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    Exclusive: 10 का नोट और 7 साल की कड़ी मेहनत; 'जबरा फैन' ने अपने अनोखे कारनामे के दम पर 'क्रिकेट के भगवान' को बनाया दीवाना

    महान क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर अपना 52वां जन्‍मदिन मना रहे हैं। 24 साल के अंतरराष्‍ट्रीय करियर में सचिन तेंदुलकर ने रिकॉर्ड्स की झड़ी लगाई। हाल ये है कि 51 की उम्र में भी तेंदुलकर को खेलते देखने के लिए स्‍टेडियम दर्शकों से खचाखच भरा दिखा। मास्‍टर ब्‍लास्‍टर की तो दुनिया दीवानी है। मगर तेंदुलकर का दिल भिलाई के एक जबरा फैन ने जीता। जानें अनोखी कहानी।

    By Abhishek Nigam Edited By: Abhishek Nigam Updated: Thu, 24 Apr 2025 08:00 AM (IST)
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    सचिन तेंदुलकर अपने फैन अभिषेक अग्रवाल को ऑटोग्राफ देते हुए

    अभिषेक निगम, नई दिल्‍ली। सचिन तेंदुलकर अपना 52वां जन्‍मदिन सेलिब्रेट कर रहे हैं। 'क्रिकेट के भगवान' माने जाने वाले सचिन तेंदुलकर को संन्‍यास लिए हुए 12 साल हो चुके हैं, लेकिन उनकी फैन फॉलोइंग में कोई कमी नहीं आई।

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    सचिन की दीवानगी का आलम यह है कि 51 साल की उम्र में जब वो एक टी20 लीग का फाइनल खेल रहे थे, तो उन्‍हें देखने के लिए पूरा स्‍टेडियम दर्शकों से खचाखच भरा था।

    मास्‍टर ब्‍लास्‍टर की शख्सियत और बल्‍लेबाजी की पूरी दुनिया कायल है। चुनिंदा ही लोग हैं, जो सचिन को अपनी ओर आकर्षित करने में कामयाब हुए। आज ऐसे ही शख्‍स की कहानी से रूबरू करा रहे हैं।

    सचिन की दीवानगी

    अभिषेक अग्रवाल भिलाई के रहने वाले हैं। 16 जुलाई 1991 को जन्‍में अभिषेक एक लेखक हैं, जिनकी कई नोवेल प्रकाशित हो चुकी हैं। 2010 से लेखक का तमगा हासिल करने वाले अभिषेक कहते हैं कि अपने जुनून के कारण तेंदुलकर के लिए सात साल कड़ी मेहनत करके कॉफी टेबल बुक तैयार की।

    अभिषेक अग्रवाल ने जागरण न्‍यू मीडिया के खेल पत्रकार अभिषेक निगम से बातचीत में बताया कि उनके सिर सचिन तेंदुलकर की दीवानगी कैसे चढ़ी और इसके चलते वो क्‍या खास कर गए।

    अभिषेक कहते हैं, 'मैंने सचिन तेंदुलकर के कारण ही क्रिकेट देखना शुरू किया। मेरा मानना रहा कि सचिन तेंदुलकर हैं तो भारतीय क्रिकेट है। टीवी पर हमेशा देखा कि स्‍टेडियम में सचिन...सचिन नाम की गूंज सुनाई दे रही है। तब से जानना चाहा कि छोटे कद के इस शख्‍स को लोग इतना सम्‍मान क्‍यों देते हैं?'

    उन्‍होंने आगे कहा, '2003 विश्‍व कप फाइनल के बाद पुख्‍ता हो गया कि मैं सचिन फैन हूं। वो इसलिए क्‍योंकि ऑस्‍ट्रेलिया के खिलाफ फाइनल में जब लिटिल मास्‍टर 4 रन बनाकर आउट हुए, तो घर में टीवी बंद कर दी गई। सब समझ गए थे कि ट्रॉफी हाथ से गई। तभी से मन में आ गया था कि महान क्रिकेटर के लिए कुछ विशेष करना है। फिर 2017 के बाद से इस पर गंभीर होकर काम शुरू कर दिया।'

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    10 रुपये के नोट पर सचिन की जिंदगी

    अभिषेक अग्रवाल ने सचिन तेंदुलकर से जुड़ी विशेष तारीखों का एक स्‍पेशल कलेक्‍शन तैयार किया है। अभिषेक ने 10 रुपये के नोट पर सचिन तेंदुलकर की जिंदगी की अहम तारीखों के नंबर्स का संग्रह बनाया है। उदाहरण के तौर पर कि सचिन तेंदुलकर का जन्‍म 24 अप्रैल 1973 को है, तो 10 रुपये के नोट पर नंबर्स इकट्ठा किए गए 24 04 73।

