दिल्ली में मौजूदा EV पॉलिसी रहेगी बरकरार? इलेक्ट्रिक वाहन मालिकों को मिलेगा बड़ा फायदा
दिल्ली सरकार अपनी मौजूदा ईवी नीति को आगे बढ़ाने पर विचार कर रही है जो 15 जुलाई को खत्म हो रही है। नई ईवी नीति 2.0 पर काम चल रहा है जिसे अंतिम रूप देने से पहले सरकार कई विकल्पों पर विचार कर रही है। इस नीति का उद्देश्य प्रदूषण कम करना और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देना है।

राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। दिल्ली सरकार मौजूदा ईवी नीति, जो 15 जुलाई को समाप्त हो रही है, को आगे बढ़ाने पर विचार कर रही है। पिछली आप सरकार और वर्तमान भाजपा सरकार के कार्यकाल में मौजूदा ईवी नीति को कई बार बढ़ाया जा चुका है।
सूत्रों ने बताया कि नई ईवी नीति 2.0 पर अभी काम चल रहा है। ऐसे में सरकार मौजूदा नीति को तीन महीने के लिए और बढ़ा सकती है। ईवी नीति 2.0 को अंतिम रूप देने से पहले सरकार कई विकल्पों पर विचार कर रही है।
नई नीति पर प्रतिक्रिया प्राप्त करने के लिए हितधारकों के साथ परामर्श भी किया जा सकता है। यह भी संभावना है कि सरकार ईवी नीति 2.0 का मसौदा सार्वजनिक कर सकती है और जनता की प्रतिक्रिया ले सकती है।
पिछली आप सरकार की प्रमुख पहलों में से एक के रूप में अगस्त 2020 में शुरू की गई इस नीति का उद्देश्य वाहनों से होने वाले प्रदूषण से निपटना और 2024 तक इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने की दर को 25 प्रतिशत तक बढ़ाना है।
ईवी नीति 2.0 का मुख्य उद्देश्य प्रदूषण कम करने के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने को प्रोत्साहित करना है। इसमें दोपहिया, बस, तिपहिया और मालवाहक वाहन जैसी श्रेणियाँ शामिल हो सकती हैं, जिन्हें इलेक्ट्रिक वाहनों में बदलने का लक्ष्य रखा जा सकता है।
मसौदा नीति में इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने को बढ़ावा देने के लिए कई प्रोत्साहनों की रूपरेखा भी दी जाएगी। महिला चालकों को इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन की खरीद पर 36,000 रुपये तक की सब्सिडी दी जा सकती है।
इसी प्रकार, इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों के उपयोग को प्रोत्साहित करने के लिए, सरकार प्रति किलोवाट-घंटे 10,000 रुपये की खरीद प्रोत्साहन राशि दे सकती है, जिसकी अधिकतम सीमा प्रति वाहन 30,000 रुपये होगी।
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