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    ट्रंप के 50% टैरिफ पर भारत का मुंहतोड़ जवाब; बढ़ाई रूस से तेल खरीदी, अगस्त में हर दिन आया 20 लाख बैरल कच्चा तेल

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 50% टैरिफ के बीच भारत ने अगस्त 2025 में रूस से 20 लाख बैरल प्रतिदिन (BPD) कच्चा तेल आयात किया। यह जुलाई के 16 लाख बीपीडी से ज्यादा है। ग्लोबल एनालिटिक्स फर्म केपलर के आंकड़ों के मुताबिक रूस ने अगस्त के पहले हफ्ते में भारत के कुल 52 लाख बीपीडी आयात का 38 प्रतिशत हिस्सा दिया।

    By Ankit Kumar Katiyar Edited By: Ankit Kumar Katiyar Updated: Fri, 15 Aug 2025 07:02 PM (IST)
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    भारत को नहीं रोक पाया ट्रंप का टैरिफ, रूसी तेल खरीद में बढ़ोतरी।

    नई दिल्ली| अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 50% टैरिफ के बीच भारत ने अगस्त 2025 में रूस से 20 लाख बैरल प्रतिदिन (BPD) कच्चा तेल आयात ( Russian Oil Imports ) किया। यह जुलाई के 16 लाख बीपीडी से ज्यादा है। ग्लोबल एनालिटिक्स फर्म केपलर के आंकड़ों के मुताबिक, रूस ने अगस्त के पहले हफ्ते में भारत के कुल 52 लाख बीपीडी आयात का 38 प्रतिशत हिस्सा दिया।

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    इराक और सऊदी अरब से आयात घटा। इराक का आयात 9.07 लाख से घटकर 7.30 लाख बीपीडी और सऊदी अरब का 7 लाख से 5.26 लाख बीपीडी रहा। अमेरिका 2.64 लाख बीपीडी के साथ पांचवां बड़ा सप्लायर रहा।

    केपलर के लीड रिसर्च एनालिस्ट सुमित रितोलिया ने कहा कि, "ट्रंप प्रशासन के जुलाई 2025 के आखिर में टैरिफ की घोषणा के बावजूद अगस्त में रूस से आयात मजबूत रहा।" उन्होंने बताया कि अगस्त की खेप जून और जुलाई की शुरुआत में बुक हुई थी, यानी नीति बदलाव से पहले। असली बदलाव सितंबर के आखिर से दिखेगा।

    कोई सरकारी निर्देश नहीं मिला- IOC

    इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (IOC) के चेयरमैन अरविंदर सिंह साहनी ने कहा, "हमें रूस से खरीद कम करने का कोई सरकारी निर्देश नहीं मिला।" उन्होंने यह भी कहा कि "न हमें खरीदने को कहा जा रहा है और न ही न खरीदने को कहा गया है।" अप्रैल-जून में IOC के कच्चे तेल का 22 फीसदी रूस से आया। यह स्तर आगे भी बना रहेगा। 

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    रूस से 30-35% तेल लेंगे- BPCL

    भारत पेट्रोलियम (BPCL) के निदेशक (वित्त) वेत्सा रामकृष्ण गुप्ता ने निवेशकों को बताया कि पिछले महीने रूस से आयात कम हुआ। क्योंकि, डिस्काउंट 1.5 डॉलर प्रति बैरल तक सिमट गया। इस महीने डिस्काउंट 2 डॉलर से ज्यादा हो गया। BPCL साल के बाकी समय में रूस से 30-35 फीसदी तेल लेना चाहता है।

    अमेरिका से बढ़ सकती है खरीदी

    फरवरी 2022 में यूक्रेन युद्ध से पहले रूस भारत के आयात का 0.2 फीसदी ही था। अब यह 35-40 फीसदी है। केपलर के एनालिस्ट रितोलिया ने कहा कि रिफाइनरियां अमेरिका, पश्चिम अफ्रीका और लैटिन अमेरिका से ज्यादा तेल लेने की सोच रही हैं। यह जोखिम से बचाव के लिए है, न कि रूस को पूरी तरह छोड़ने के लिए। 

    27 अगस्त से लागू हो सकता है टैरिफ

    IOC के चेयरमैन साहनी ने जोर देकर कहा कि, "रूस से तेल आयात पर कभी प्रतिबंध नहीं लगा। जब तक प्रतिबंध नहीं लगता, खरीद जारी रहेगी। हमें न तो अमेरिका से ज्यादा खरीदने को कहा गया, न ही कम।" बता दें कि अमेरिका ने भारत पर कुल 50 प्रतिशत टैरिफ लगाया है। जिसमें पहले 25 प्रतिशत और रूस से तेल खरीदने पर बतौर पेनल्टी 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगाया। यानी कुल 50 प्रतिशत, जो 27 अगस्त से लागू हो सकता है।