    इस प्रकार 34 साल के अभिषेक ने तेंदुलकर के 100 शतकों की तारीख, पत्‍नी अंजलि, बेटी सारा और बेटे अर्जुन के जन्‍मदिन की तारीखों का संग्रह भी बनाया है। अभिषेक ने बताया कि 10 रुपये के नोट पर सारे नंबर्स इकट्ठे करने का एकमात्र कारण हैं सचिन तेंदुलकर का लकी नंबर। सचिन तेंदुलकर का जर्सी नंबर 10 रहा।

    100 शतकों को बनाया खास

    अभिषेक ने पूर्व भारतीय कप्‍तान सचिन तेंदुलकर के 100 अंतरराष्‍ट्रीय शतकों पर जो कॉफी टेबल बुक बनाई, उसमें भी एक मजेदार चीज जोड़ी है। इस कॉफी टेबल बुक में सचिन तेंदुलकर से जुड़े 100 फैक्‍ट्स बताए गए हैं, जिसके बारे में कम ही लोगों को जानकारी है।

    ब्रीफकेस खुला तो सचिन से हुई मुलाकात

    अभिषेक अग्रवाल ने बताया कि उन्‍होंने सचिन तेंदुलकर के लिए जो कॉफी टेबल बुक बनाई है, उसे एक छोटे ब्रीफकेस के अंदर रखा। इस ब्रीफकेस की खासियत अभिषेक ने पहली बार जागरण न्‍यू मीडिया से ही साझा की। उन्‍होंने कहा कि ब्रीफकेस में एक सेंसर लगा हुआ है। जब भी यह खुलता है तो साउंड बजता है- सचिन...सचिन।

    अभिषेक ने बताया कि सचिन...सचिन के साउंड के कारण ही पहली बार 'क्रिकेट के भगवान' से मुलाकात हो पाई। उन्‍होंने कहा, 'सचिन तेंदुलकर 10 मार्च 2025 को रायपुर में होटल से बाहर जा रहे थे। तब वो लोगों से घिरे हुए थे। मेरी पत्‍नी ऋचा अग्रवाल ने ब्रीफकेस खोल दिया, जिससे साउंड बजने लगा। तभी तेंदुलकर के साथ चल रहे शख्‍स ने कहा कि ये आपके लिए कुछ विशेष लाएं हैं। देख लीजिए।'

    उन्‍होंने आगे कहा, 'मेरी बहन रिषिका भी जोर से चिल्‍लाई- सर, प्‍लीज एक बार देख लीजिए। बहुत मेहनत से मेरे भाई ने ये बनाई है। तब तेंदुलकर ने कहा कि हां इसे देखता हूं। तेंदुलकर ने अभिषेक की कॉफी टेबल बुक देखी और खुशी-खुशी ब्रीफकेस अपने साथ ले गए। इस तरह अभिषेक की अपने आइडल सचिन तेंदुलकर से पहली मुलाकात हुई।'

    तेंदुलकर ने लिखा विशेष नोट

    15 मार्च 2025 को सचिन तेंदुलकर एक टी20 लीग के फाइनल से पहले प्रैक्टिस सेशन में हिस्‍सा ले रहे थे। अभ्‍यास पूरा करने के बाद पूर्व भारतीय क्रिकेटर ने अभिषेक अग्रवाल से मुलाकात की और उनकी कॉफी टेबल बुक पर बधाई संदेश भी लिखा।

    (फोटो क्रेडिट - चांदनी स्‍टूडियो)

    तेंदुलकर ने अपना ऑटोग्राफ देते हुए लिखा, 'अभिषेक, सालों से इतनी शुभकामनाएं देने के लिए धन्‍यवाद। मैं वास्तव में इस एल्बम को एकसाथ लाने और सभी विशेष यादों को वापस लाने में आपके द्वारा किए गए इतने प्रयास की सराहना करता हूं।'

    सचिन ने फिर अभिषेक से ऐसा कुछ कहा, जो ये शख्‍स कभी नहीं भूलेगा। अभिषेक ने बताया कि सचिन सर ने दो लाइन मुझसे कही, जिसे मैं कभी भूल नहीं पाऊंगा। उन्‍होंने कहा कि 'थैंक्‍यू, आपने मेरे लिए इतनी मेहनत की और इतने साल अपने लगाए। आप जैसे फैंस हैं तो हम यहां पर हैं।'

    याद रखें बस बहुत हैं...

