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    नए लेबर कोड लागू होने का असर, घटा अजीम प्रेमजी की कंपनी का मुनाफा, एकमुश्त पड़ा 303 करोड़ रुपये का बोझ

    Updated: Fri, 16 Jan 2026 06:58 PM (IST)

    नए लेबर कोड लागू होने से विप्रो का शुद्ध लाभ तीसरी तिमाही में 7% घटकर 3,199 करोड़ रुपये रहा। कंपनी पर 302.8 करोड़ रुपये का एकमुश्त बोझ पड़ा। टीसीएस, इ ...और पढ़ें

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    विप्रो ने तीसरी तिमाही के नतीजों में दी जानकारी

    नई दिल्ली। नए लेबर कोड के लागू होने से देश के मशहूर उद्योगपति अजीम प्रेमजी की आईटी कंपनी विप्रो के मुनाफे में 7 फीसदी की गिरावट आई है। दरअसल, कंपनी ने शुक्रवार को तीसरी तिमाही के नतीजे जारी करते हुए कहा कि नए श्रम कोड लागू करने से अक्टूबर-दिसंबर 2025 तिमाही में उसका शुद्ध लाभ सात प्रतिशत घटकर 3,199 करोड़ रुपये रहा है, जो पिछले वर्ष समान अवधि में 3,353.8 करोड़ रुपये था।

    नए लेबर कोडों के कार्यान्वयन के चलते कंपनी पर 302.8 करोड़ रुपये का वन-टाइम बोझ पड़ा है। बीती तिमाही में विप्रो की संचालन आय 5.5 प्रतिशत बढ़कर 23,555.8 करोड़ रुपये रही है, जो पिछले वर्ष 22,318.8 करोड़ रुपये थी। तिमाही आधार पर विप्रो का लाभ 3.9 प्रतिशत गिरा है, जबकि आय में 3.7 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

    Wipro के सीईओ ने तिमाही नतीजों पर क्या कहा?

    विप्रो के सीईओ और प्रबंध निदेशक श्रीनी पल्लीया ने कहा कि बीती तिमाही में हमने अपनी अपेक्षाओं के अनुरूप व्यापक वृद्धि की। इससे पहले विप्रो की बड़ी प्रतिस्पर्धियों- टीसीएस, इन्फोसिस और एचसीएल टेक ने भी नए लेबर कोड का कार्यान्वयन से क्रमश: 2,128 करोड़ रुपये, 1,289 करोड़ रुपये और 719 करोड़ रुपये के नुकसान की बात कही है।

    उधर, विप्रो के अलावा, महिंद्रा समूह की कंपनी टेक महिंद्रा ने भी तिमाही नतीजे जारी किए। कंपनी ने बताया कि उसका शुद्ध लाभ 14 प्रतिशत बढ़कर 1,122 करोड़ रुपये रहा है। हालांकि, यह जुलाई-सितंबर 2025 तिमाही के 1,194 करोड़ रुपये से कम है। अक्टूबर-दिसंबर 2024 तिमाही में कंपनी को 983.2 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था।

    TCS और इंफोसिस के खर्च भी बढ़े

    इससे पहले न्यू लेबर कोड (New Labour Code) के प्रभावी होने के बाद इंफोसिस ने भी अपनी कमाई में 1,289 करोड़ रुपये का असाधारण चार्ज दिखाया है। लेबर कोड्स में बदलावों की वजह से पिछली सर्विस कॉस्ट से होने वाली ग्रेच्युटी लायबिलिटी में बढ़ोतरी हुई है और लीव लायबिलिटी में भी बढ़ोतरी हुई है। वहीं, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने 12 जनवरी को नए लेबर कोड की वजह से 2,128 करोड़ रुपये और HCLTech ने 956 करोड़ रुपये का एक्सेप्शनल चार्ज बताया।