Budget 2026: 1 फरवरी रविवार के दिन भी खुला रहेगा शेयर बाजार, कितने समय तक होगी ट्रेडिंग, नोट कर लें टाइमिंग
1 फरवरी 2026 को केंद्रीय बजट पेश होने के कारण, जो रविवार है, निवेशकों के मन में शेयर बाजार खुलने को लेकर सवाल था। NSE ने अब स्पष्ट कर दिया है कि इस दि ...और पढ़ें

Share Market Open On Budget: रविवार 1 फरवरी को बजट वाले दिन खुला रहेगा शेयर बाजार, NSE ने दी जानकारी
नई दिल्ली। 1 फरवरी को देश का आम बजट पेश होगा। यह रविवार का दिन होगा। ऐसे में निवेशकों के मन में एक सवाल है कि क्या इस दिन शेयर बाजार खुला रहेगा या नहीं (Share Market Open or Close)? इसी को लेकर NSE-BSE ने अब जानकारी दी है।
BSE और NSE ने 16 जनवरी को घोषणा की कि बजट 2026 के लिए शेयर बाज़ार 1 फरवरी को ट्रेडिंग के लिए खुले रहेंगे। इस साल 1 फरवरी रविवार को पड़ रहा है।
रविवार 1 फरवरी को NSE-BSE पर होगी ट्रेडिंग
NSE ने अपने सर्कुलर में कहा कि केंद्रीय बजट पेश होने के कारण, सदस्यों से अनुरोध है कि वे ध्यान दें कि एक्सचेंज 01 फरवरी, 2026 को स्टैंडर्ड मार्केट टाइमिंग के अनुसार लाइव ट्रेडिंग सेशन आयोजित करेगा।
| रविवार, 1 फरवरी 2026 | बाजार खुलने का समय | बाजार बंद होने का समय |
| प्री ओपन | 9:00 AM | 9:08 AM |
| नॉर्मल मार्केट | 9:15 AM | 3:30 PM |
| व्यापार संशोधन समाप्ति समय | 4:15 PM | |
लोकसभा स्पीकर ने 12 जनवरी को कन्फर्म किया कि 2026 का केंद्रीय बजट 1 फरवरी, रविवार को सुबह 11 बजे पेश किया जाएगा।
2017 से हर साल 1 फरवरी को यूनियन बजट पेश किया जाता रहा है, चाहे वह हफ्ते का कोई भी दिन हो, लेकिन संसद पहले भी कुछ खास परिस्थितियों में रविवार को बुलाई गई है।
9वीं बार बजट पेश करेंगी वित्त मंत्री
2026 का बजट वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का लगातार नौवां केंद्रीय बजट होगा, जिससे यह किसी वित्त मंत्री द्वारा सबसे लंबे समय तक बिना किसी रुकावट के बजट पेश करने का एक रिकॉर्ड बन जाएगा।
बजट से पहले, वित्त मंत्रालय आर्थिक सर्वेक्षण जारी करेगा, जिसके बाद मुख्य आर्थिक सलाहकार (CEA) वी. अनंत नागेश्वरन और वरिष्ठ अधिकारी प्रेस ब्रीफिंग करेंगे।
जैसे-जैसे बजट 2026 नजदीक आ रहा है, निवेशक और टैक्स एक्सपर्ट भारत के कैपिटल गेन्स टैक्स सिस्टम में सुधार की मांग कर रहे हैं। मुख्य मांगों में लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन (LTCG) दर में कमी, कम STT, ज्यादा छूट की सीमा, सभी एसेट क्लास में एक समान होल्डिंग पीरियड और इंडेक्सेशन बेनिफिट्स को फिर से शुरू करना शामिल है।
ब्रोकर्स, निवेशक, AMC और मार्केट में हिस्सा लेने वालों ने ज्यादा टैक्स पर दुख जताया है, यह कहते हुए कि ये लॉन्ग-टर्म निवेश को हतोत्साहित करते हैं। इसके अलावा, उतार-चढ़ाव वाले फाइनेंशियल ईयर में, मार्केट एक्सपर्ट्स ने ज्यादा टैक्स पर अफसोस जताया, जो थोड़े से मुनाफे को भी कम कर रहे थे।
Source- NSE

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