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    दिल्ली दंगों में आगजनी के मामले में पांच आरोपी बरी, कोर्ट ने जांच में कमियों पर अधिकारी को ठहराया जिम्मेदार

    Updated: Sun, 30 Nov 2025 11:28 PM (IST)

    दिल्ली दंगों में आगजनी के एक मामले में अदालत ने पांच आरोपियों को रिहा कर दिया। अदालत ने पुलिस जांच में कमियों के लिए जांच अधिकारी को दोषी ठहराया। कोर्ट ने कहा कि जांच में कई खामियां थीं, जिसके कारण आरोपियों को संदेह का लाभ मिला। इस फैसले से दंगों के पीड़ितों को निराशा हुई है, क्योंकि उन्हें न्याय नहीं मिला।

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    दिल्ली स्थित कड़कड़डूमा कोर्ट। जागरण आर्काइव

    जागरण संवाददाता, पूर्वी दिल्ली। उत्तर पूर्वी दिल्ली दंगे के दौरान आगजनी के मामले में कड़कड़डूमा स्थित कोर्ट ने पांच आरोपितों को बरी कर दिया। कोर्ट ने पाया कि अभियोजन पक्ष आरोप साबित नहीं कर पाया है। कोर्ट ने यह भी पाया कि केस की जांच में कई कमियां रही हैं, जिसके लिए उन्होंने जांच अधिकारी को जिम्मेदार माना है। साथ ही आदेश की प्रति अवलोकन व उपयुक्त कार्रवाई के लिए दिल्ली पुलिस आयुक्त को भेजी है।

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    25 फरवरी 2020 को हुई थी आगजनी

    खजूरी खास थाना क्षेत्र में 25 फरवरी 2020 को लगभग आठ बजे वेस्ट करावल नगर ए-ब्लाक गली नंबर में अतीकुल रहमान की फैक्ट्री में आग लगा दी गई थी। पीड़ित ने शिकायत में बताया था कि घटना रात करीब आठ बजे हुई थी।

    इस पर दर्ज प्राथमिकी में बाद में याकूब नामक व्यक्ति की शिकायत भी जोड़ी गई थी, जिसमें पीड़ित ने आरोप लगाया था कि दंगाइयों ने उनकी टायर की दुकान में तोड़फोड़, लूट और आगजनी है। याकूब ने अपनी शिकायत में स्पष्ट रूप से घटना में दुकान के मालिक उदय सिंह और उसके दो बेटों के शामिल होने का आरोप लगाया था।

    इस मामले में पुलिस ने उदय सिंह, उसके बेटे दर्शन व सुमित, विनोद कुमार और उसके भाई देवराज के साथ नरेश को आरोपित बनाया था। इस मामले में अप्रैल 2022 में आरोप तय हुए थे। ट्रायल के दौरान आरोपित दर्शन की मौत हो गई थी, बाकी पांच आरोपितों के खिलाफ सुनवाई जारी रही। शनिवार को इस केस में कोर्ट ने उदय सिंह, सुमित, विनोद कुमार, देवराज और नरेश को बरी करते हुए कहा कि जांच में कई कमियां थीं।