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    दिल्ली सरकार के मंत्री कपिल मिश्रा के आरोपपत्र पर हाई कोर्ट का अहम फैसला, ट्रायल कोर्ट को सुनवाई टालने का आदेश

    Updated: Fri, 29 Aug 2025 04:39 PM (IST)

    दिल्ली हाई कोर्ट ने कपिल मिश्रा की याचिका पर ट्रायल कोर्ट को 13 अक्टूबर तक सुनवाई स्थगित करने का निर्देश दिया है। मिश्रा पर 2020 में इंटरनेट मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट करने का आरोप है जिसमें उन्होंने शाहीन बाग को मिनी पाकिस्तान बताया था। कोर्ट ने यह आदेश मिश्रा द्वारा मजिस्ट्रेट के समन आदेश को चुनौती देने पर दिया।

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    कपिल मिश्रा से जुड़े आरोपपत्र पर सुनवाई स्थगित करे ट्रायल कोर्ट : हाई कोर्ट।

    जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। 2020 में इंटरनेट मीडिया पर किए गए आपत्तिजनक पोस्ट पर की गई प्राथमिकी पर दायर आरोपपत्र पर दिल्ली हाई कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट को 13 अक्टूबर तक सुनवाई स्थगित करने को कहा है।

    न्यायमूर्ति रविंदर डुडेजा की पीठ ने ट्रायल कोर्ट से मामले की सुनवाई 13 अक्टूबर के बाद किसी भी तारीख पर तय करने को कहा। अदालत ने उक्त आदेश कपिल मिश्रा की याचिका पर दिया।

    आरोप है कि मिश्रा ने पोस्ट में कहा था कि आप और कांग्रेस पार्टियों ने शाहीन बाग में एक मिनी पाकिस्तान बना दिया है और तत्कालीन विधानसभा चुनाव भारत और पाकिस्तान के बीच मुकाबला होगा। 

    इसमें कपिल मिश्रा ने समन जारी करने के मजिस्ट्रेट आदेश के खिलाफ पुनरीक्षण याचिका खारिज करने के विशेष न्यायाधीश के आदेश को चुनौती दी है। हालांकि, अदालत ने पहले कपिल मिश्रा के खिलाफ ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही पर रोक लगाने से इन्कार कर दिया था।

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    बृहस्पतिवार को कपिल मिश्रा ने दिल्ली पुलिस द्वारा दायर पूरक आरोपपत्रों को रिकार्ड में लेने के लिए एक आवेदन दायर किया। इसमें कहा गया कि एक्स द्वारा दाखिल किए गए जवाब के संबंध में सभी पहलुओं की जांच पूरी हो चुकी है।

    कपिल मिश्रा ने अनुरोध किया कि आरोप पर बहस के लिए को बृहस्पतिवार को ट्रायल कोर्ट के समक्ष सूचीबद्ध मामले पर रोक लगाई जाए क्योंकि यदि ट्रायल कोर्ट बहस सुनती है तो इस आवेदन का कोई औचित्य नहीं रहेगा।

    उक्त तथ्यों को देखते हुए अदालत ने ट्रायल कोर्ट से कहा कि वह मामले को 13 अक्टूबर के बाद के लिए तय करे। विशेष अदालत ने कपित मिश्रा की पुनरीक्षण याचिका खारिज करते हुए कहा था कि बयानों में ''पाकिस्तान'' शब्द का इस्तेमाल कपिल मिश्रा ने बड़ी ही कुशलता से नफरत फैलाने और केवल वोट बटोरने के लिए के लिए किया था।

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