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    Term Insurance: रिटर्न-ऑफ-प्रीमियम वाला टर्म प्लान चुनना हो सकती है भूल, समझिए फायदे और नुकसान

    Term plan नॉर्मल और रिटर्न-ऑफ-प्रीमियम दोनों ही टर्म प्लान में मृत्यु के बाद समान रकम मिलती है। इसमें अंतर मैच्योरिटी के बाद वाले मिलने वाली रकम पर है। नॉर्मल टर्म प्लान में मैच्योरिटी जैसी कोई चीज नहीं होती। वहीं रिटर्न-ऑफ-प्रीमियम में आपको जमा किया सारा पैसा वापस मिल जाता है। आइए जानते हैं कि रिटर्न-ऑफ-प्रीमियम टर्म प्लान किस तरह से नॉर्मल टर्म प्लान से अलग होता है।

    By Suneel Kumar Edited By: Suneel Kumar Updated: Mon, 23 Dec 2024 08:00 AM (IST)
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    अब टर्म प्लान का भी चलन बढ़ रहा है।

    बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। अपने परिवार के वित्तीय भविष्य को सुरक्षित करने के लिए लाइफ इंश्योरेंस लेना आज के समय में बेहद जरूरी हो गया है। खासकर, अगर आप अपने परिवार के इकलौते कमाने वाले हैं, तो जीवन बीमा की अहमियत काफी बढ़ जाती है। हालांकि, जब इंश्योरेंस प्लान चुनने की बारी आती है, तो लोगों को काफी दुविधा होती है।

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    अभी अधिकतर लोग एंडोवमेंट पॉलिसी (Endowment Policy) लेते हैं। इसमें पॉलिसीधारक की असमय मृत्यु या एक निश्चित अवधि के बाद एकमुश्त रकम का भुगतान किया जाता है। यह समयावधि 10, 15 या फिर 20 साल भी हो सकती है। लेकिन, अब टर्म प्लान का भी चलन बढ़ रहा है। इसमें भी बीमा कंपनियां प्रीमियम वापसी का लालच देकर कंपनियां रिटर्न-ऑफ-प्रीमियम टर्म प्लान बेच रही हैं।

    आइए जानते हैं कि रिटर्न-ऑफ-प्रीमियम टर्म प्लान किस तरह से नॉर्मल टर्म प्लान से अलग होता है। साथ ही, किस टर्म प्लान को लेने पर अधिक फायदा है।

    नॉर्मल टर्म प्लान क्या होता है?

    नॉर्मल और रिटर्न-ऑफ-प्रीमियम, दोनों ही टर्म प्लान में मृत्यु के बाद समान रकम मिलती है। इसमें अंतर मैच्योरिटी के बाद वाले मिलने वाली रकम पर है। नॉर्मल टर्म प्लान में मैच्योरिटी जैसी कोई चीज नहीं होती। वहीं, रिटर्न-ऑफ-प्रीमियम में आपको जमा किया सारा पैसा वापस मिल जाता है।

    रिटर्न-ऑफ-प्रीमियम की दिक्कत

    मैच्योरिटी के बाद पूरा प्रीमियम वापस मिलने का ऑफर कभी लुभावना लग सकता है। लेकिन, असलयित में इसमें बड़ा झोल है। इसका प्रीमियम काफी अधिक होता है। अमूमन, नॉर्मल टर्म प्लान के प्रीमियम से करीब ढ़ाई से तीन गुना ज्यादा। जबकि आपको मैच्योरिटी में पर प्रीमियम वापस मिलने के अलावा कोई फायदा नहीं मिलता। पूरा हिसाब करने के बाद यह फायदा कम, नुकसान अधिक लगता है।

    रिटर्न-ऑफ-प्रीमियम के नुकसान

    फर्ज कीजिए कि आप 30 साल के हैं और आपने अगले 30 साल के लिए 1 करोड़ रुपये का टर्म कवर लिया है। ICICI प्रूडेंशियल के नॉर्मल टर्म प्लान का सालाना प्रीमियम 12,686 रुपये है। वहीं, रिटर्न-ऑफ-प्रीमियम के लिए आपको साल में 28,360 रुपये देने होंगे।

    दोनों ही परिस्थितियों में असमय मौत की स्थिति में आपको 1 करोड़ रुपये मिलेंगे। लेकिन, नॉर्मल प्लान के मुकाबले रिटर्न-ऑफ-प्रीमियम आपको करीब ढ़ाई गुना अधिक रकम चुकानी पड़ेगी। बस मैच्योरिटी के बाद आपका 8.54 लाख रुपये का प्रीमियम वापस मिल जाएगा।

    SIP करने में ज्यादा है फायदा

    ध्यान रखने वाली बात यह है कि रिटर्न-ऑफ-प्रीमियम इस रकम पर कोई ब्याज नहीं मिलेगा। इसका मतलब कि महंगाई को एडजस्ट करने पर 30 साल बाद आपके 8.54 लाख रुपये की वैल्यू आज के 50 हजार रुपये के आसपास आ जाएगी।

    वहीं, अगर आप रिटर्न-ऑफ-प्रीमियम के बजाय नॉर्मल टर्म प्लान चुनते हैं और बाकी बचने वाले 1,300 रुपये की मंथली SIP करते हैं, तो आप ज्यादा फायदे में रहेंगे। 30 साल बाद आपको 15 फीसदी रिटर्न के हिसाब से भी करीब 92 लाख रुपये मिलेंगे। आपका 7 से 10 फीसदी का सालाना रिटर्न भी आपको 30 साल में 25 लाख से 50 लाख रुपये दे सकता है।

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