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    आजाद भारत का पहला बजट था मात्र 197 करोड़ का, फिर भी हुआ था बड़ा काम; 3 बड़ी परियोजनाओं को मिली थी मंजूरी

    Updated: Tue, 13 Jan 2026 04:41 PM (IST)

    स्वतंत्र भारत का पहला बजट (first India union budget history) 26 नवंबर, 1947 को वित्त मंत्री आर.के. शनमुखम चेट्टी ने पेश किया था। मात्र ₹197.29 करोड़ क ...और पढ़ें

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    आजाद भारत का पहला बजट था मात्र 197 करोड़ का, फिर भी हुआ था बड़ा काम, 3 बड़ी परियोजनाओं को मिली थी मंजूरी

    नई दिल्ली। बजट की तैयारियां जोरों पर हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी 2026 को देश का आम बजट पेश करेंगी। हिंदुस्तान में बजट पेश करने का सिलसिला काफी पुराना है। अंग्रेजों ने 7 अप्रैल, 1860 को भारत में अपना पहला बजट पेश किया था। आजाद भारत का पहला बजट 26 नवंबर, 1947 को (first India budget 1947) पेश हुआ था।

    स्वतंत्र भारत के पहले बजट की चर्चा इसलिए भी करना जरूरी है क्योंकि यह बजट आज के हिसाब से बहुत छोटा था, लेकिन फिर भी इसमें कई बड़ी परियोजनाओं को मंजूरी दी गई थी। बजट के किस्सों में आज हम वही किस्सा आपको बताएंगे और जानेंगे कि आखिर पहला बजट कितने का था और कौन सी तीन बड़ी परियोजनाओं को मंजूरी मिली थी।

    आजाद भारत का पहला बजट वित्त मंत्री, सर आर.के. शनमुखम चेट्टी ने 26 नवंबर, 1947 को पेश किया था। इस बजट का खर्च ₹197.29 करोड़ रुपये था। इस बजट की राशि भले ही कम थी, लेकिन इसमें कई बड़े फैसले लिए गए थे।

    आजाद भारत के पहले बजट में 3 बड़ी परियोजना को मिली थी मंजूरी

    जागरण बिजनेस की टीम ने बजट  से जुड़े इंटरेस्टिंग फैक्ट्स को खोजना शुरू किया और हमारी खोज भारत सरकार के बजट पोर्टल https://www.indiabudget.gov.in/ पर जा रुकी। इस पोर्टल में हमे पुराने बजट की जानकारी मिली।

    हमनें थोड़ा और खोजा तो इसी वेबसाइट पर हमें 1947 से लेकर 1995 के बजट के डेटा मिले। हमनें इस पर क्लिक किया और हमारे सामने एक नया पेज ओपन हुआ। इस पेज पर 1947 से लेकर 1995 के बजट की डिटेल मिली।

    यहां हमें साल 1947 में पेश किए गए बजट का डॉक्यूमेंट मिला। इसमें सरकार के बजट की पूरी डिटेल थी, और इसी डॉक्यूमेंट में उन तीन बड़ी परियोजनाओं को मिली मंजूरी की जानकारी मिली।

    सरकार ने बजट में कहा था, "सेंट्रल फील्ड में डेवलपमेंट स्कीमों पर काम जारी है और हम सभी मंजूर स्कीमों पर आगे बढ़ रहे हैं, खासकर नदी डेवलपमेंट की उन स्कीमों पर जिनसे देश को लंबे समय तक फायदा होगा। इस संबंध में, सदन को यह जानकर खुशी होगी कि सेंट्रल गवर्नमेंट और संबंधित प्रांतीय सरकारों के बीच दामोदर वैली अथॉरिटी (Damodar Valley Authority approval) बनाने के बारे में एक समझौता हो गया है।"

    इस बजट में सरकार ने आगे कहा, एक और स्कीम जिसे बहुत जल्द शुरू किया जाएगा, वह है उड़ीसा में हीराकुंड बांध (Hirakud Bhakra dam) का निर्माण, जिसकी अनुमानित लागत 48 करोड़ रुपये है। इससे 10 लाख एकड़ से ज्यादा जमीन की सिंचाई होगी, 350,000 किलो-वॉट बिजली मिलेगी और उड़ीसा के तटीय जिलों को बाढ़ से काफी हद तक सुरक्षा मिलेगी।

    बजट डॉक्यूमेंट में सरकार ने कहा था कि उसे उम्मीद है कि जल्द ही इस प्रोजेक्ट पर उड़ीसा सरकार के साथ एक समझौता हो जाएगा, जिसके बाद 1948 की शुरुआत में निर्माण का असली काम शुरू हो जाएगा।

    1947 के बजट में तीसरी घोषणा पंजाब के भाखड़ा बांध को लेकर की गई थी। बजट डॉक्यूमेंट में लिखा है, "यह भी प्रस्ताव है कि पूर्वी पंजाब में भाखड़ा बांध के निर्माण पर ध्यान केंद्रित किया जाए।"

    यानी आजादी के बाद बने पहले बजट में भारत सरकार की दूरदर्शी सोच ने देश को 3 नई बड़ी परियोजनाएं दिन। अलग-अलग समय पर इनका काम पूरा हुआ और आज ये तीनों प्रोजेक्ट एक्टिव हैं। 

    आप 1947 का बजट डॉक्यूमेंट इस लिंक पर क्लिक करके पढ़ सकते हैं- https://dea.gov.in/files/budget_division_documents/BUDGET-1947-48.pdf