EPFO को बढ़ानी होगी सैलरी लिमिट? सुप्रीम कोर्ट ने दिया ये निर्देश; अगर हुआ ऐसा तो बढ़ सकती है पेंशन
EPFO Pension News: सुप्रीम कोर्ट ने EPFO को ₹15,000 की मासिक वेतन सीमा की समीक्षा करने का निर्देश दिया है। यह सीमा 2014 से नहीं बदली है, जबकि वेतन में ...और पढ़ें
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EPFO को बढ़ानी होगी सैलरी लिमिट? सुप्रीम कोर्ट ने दिया ये निर्देश; अगर हुआ ऐसा तो बढ़ सकती है पेंशन
नई दिल्ली। EPFO Pension News: अगर आप प्राइवेट नौकरी कर रहे हैं और आपका पीएफ कटता है तो यह खबर आपके काम की हो सकती है। दरअसल, अभी जो पीएफ कटता है उसकी अपर सैलरी लिमिट 15000 रुपये है। वैसे पीएफ आपकी बेसिक सैलरी का 12% तक कटता है। लेकिन यह बेसिक सैलरी 15 हजार रुपये से अधिक नहीं हो सकती है। ऐसा ईपीएफओ का नियम है। भले ही आपकी बेसिक सैलरी 15 हजार से ज्यादा क्यों न हो लेकिन आपका पीएफ 15 रुपये की बेसिक सैलरी पर ही कटता है। इस लिमिट को बढ़ाने को लेकर बीते साल से चर्चा चल रही थी। इसी बीच सुप्रीम कोर्ट ने ईपीएफओ को बड़ा निर्देश दिया है।
एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और इम्प्लॉइज प्रोविडेंट फंड ऑर्गेनाइजेशन (EPFO) से इम्प्लॉइज प्रोविडेंट फंड (EPF) स्कीम में एनरोलमेंट के लिए ₹15,000 की मंथली सैलरी लिमिट को रिवाइज करने के लंबे समय से अटके मामले की जांच करने को कहा है। इस कदम का सैलरी पाने वाले कर्मचारियों की रिटायरमेंट सेविंग्स पर असर पड़ सकता है।
चार महीने के अंदर लेना होगा फैसला
प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया (PTI) की एक रिपोर्ट के अनुसार, जस्टिस जे के माहेश्वरी और ए एस चंदुरकर की बेंच ने केंद्र सरकार को चार महीने के अंदर वेतन सीमा बढ़ाने पर फैसला लेने का निर्देश दिया है।
कोर्ट एक याचिका पर सुनवाई कर रहा था जिसमें बताया गया था कि 2014 के बाद से मौजूदा सीमा को रिवाइज नहीं किया गया है, जबकि खासकर शहरी भारत में वेतन में काफी बढ़ोतरी हुई है।
अगर लिमिट में हुआ इजाफा तो बढ़ सकती है पेंशन?
अभी, कर्मचारी और कंपनी दोनों बेसिक सैलरी और महंगाई भत्ते का 12% योगदान करते हैं, जिसकी लिमिट ₹15,000 है, जब तक कि ज्यादा योगदान का ऑप्शन खुद से न चुना जाए।
कंपनी के योगदान में से 8.33% कर्मचारी पेंशन स्कीम (EPS) में जाता है, जबकि बाकी 3.67% EPF अकाउंट में जमा होता है। वेज सीलिंग में किसी भी बढ़ोतरी से एलिजिबल कर्मचारियों के लिए योगदान की रकम अपने आप बढ़ जाएगी, जिससे रिटायरमेंट की बचत और पेंशन के फायदे भी बढ़ सकते हैं।
जब 15 हजार की लिमिट बढ़ेगी तो इससे एम्पलॉयर का हिस्सा भी बढ़ेगा और इससे EPF में जो 3.67% की रकम जाती है उसमें भी इजाफा होगा और जब इसमें इजाफा होगा तो साफतौर इससे पेंशन (EPFO Pension) बढ़ेगी।
वेज लिमिट को आखिरी बार 2014 में ₹6,500 से बढ़ाकर ₹15,000 प्रति महीना किया गया था। तब से, सैलरी का लेवल काफी बढ़ गया है, लेकिन कई कर्मचारियों के लिए EPF का योगदान उसी लेवल पर सीमित रहा है।
याचिकाकर्ता ने क्या कहा?
याचिकर्ता ने अपने याचिका में कहा, "EPFO, जो कर्मचारियों के लिए सोशल सिक्योरिटी स्कीम चलाता है, अभी उन लोगों को कवरेज से बाहर रखता है जिनकी सैलरी 15000 रुपये प्रति माह से ज्यादा है। हालांकि, सैलरी की ऊपरी सीमा को ऐतिहासिक रूप से अनियमित तरीके से रिवाइज किया गया है, कभी-कभी 13-14 साल बाद, बिना किसी तय समय-सीमा या महंगाई, न्यूनतम मजदूरी, प्रति व्यक्ति आय या कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स जैसे संबंधित आर्थिक संकेतकों से कोई जुड़ाव रखे।"
सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
जस्टिस जे के माहेश्वरी और ए एस चंदुरकर की बेंच ने याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि हम पाते हैं कि इस याचिका में बताए गए आधारों में बताई गई शिकायत को दूर करने के लिए भारत सरकार द्वारा इस मुद्दे पर सक्रिय रूप से विचार करने की आवश्यकता है।
SC ने आगे कहा कि हालांकि, इस स्तर पर, हम याचिका पर विचार नहीं कर रहे हैं और याचिकाकर्ता को दो सप्ताह की अवधि के भीतर उचित प्राधिकारी के समक्ष एक प्रतिनिधित्व दायर करने और आज इस न्यायालय द्वारा पारित आदेश को उक्त प्राधिकारी के समक्ष रखने के लिए निर्देशित करते हैं। ऐसा प्रतिनिधित्व प्राप्त होने पर, प्राधिकारी मामले को उचित स्तर पर रखेगा और चार महीने की अवधि के भीतर कानून के अनुसार निर्णय लेगा।

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