    इस शख्स ने अपनी सोशल मीडिया (Social Media Post) में पोस्ट में बताया कि वह एक जानी-मानी कंपनी में नौकरी करता है, और उसकी मंथली टेक-होम सैलरी लगभग ₹2.85 लाख है। इस शख्स ने कहा, "पिछले कुछ सालों में, मैं ऑप्शंस ट्रेडिंग में बहुत ज़्यादा इनवॉल्व हो जो "साइड इन्वेस्टिंग" के तौर पर शुरू की थी लेकिन धीरे-धीरे यह अनहेल्दी हो गई।

    इस दौरान मैंने बहुत बड़ी रकम (2 करोड़ से ज़्यादा) गंवा दी है, और नुकसान को पूरा करने और चीज़ों को चलाने के लिए, मैं उधार लेता रहा। आज, मेरा बकाया अनसिक्योर्ड कर्ज़ कुछ ऐसा है:

    • 27 लाख रुपये का पर्सनल लोन
    • 28 लाख रुपये का OD लोन
    • NBFCs से 8-9 लाख रुपये कर्ज
    • 12 लाख रुपये क्रेडिट कार्ड का बकाया

    क्या है F&O ट्रेडिंग?

    शेयर मार्केट में फ्यूचर एंड ऑप्शन, डेरेवेटिव ट्रेडिंग के तहत आते हैं, जिसे आम बोलचाल की भाषा में वायदा कारोबार कहा जाता है। इस तरह की ट्रेडिंग में शेयर खरीदने की जरूरत नहीं होती है क्योंकि इसमें व्यापारी शेयरों के फ्यूचर और ऑप्शन कॉन्ट्रेक्ट में काम करते हैं यानी स्टॉक खरीदने के बजाय अलग-अलग महीने के कॉन्ट्रेक्ट खरीदे-बेचे जाते हैं। इस तरह की ट्रेडिंग बहुत ही हाई रिस्क और रिवॉर्ड वाली होती है। इसमें पैसा तेजी से बनता है तो उतनी ही तेजी से डूब भी जाता है।

    ये भी पढ़ें- धड़ाम हुए रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर तो मुकेश अंबानी ने तोड़ी चुप्पी, बाजार में चल रही अटकलों पर दी ये सफाई

    (डिस्क्लेमर: फ्यूचर एंड ऑप्शन ट्रेडिंग एक जोखिम भरा कारोबार है। मार्केट रेगुलेटर सेबी की स्टडी के अनुसार, हर 10 में से 9 निवेशक इसमें हर साल पैसा गंवाते हैं, इसलिए सर्टिफाइड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर से सलाह लेकर ही इसमें ट्रेड करें।)