Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    दिल्ली HC ने दी BFI को 21 अगस्त को चुनाव की अनुमति, कहा- खेल अब राजनीति बन गया

    Updated: Tue, 19 Aug 2025 09:44 AM (IST)

    दिल्ली उच्च न्यायालय ने भारतीय मुक्केबाजी महासंघ को चुनाव कराने की अनुमति दी लेकिन परिणाम याचिका पर निर्भर रहेंगे। अदालत ने खेल संहिता के उल्लंघन पर चेतावनी दी और नए संविधान को स्वीकृति नहीं दी। विभिन्न संघों ने चुनाव कराने के फैसले और नए संविधान की वैधता को चुनौती दी है। याचिकाकर्ताओं ने अवैध घोषणा और एकतरफा नियुक्ति का आरोप लगाया। कानूनी विवादों के कारण चुनाव में देरी हुई थी।

    Hero Image
    खेल अब खेल न नहीं रहा, बल्कि राजनीति है: हाई कोर्ट

    जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। दिल्ली हाई कोर्ट ने सोमवार को भारतीय मुक्केबाजी महासंघ (बीएफआइ) को 21 अगस्त को अपने चुनाव कराने की अनुमति देते हुए टिप्पणी की कि खेल अब खेल नहीं रहा, बल्कि राजनीति है। हालांकि, न्यायमूर्ति मिनी पुष्करणा की पीठ ने कहा कि चुनाव के परिणाम याचिका के निर्णय पर निर्भर करेगा। साथ ही पीठ ने यह भी कहा कि मामले की सुनवाई किश्तों के बजाय अदालत मामले की अंतिम सुनवाई करेगी।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    अदालत ने खेल संहिता के किसी भी उल्लंघन पर हस्तक्षेप करने की चेतावनी देते हुए कहा कि संविधान खेल संहिता और नियमों के विरुद्ध नहीं हो सकता। पीठ ने यह भी कहा कि अदालत नए संविधान को कोई स्वीकृति नहीं दे रही है। मामले में आगे की सुनवाई 23 सितंबर को होगी।

    नए संविधान की वैधता को चुनौती दी

    अदालत ने उक्त टिप्पणी व आदेश हिमाचल प्रदेश मुक्केबाजी संघ, मध्य प्रदेश एमेच्योर मुक्केबाजी संघ और गुजरात मुक्केबाजी संघ की याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए की।

    विभिन्न संघों ने बीएफआई की अंतरिम समिति द्वारा चुनाव कराने के फैसले और नए संविधान की वैधता को चुनौती दी है।

    चार राज्य संघों ने बीएफआइ के चुनावों के संचालन के संबंध में अधिकारियों की कार्रवाई को रद करने के लिए अदालत के हस्तक्षेप की मांग की है।

    एकतरफा नियुक्ति का आरोप 

    याचिकाकर्ताओं ने 18 मई को एक नए संविधान की अवैध घोषणा, 31 जुलाई को अधिकार क्षेत्र से बाहर चुनाव नोटिस जारी करने और रिटर्निंग ऑफिसर की एकतरफा नियुक्ति का आरोप लगाया।

    बीएफआई के पिछले पदाधिकारियों का कार्यकाल दो फरवरी को समाप्त हो गया था और चुनाव शुरू में 28 मार्च के लिए निर्धारित थे, लेकिन कई अपीलों और प्रति-अपीलों सहित कानूनी विवादों के कारण प्रक्रिया स्थगित कर दी गई थी।

    चुनाव के लिए रिटर्निंग आफिसर बनाए गए दिल्ली हाई कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश आरके गौबा ने भी अपने खिलाफ बदनाम करने के अभियान का आरोप लगाते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।

    यह भी पढ़ें- SC: पत्नी को 1.25 करोड़ रुपये गुजारा भत्ता देने का सुप्रीम कोर्ट का आदेश, एक साल में देनी होगी रकम