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    रोहित शर्मा के लिए सिरदर्द था इस बल्लेबाज को आउट करना, लटक जाता था मुंह, मां भी पूछती थी सवाल

    भारतीय वनडे टीम के कप्तान रोहित शर्मा ने कहा है कि उनके लिए एक बल्लेबाज को आउट करना बेहद मुश्किल होता था और टीम मीटिंग जब होती थी तो बस इस बात पर चर्चा होती थी कि उस बल्लेबाज को आउट कैसे किया जाए। रोहित ने कहा कि ये बल्लेबाज तीन-चार दिन तक आउट नहीं होता था।

    By Digital Desk Edited By: Abhishek Upadhyay Updated: Fri, 06 Jun 2025 07:41 PM (IST)
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    रोहित शर्मा के लिए मुश्किल होता था इस बल्लेबाज को आउट करना

    मुंबई, पीटीआई: चेतेश्वर पुजारा को कैसे आउट किया जाए? यह एक ऐसा सवाल था जिस पर रोहित शर्मा और मुंबई के उनके साथी जूनियर क्रिकेट के दिनों में अक्सर चर्चा करते थे, क्योंकि उन्हें पता था कि सौराष्ट्र का यह बल्लेबाज लगातार दो या तीन दिन बल्लेबाजी करके उनकी उम्मीदों पर सकता है।

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    रोहित ने गुरुवार को चेतेश्वर की पत्नी पूजा की किताब 'द डायरी ऑफ ए क्रिकेटर्स वाइफ' के विमोचन के अवसर पर कहा, मुझे अब भी याद है कि टीम बैठकें सिर्फ इसी पर केंद्रित होती थीं कि उसे कैसे आउट किया जाए और अगर हम उसे आउट नहीं कर पाते हैं तो हम मैच हार सकते हैं।

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    बदल जाता था चेहरा

    पूर्व भारतीय कप्तान ने मजाक में कहा कि पुजारा के विरुद्ध खेलने से उनका चेहरा इतना बदल जाता था कि उनकी मां भी थोड़ी परेशान हो जाती थीं। उन्होंने कहा, मुझे बस इतना याद है कि जब मैं 14 साल का था और मैदान से शाम को जब वापस आता था, तो मेरे चेहरे का रंग बिल्कुल बदल जाता था। मेरी मां ने मुझसे कई बार पूछा था कि जब तुम घर से खेलने जाते हो, तो तुम अलग दिखते हो और जब तुम एक हफ्ते या 10 दिन बाद घर आते हो, तो तुम अलग दिखते हो। मैं कहता था, मां मैं क्या करूं। चेतेश्वर पुजारा नाम का एक बल्लेबाज है। वह तीन दिनों से बल्लेबाजी कर रहा है।

    चोट के बाद खेले 100 टेस्ट

    रोहित ने कहा कि करियर की शुरुआत में दोनों घुटनों में एसीएल (एंटीरियर क्रूसिएट लिगामेंट) की चोट के बावजूद 100 से अधिक टेस्ट खेलने का श्रेय पुजारा को दिया। उन्होंने कहा कि यह बहुत बड़ी और बहुत बुरी चोट थी। उसकी दोनों एसीएल चली गई थीं। किसी भी क्रिकेटर, एक खिलाड़ी के लिए यह बहुत मुश्किल होता है जब वह अपनी दोनों एसीएल गंवा देता है। इसके बावजूद वह भारत की तरफ से 100 से अधिक टेस्ट मैच खेलने में सफल रहा।

    इस अवसर पर पुजारा ने 2016-17 में ऑस्ट्रेलिया के विरुद्ध घरेलू मैदान पर बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी को अपने करियर की सबसे मुश्किल सीरीज बताया। पुजारा ने कहा, भारतीय टीम जब 2017 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 200 रन के आसपास आउट हो रही थी तो वह मेरे करियर का सबसे मुश्किल दौर था।

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