कच्चे तेल और विदेशी बिकवाली से रुपया लुढ़का, डॉलर के मुकाबले 50 पैसे टूटा; कितने पर हुआ बंद?
Indian Rupee vs Dollar: कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली के कारण भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 50 पैसे गिरकर 90.8 ...और पढ़ें
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कच्चे तेल और विदेशी बिकवाली से रुपया लुढ़का, डॉलर के मुकाबले 50 पैसे टूटा; कितने पर हुआ बंद?
एजेंसी, नई दिल्ली| कच्चे तेल की कीमतों में मजबूती और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली ने रुपये पर दबाव बढ़ा दिया है। इसी असर के चलते शुक्रवार को भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के (Dollar vs Rupees) मुकाबले लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में कमजोर हुआ और 50 पैसे टूटकर 90.84 के स्तर पर बंद हुआ।
बाजार जानकारों के मुताबिक, वैश्विक बाजारों में जारी अस्थिरता और मजबूत अमेरिकी डॉलर ने विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) को भारतीय बाजार से पैसा निकालने के लिए मजबूर किया है। हालांकि, घरेलू निवेशक गिरते बाजार में अच्छे दामों पर खरीदारी करते नजर आए, जिससे गिरावट कुछ हद तक सीमित रही।
वजह- भारत का बढ़ता व्यापार घाटा
कारोबारियों का कहना है कि रुपये पर दबाव की एक बड़ी वजह भारत का बढ़ता व्यापार घाटा भी है। आंकड़ों के अनुसार, दिसंबर 2025 में व्यापार घाटा बढ़कर 25.04 अरब डॉलर हो गया, जबकि नवंबर 2025 में यह 24.53 अरब डॉलर और दिसंबर 2024 में 22 अरब डॉलर था। बढ़ता आयात खर्च और महंगा कच्चा तेल रुपये की कमजोरी को और गहरा रहा है।
इंटरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में शुक्रवार को रुपया 90.37 पर खुला। दिनभर के कारोबार के दौरान इसमें भारी उतार-चढ़ाव देखा गया और यह 90.89 के निचले स्तर तक फिसल गया। अंत में रुपया 50 पैसे की गिरावट के साथ 90.84 पर बंद हुआ।
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आखिर डॉलर्स को कौन दे रहा सपोर्ट?
इस बारे में मिराए एसेट शेयरखान के रिसर्च एनालिस्ट अनुज चौधरी ने बताया कि अमेरिका से आए मजबूत आर्थिक आंकड़ों ने डॉलर को सपोर्ट दिया है। उनके मुताबिक, अमेरिका में उम्मीद से बेहतर बेरोजगारी के दावे (Unemployment Claims) और मैन्युफैक्चरिंग डेटा सामने आने के बाद डॉलर मजबूत हुआ, जिसका सीधा असर उभरती अर्थव्यवस्थाओं की मुद्राओं पर पड़ा।
आगे चलकर कच्चे तेल की कीमतें, वैश्विक संकेत और विदेशी निवेशकों की चाल रुपये की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।

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