सर्च करे
Home

Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    Union Budget 2026: बजट में सुपर-रिच पर आयकर सरचार्ज बढ़ाने से बचे सरकार, विशेषज्ञ ने क्यों कही ये बात?

    By Agency CENTRALDESKEdited By: Ashish Kushwaha
    Updated: Sun, 11 Jan 2026 06:56 PM (IST)

    सरकार को आगामी बजट में सुपर-रिच पर आयकर सरचार्ज बढ़ाने और वेल्थ टैक्स फिर से लागू करने से बचना चाहिए। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे कदम से उच्च आय वाल ...और पढ़ें

    News Article Hero Image

    नई दिल्ली। सरकार को आगामी बजट में सुपर रिच लोगों पर आयकर सरचार्ज बढ़ाने और वेल्थ टैक्स को फिर से लागू करने से बचना चाहिए। कर विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से ज्यादा आय वाले लोग देश छोड़कर कम टैक्स वाले इलाकों में जा सकते हैं।

    अभी, 50 लाख रुपये से ज्यादा सालाना कमाई करने वाले लोगों को आयकर पर सरचार्ज देना पड़ता है। 50 लाख रुपये से 1 करोड़ रुपये के बीच की आय पर 10 परसेंट, 1-2 करोड़ रुपये पर 15 परसेंट और 2-5 करोड़ रुपये पर 25 परसेंट सरचार्ज लगता है। जो लोग पांच करोड़ रुपये से ज्यादा कमाते हैं और नए इनकम टैक्स सिस्टम में हैं, उन्हें 25 परसेंट सरचार्ज देना होगा, जबकि पुराने टैक्स सिस्टम में आने वालों को 37 परसेंट की दर से सरचार्ज देना होगा।

    अर्थशास्त्रियों के अनुमान के मुताबिक, जीएसटी दरों को कम करने और इनकम टैक्स में राहत देने से चालू वित्त वर्ष में सरकारी खजाने पर लगभग दो लाख करोड़ रुपये का भार पड़ने की संभावना है। आगामी बजट में कोई भी नया कर सरकार को रक्षा और दूसरे क्षेत्रों में अतिरिक्ति आवंटन में मदद कर सकता है। पीडब्ल्यूसी एंड कंपनी एलएलपी के पार्टनर अमित राणा ने कहा कि आयकर लगाने में जिस गणित का इस्तेमाल किया जाता है, उसके तहत जो जितना ज्यादा कमाता है, उसकी टैक्स देनदारी उतनी ही ज्यादा होती है।

    उन्होंने कहा, हमारे पास एक बहुत अच्छा स्लैब है, जिसमें सबसे ऊंचे लेवल पर आप 42 प्रतिशत का टैक्स देते हैं और सबसे निचले स्तर पर लगभग शून्य कर देते हैं। हालांकि, जब आप ज्यादा कमाने वालों पर बहुत ज्यादा कर लगाना शुरू कर देते हैं तो आपको इस तरह के लोगों के देश छोड़कर जाने का डर रहता है और आज की दुनिया में ऐसा करना बहुत आसान है।

    राणा ने कहा कि ज्यादा आय वाले लोगों के लिए कराधान संतुलित होना चाहिए, क्योंकि वे उद्योग बनाते हैं और नौकरियां पैदा करते हैं। ईवाई इंडिया की टैक्स पार्टनर सुरभि मारवाह ने कहा, टैक्स की अनिश्चितता और अत्यधिक दरें निवेश को मूल देश से निकालकर किसी और जगह ले जाने और स्वयं के किसी अन्य देश में बसने में भूमिका निभा सकता है। जब हमारा मकसद कैपिटल और टैलेंट को बनाए रखना हो तो कर प्रणाली में स्थिरता जरूरी हो जाती है।