छात्रसंघ चुनाव 2025: DU में डिफेसमेंट पर सख्ती, अब काॅलेज स्तर पर बनेगी विशेष समिति
दिल्ली विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रसंघ चुनाव 2025-26 को स्वच्छ बनाने के लिए कॉलेजों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। प्रिंटेड पोस्टर बैनर और वाल पेंटिंग पर रोक लगाई गई है। काॅलेजों को एंटी-डिफेसमेंट कमेटियां बनाने और उल्लंघन की घटनाओं को रिकार्ड करने के लिए कहा गया है। उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी जिसमें चुनाव से अयोग्यता भी शामिल है।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रसंघ चुनाव 2025-26 को स्वच्छ और अनुशासित बनाने के लिए सभी काॅलेजों के प्राचार्यों को सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
प्रशासन ने स्पष्ट कहा है कि चुनाव प्रचार के दौरान किसी भी प्रकार का प्रिंटेड पोस्टर, बैनर, वाल पेंटिंग, या होर्डिंग्स लगाना अब पूरी तरह प्रतिबंधित है।
यह कदम दिल्ली हाई कोर्ट के आदेशों के पालन में उठाए गए हैं। इसी क्रम में विश्वविद्यालय ने हाल ही में यूनिवर्सिटी कमेटी फाॅर प्रिवेंशन ऑफ डिफेसमेंट ऑफ प्रॉपर्टी (यूसीपीडीपी) का गठन किया है।
इस समिति में विश्वविद्यालय के संपदा अधिकारी प्रो. बिपिन कुमार तिवारी, संकाय प्रतिनिधि, दिल्ली पुलिस, डीएमआरसी और नगर निगम शामिल हैं। जारी अधिसूचना के अनुसार, हर काॅलेज के प्राचार्य को अपने-अपने परिसर और आसपास के क्षेत्रों में एंटी-डिफेसमेंट हेड नियुक्त किया गया है।
अब उनकी जिम्मेदारी होगी कि काॅलेज के शिक्षक और गैर-शिक्षक मिलकर यह सुनिश्चित करें कि कोई भी पोस्टर या दीवार लिखाई न हो।
काॅलेज स्तर पर बनेगी विशेष समिति
प्रत्येक काॅलेज को तुरंत काॅलेज कमेटी फाॅर प्रिवेंशन ऑफ डिफेसमेंट ऑफ प्राॅपर्टी गठित करनी होगी। इसमें एक वरिष्ठ शिक्षक (प्राचार्य द्वारा नामित) और स्थानीय थाने के एसएचओ का प्रतिनिधि होगा।
इस समिति के नाम और संपर्क विवरण काॅलेज की वेबसाइट और नोटिस बोर्ड पर सार्वजनिक करना अनिवार्य होगा। छात्रों और प्रत्याशियों को दिल्ली प्रिवेंशन ऑफ डिफेसमेंट ऑफ प्रापर्टी एक्ट, 2007 एवं दिल्ली मेट्रो रेलवे (ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस) एक्ट, 2002 के बारे में जागरूक करना।
प्रत्याशियों को ई-कैंपेनिंग (ईमेल, मैसेजिंग ऐप, इंटरनेट मीडिया) के लिए प्रेरित करना। पुलिस और नगर निगम के साथ नियमित समन्वय बैठकें कराना।
उल्लंघन की घटनाओं को रिकॉर्ड किया जाएगा
समितियां चुनाव के दौरान और बाद में निगरानी रखकर उल्लंघन की घटनाओं को रिकार्ड करेंगी और संबंधित अधिकारियों को सूचित करेंगी। नामांकन फार्म में लिखित शपथपत्र शामिल करना कि प्रत्याशी और समर्थक डिफेसमेंट नहीं करेंगे, उल्लंघन पर अयोग्यता तय होगी।
काॅलेजों को एक काॅलेज व एक डूसू पदाधिकारियों के लिए वाल आफ डेमोक्रेसी तैयार करने को कहा गया है। यहां हस्तनिर्मित पोस्टर और नारे प्रदर्शित किए जा सकें।
उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई
अधिसूचना में कहा गया है कि किसी भी उल्लंघन की स्थिति में संबंधित काॅलेज को तुरंत रिपोर्ट करनी होगी और दोषियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करनी होगी।
इसमें चुनाव से अयोग्यता या अन्य दंड शामिल होंगे। संपदा अधिकारी प्रो. बिपिन कुमार तिवारी ने कहा कि ये उपाय सिर्फ कानून पालन के लिए नहीं बल्कि विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गरिमा बनाए रखने के लिए भी आवश्यक हैं।
यह भी पढ़ें- भारत हिंदू राष्ट्र ही है, घोषित करने की आवश्यकता नहीं... RSS के सरसंघचालक मोहन भागवत का बड़ा बयान
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।