'बॉर्डर पर जवान को कभी शिकायत करते देखा…', Sunil Gavaskar ने कोच गंभीर को लगाई जोरदार फटकार
भारतीय टीम के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने मोहम्मद सिराज की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने दिखाया कि जज्बा हो तो लगातार टेस्ट मैच खेले जा सकते हैं वर्कलोड सिर्फ एक बहाना है। उन्होंने सिराज के प्रदर्शन को देश के प्रति समर्पण बताया जिसने इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज में 23 विकेट लिए। वहीं गावस्कर ने इस दौरान कोच गौतम गंभीर को लताड़ लगाई।

स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। पूर्व भारतीय कप्तान सुनील गावस्कर ने तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि सिराज ने टेस्ट क्रिकेट में 'वर्कलोड' जैसे बहाने को झूठा साबित कर दिया है।
सिराज ने ये दिखा दिया कि असली मेहनत और जज़्बा हो, तो खिलाड़ी लगातार पांच टेस्ट मैच खेल सकता है और टीम को जीत दिला सकता है। इस तरह गावस्कर ने कोच गौतम गंभीर पर निशाना साधा।
Mohammed Siraj की तारीफ करते हुए गंभीर पर साधा निशान
दरअसल, टीम इंडिया (Team India) के तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज (Mohammed Siraj) ने इंग्लैंड के खिलाफ 5 टेस्ट मैचों की सीरीज में हर एक मैच खेला और कुल 23 विकेट लिए, जो इस सीरीज में किसी भी गेंदबाज द्वारा सबसे ज्यादा थे। उन्होंने 185.3 ओवर गेंदबाजी की, जो भारत और इंग्लैंड, दोनों टीमों में सबसे ज्यादा रहा।
ओवल टेस्ट (The Oval Test) की दूसरी पारी में सिराज ने 5 विकेट लिए और कुल 9 विकेट लेकर भारत को 6 रन से जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई। उनके इस प्रदर्शन ने सुनील गावस्कर (Sunil Gavaskar) को भी इंप्रेस किया। गावस्कर ने इंडियाटुडे से बातचीत में कहा,
"सिराज ने दिखा दिया कि वर्कलोड जैसी बातें सिर्फ मानसिक स्तर की होती हैं। असल में अगर आप देश के लिए खेल रहे हैं, तो दर्द या थकान जैसी चीजें मायने नहीं रखतीं। वो लगातार 5 टेस्ट खेले, 6-7 ओवर के स्पेल फेंके, क्योंकि कप्तान को जरूरत थी और देश को उनसे उम्मीद थी। ये है असली समर्पण।”
गावस्कर ने इशारों-इशारों में कोच गौतम गंभीर (India's Coach Gautam Gambhir) को याद दिलाया कि भारतीय सैनिक भी सरहद पर बिना शिकायत के खड़े रहते हैं।
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उन्होंने कहा,
"क्या आपने कभी बॉर्डर पर जवान को ठंड या दर्द की शिकायत करते सुना है? वो अपनी जान देने के लिए खड़े रहते हैं। वैसे ही जब आप भारत के लिए खेल रहे हैं, तो चोटें और थकावट छोटी बात है। ये गर्व की बात है कि आप 140 करोड़ लोगों में से देश का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।"
उनके मुताबिक एक शब्द (वर्कलोड) को भारतीय क्रिकेट की डिक्शनरी से पूरी तरह से निकाल फेंकना चाहिए।
बुमराह को लेकर दी सफाई
सुनील गावस्कर (Sunil Gavaskar) ने साफ किया कि उनका यह बयान जसप्रीत बुमराह के लिए नहीं था। बुमराह को इंग्लैंड दौरे पर दो मैचों से आराम दिया गया था, लेकिन वह किसी ‘वर्कलोड रोटेशन’ के कारण नहीं, बल्कि पुरानी चोट से उबरने की वजह से था।
गावस्कर ने कहा,
"बुमराह का मामला अलग है, उन्होंने ऑस्ट्रेलिया दौरे पर गंभीर चोट झेली थी, और इसलिए मेडिकल टीम की सलाह पर उन्हें सीमित मैचों में खिलाया गया। लेकिन जब भी खेले, उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया और दो बार 5 विकेट झटके।"
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