    अभिषेक अग्रवाल ने कहा, 'मेरी तमन्‍ना थी कि जब सचिन तेंदुलकर सर से मिलूं तो बस एक फैन बनकर नहीं बल्कि ऐसे मिलूं कि वो भी याद करें कि अनोखी मुलाकात हुई। मैं जब घर लौटूं तो यादगार लम्‍हा रहे कि सचिन सर मुझे किसी भी तरह जानते हैं। मुझे खबर मिली कि 10 मार्च को जब सचिन सर बुक लेकर गए तो अगले दिन तक वो उनकी पत्‍नी अंजलि मैम के पास पहुंची, जो इसे देखकर काफी खुश हुईं।'

    अभिषेक ने साथ ही कहा, 'यह सब मैंने अपने शौक और जुनून में किया, लेकिन एक चाहत ये भी है कि अगर आगे कभी सचिन सर से मुलाकात हो तो वो मुझे बताएं कि बुक देखकर क्‍या महसूस किया। उनका फीडबैक मेरे लिए बहुत मायने रखेगा।'

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    उन्‍होंने कहा, 'मैं सचिन सर का फैन इसलिए भी हूं क्‍योंकि मैदान के अंदर और बाहर दोनों जगह उनकी सादगी देखते बनती है। वो मैदान के अंदर अपनी बल्‍लेबाजी से गेंदबाजों के होश उड़ाते हैं तो मैदान के बाहर अपनी सादगी से लोगों को दीवाना बना लेते हैं। मैंने उनसे बहुत कुछ सीखा है।'

    सचिन इनके भी हुए कद्रदान

    सचिन तेंदुलकर की जिंदगी में पहले भी चुनिंदा ऐसे शख्‍स रहे, जिन्‍हें वो हमेशा याद करते हैं और कई मौकों पर उनका जिक्र कर चुके हैं। तेंदुलकर के सबसे बड़े भक्‍त हैं सुधीर गौतम, जिन्‍हें मास्‍टर ब्‍लास्‍टर काफी सम्‍मान के साथ रखते हैं। तेंदुलकर के हर मैच में सुधीर शरीर पर भारत के तिरंगे का पेंट किए नजर आते हैं। वो शंख बजाते हैं और भारत का झंडा पूरे मैच के दौरान फहराते हैं।

    2011 वर्ल्‍ड कप जीतने के बाद सचिन ने सुधीर को ड्रेसिंग रूम में बुलाकर ट्रॉफी उनके हाथ में थमाई और साथ में फोटो खिंचवाई। यह सुधीर के जीवन का सबसे खास पल बना। सचिन के संन्‍यास लेने के बाद सुधीर भारतीय टीम के मैचों में जरूर नजर आते हैं, लेकिन उनकी पीठ और छाती पर 'मिस यू तेंदुलकर' लिखा होता है।

    उस एक सलाह से मिली मदद

    सचिन तेंदुलकर अपने उस फैन को भी नहीं भूले, जो होटल में काम करता था। तेंदुलकर बता चुके हैं कि रूम सर्विस देने आए शख्‍स ने उन्‍हें उनकी तकनीक की कमी बताई, जिसे आजमाने पर उनकी बल्‍लेबाजी में सुधार आया था। वहीं, सचिन को एक और शख्‍स ने प्रभावित किया, जिन्‍हें मुंह जुबानी महान क्रिकेटर के सभी शतकों की तारीखें और रिकॉर्ड्स याद हैं।

    सचिन तेंदुलकर का अंतरराष्‍ट्रीय करियर

    यह लोगों का प्‍यार ही है, जिसने तेंडल्‍या को महान सचिन तेंदुलकर और 'क्रिकेट का भगवान' बनाया। क्रिकेट में उनके आंकड़े इसकी बानगी देते हैं। सचिन तेंदुलकर ने 200 टेस्‍ट खेले, जिसमें 51 शतक और 68 अर्धशतकों की मदद से 15,921 रन बनाए। उन्‍होंने क्रिकेट के सबसे प्रारूप में 46 विकेट भी चटकाए।

    वहीं, लिटिल मास्‍टर ने 463 वनडे में 49 शतक और 96 अर्धशतकों की मदद से 18,426 रन बनाए। 50 ओवर प्रारूप में तेंदुलकर के खाते में 154 विकेट भी हैं। सचिन तेंदुलकर ने केवल 1 टी20 इंटरनेशनल मैच खेला, जिसमें 10 रन बनाए और एक विकेट झटका।

    सचिन तेंदुलकर को पूरी दुनिया जन्‍मदिन की शुभकामनाएं दे रही है। इस विशेष कहानी के साथ हम भी 'क्रिकेट के भगवान' को बर्थ-डे विश करते हैं। हैप्‍पी बर्थ-डे भारत रत्‍न सचिन तेंदुलकर। आप जिए हजारों साल, ये है क्रिकेट फैंस की आरजू।

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