Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    दिल्ली की ईवी नीति-2 का मसौदा तैयार करने के लिए 10 सदस्य समिति का गठन, अगस्त 2023 में खत्म हाे चुकी है पहली ईवी नीति

    Updated: Sat, 17 May 2025 09:31 PM (IST)

    दिल्ली सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) नीति-2 का मसौदा तैयार करने को 10 सदस्यीय समिति का गठन किया है। यह समिति सीएनजी वाहनों को इलेक्ट्रिक में बदलने चार्जिंग सुविधाओं बैटरी कचरे के प्रबंधन सब्सिडी वितरण जैसे मुद्दों पर ध्यान देगी। इसका उद्देश्य 2024 तक इलेक्ट्रिक वाहनों को 25% बढ़ाना है।

    Hero Image
    ईवी नीति-2 का मसौदा तैयार करने के लिए 10 सदस्यीय समिति

    राज्य ब्यूरो, जागरण.नई दिल्ली: दिल्ली सरकार ने संशोधित इलेक्ट्रिक वाहन (EV) नीति-2 का मसौदा तैयार करने के लिए अधिकारियों और विशेषज्ञों की 10 सदस्यीय समिति बनाई है।

    समिति के लिए 12 सूत्रीय एजेंडा तय किया गया है, जिसमें सभी सीएनजी वाहनों को इलेक्ट्रिक में बदलना हैं। इसके साथ ही फ्लाईओवर के नीचे चार्जिंग सुविधाएं, बैटरी कचरे का प्रबंधन, लास्ट माइल कनेक्टिविटी, सब्सिडी वितरण और संशोधित नीति के अन्य पहलू शामिल हैं।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    एक अप्रैल 2026 से पहले व्यावहारिक योजना की जाएगी तैयार

    एक सरकारी दस्तावेज में कहा गया है कि सीएनजी से ईवी में उचित बदलाव समिति सुनिश्चित करेगी। इसके लिए सीएनजी कारों की संख्या का आकलन करने के लिए एक वैज्ञानिक अध्ययन किया जाएगा। एक अप्रैल 2026 से पहले ईवी से बदलने के लिए एक व्यावहारिक योजना की रूपरेखा तैयार की जाए।

    ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने को लक्ष्य व उपाय सुझाएगी समिति

    दस्तावेज के अनुसार विशेषज्ञ समिति विस्तृत जांच के बाद फ्लाईओवर के नीचे ईवी चार्जिंग स्टेशन कैसे स्थापित किए जाएं और निजी और अर्ध-सार्वजनिक ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के लिए वर्षवार लक्ष्य और उपाय सुझाएगी।

    समिति मौजूदा नीति में सब्सिडी वितरण में हुई देरी की विस्तार से जांच करेगी और यह महिला लाभार्थियों की संख्या और उन्हें दी जाने वाली सब्सिडी की मात्रा का भी निष्पक्ष रूप से निर्धारण करेगी।

    अगस्त 2023 में समाप्त हो गई थी ईवी नीति-1, जिसे बढ़ाया गया

    पिछली आप सरकार की प्रमुख पहलों में से एक के रूप में अगस्त 2020 में शुरू की गई इस नीति का उद्देश्य वाहनों से होने वाले प्रदूषण से निपटना और 2024 तक इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने को 25 प्रतिशत तक बढ़ाना है।

    हालांकि इसका प्रारंभिक तीन साल का कार्यकाल अगस्त 2023 में समाप्त हो गया था, लेकिन सरकार ने इसे नई नीति बनने तक बढ़ाने का फैसला लिया है।

    यह भी पढ़ें: दिल्ली सरकार ने शुरू किया मानसून से पहले नालों की सफाई का अभियान, 31 मई तक का रखा है लक्ष्य