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    'सैलरी, सेविंग और..', Income Tax में होंगे बड़े बदलाव? बजट 2026 से पहले ICAI, फिक्की और एसोचैम ने क्या रखी मांगें?

    By Ankit Kumar KatiyarEdited By: Ankit Kumar Katiyar
    Updated: Fri, 16 Jan 2026 08:04 PM (IST)

    Budget 2026: बजट 2026 से पहले ICAI, एसोचैम और फिक्की ने आयकर संबंधी सुझाव दिए हैं। ICAI ने नई कर व्यवस्था में 80D छूट और सिस्टम सुधारों की मांग की है। ...और पढ़ें

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    'सैलरी, सेविंग और..', Income Tax में होंगे बड़े बदलाव? बजट 2026 से पहले ICAI, फिक्की और एसोचैम ने क्या रखी मांगें?

    Budget 2026 Income Tax Expectations: अगर आप भी हर साल बजट से इनकम टैक्स में राहत की उम्मीद लगाते हैं, तो बजट 2026 से पहले आई ये मांगें आपके लिए खास हैं। आम टैक्सपेयर्स से लेकर इंडस्ट्री तक, देश की बड़ी संस्थाओं ने सरकार के सामने ऐसे सुझाव रखे हैं, जिनका सीधा असर आपकी सैलरी, टैक्स बचत और टैक्स झंझट पर पड़ सकता है।

    केंद्रीय बजट 2026-27 से पहले इंस्टीट्यू ऑफ चार्टेड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (ICAI), एसोचैम (Assocham) और फिक्की (FICCI) ने सरकार को प्री-बजट सुझाव (Budget 2026 Tax Proposals ICAI FICCI Assocham) सौंपे हैं। इनका फोकस टैक्स सिस्टम को सरल बनाना, अनुपालन आसान करना और निवेश को बढ़ावा देना है।

    नई टैक्स व्यवस्था को ज्यादा प्रैक्टिकल बनाने की मांग

    ICAI ने खास तौर पर उन टैक्सपेयर्स के लिए राहत मांगी (Union Budget 2026 Tax Relief) है, जो नई टैक्स व्यवस्था चुन चुके हैं, जो अब डिफॉल्ट सिस्टम बन चुकी है। ICAI का सबसे अहम सुझाव है कि नई टैक्स व्यवस्था में भी हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम पर सेक्शन 80D की छूट (Section 80D Deduction New Regime) दी जाए। फिलहाल इस व्यवस्था में यह लाभ नहीं मिलता, जबकि मेडिकल इंश्योरेंस अब हर परिवार की बुनियादी जरूरत बन चुका है। इसके अलावा ICAI ने सरचार्ज की सीमा बढ़ाने और दिव्यांग आश्रित परिवारजनों की देखभाल पर टैक्स छूट देने की भी मांग की है।

    यह भी पढ़ें- Budget 2026 : शेयर बाजार को बजट में किस बड़ी घोषणा की फिक्र, ये स्टॉक्स करा सकते हैं कमाई!

    टैक्स सिस्टम में बड़े बदलावों का प्रस्ताव

    ICAI ने केवल व्यक्तिगत राहत ही नहीं, बल्कि सिस्टम लेवल पर भी कई सुधार सुझाए हैं। इनमें F&O और सट्टा कारोबार को प्रिज़म्पटिव टैक्स से बाहर रखना, शादीशुदा कपल्स के लिए वैकल्पिक जॉइंट टैक्सेशन, प्रॉफिट लिंक्ड डिडक्शन पर ऑडिट अनिवार्य करना और बड़ी कृषि भूमि के मालिकों के लिए ITR फाइलिंग जरूरी करना शामिल है। साथ ही, सालाना ई-लेजर और सरल पेनल्टी सिस्टम की भी सिफारिश की गई है।

    Assocham: निवेश बढ़े, टैक्स विवाद घटें

    Assocham ने सरकार से मैन्युफैक्चरिंग और निवेश को बढ़ावा देने के लिए टैक्स रेशनलाइजेशन की मांग की है। संगठन चाहता है कि नई मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों के लिए 15% टैक्स रेट फिर से लागू हो और IBC के तहत मिलने वाली लोन माफी को टैक्स के दायरे से बाहर रखा जाए। इसके अलावा कस्टम्स एमनेस्टी स्कीम और वॉलंटरी डिस्क्लोजर को तेज़ करने की बात कही गई है।

    FICCI की आपत्ति: बायबैक टैक्स और TDS रेट

    FICCI ने नए बायबैक टैक्स सिस्टम में विसंगतियों की ओर ध्यान दिलाया है, खासकर तब जब बायबैक शेयर प्रीमियम या नए शेयर जारी कर किया जाए। साथ ही, 37 से ज्यादा TDS रेट्स और लंबित इनकम टैक्स अपीलों को लेकर चिंता जताई गई है। 1 फरवरी 2026 को पेश होने वाले Union Budget 2026 से टैक्सपेयर्स को एक सरल, न्यायपूर्ण और राहत भरे टैक्स सिस्टम की उम्मीद है।