शहजाद भट्टी गैंग के तीन आतंकी गिरफ्तार, गुरदासपुर ग्रेनेड हमले में थे वांछित; UP, MP और पंजाब से दबोचा
पंजाब पुलिस ने शहजाद भट्टी गैंग के तीन आतंकियों को गिरफ्तार किया है। ये आतंकी गुरदासपुर में हुए ग्रेनेड हमले में वांछित थे। पुलिस ने उन्हें उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और पंजाब से गिरफ्तार किया है। पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है और आगे की कार्रवाई कर रही है।

पाकिस्तान समर्थित अंतरराष्ट्रीय और अंतरराज्यीय आतंकी माॅड्यूल के तीन आतंकी को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने गिरफ्तार किया। वीडियो ग्रैब
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। गैंग्स्टर से आतंकवादी बने शहजाद भट्टी के पाकिस्तान समर्थित अंतरराष्ट्रीय और अंतरराज्यीय आतंकी माॅड्यूल के तीन आतंकी को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने गिरफ्तार किया है। तीनों गत 25 नवंबर को गुरदासपुर के सिटी पुलिस थाने के बाहर हुए ग्रेनेड हमले के मामले में ये वांछित थे।
थाने पर ग्रेनेड से हमले में थे वांछित
पुलिस के अनुसार, इन तीनों ने अमृतसर के टाउन हाॅल और वहां स्थित थाने पर भी ग्रेनेड से हमला करने के लिए रेकी की थी। इनकी साजिश उन दोनों जगहों पर ग्रेनेड फेंकने की थी। पाकिस्तान हैंडलर्स से निर्देश मिलने के बाद ये उन जगहों पर वारदात को अंजाम देते, लेकिन इससे पहले स्पेशल सेल के आतंक निरोधक प्रकोष्ठ ने तीनों को गिरफ्तार कर इनकी योजना पर पानी फेर दिया।
पाकिस्तान का बड़ा गैंग्स्टर था शहजाद
इन्हें पंजाब, मध्य प्रदेश और यूपी से गिरफ्तार किया गया है। शहजाद पहले पाकिस्तान का बड़ा गैंग्स्टर था, कुछ साल पहले पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआईएस से जुड़ने के बाद वह भारत में आतंकी गतिविधि को अंजाम देने लगा। यह माॅड्यूल पंजाब व उसके आस-पास के इलाके में सक्रिय है और पंजाब में कई आतंकी वारदात को अंजाम दे चुका है।
कहीं छुपकर बैठा है शहजाद
भारत विरोधी गतिविधियों में लिप्त होने के कारण शहजाद भट्टी को भारतीय सुरक्षा एजेंसियां आतंकी-गैंग्स्टर गठजोड़ मान रही है। शहजाद, पाकिस्तान में रहकर भारत विरोधी गतिविधि में लिप्त है या किसी अन्य देश में रह रहा है सुरक्षा एजेंसियों को इसकी जानकारी नहीं है।
एक सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल, 10 कारतूस बरामद
स्पेशल सेल के एडिशनल पुलिस कमिश्नर प्रमोद कुशवाहा के मुताबिक, गिरफ्तार आतंकियों के नाम विकास प्रजापति उर्फ बेटू (19 वर्ष, दतिया, मध्य प्रदेश), हरगुनप्रीत सिंह उर्फ गुरकरणप्रीत (19 वर्ष, फिरोजपुर, पंजाब) व आसिफ उर्फ आरिश (22 वर्ष, गांव मच्छमार, बिजनौर) है। इनके कब्जे से एक सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल, 10 कारतूस बरामद किए गए हैं।
मोबाइल ने उजागर किए कनेक्शन
पुलिस के अनुसार, इन तीनों के मोबाइल फोन में शहजाद भट्टी और उसके विदेश में बैठे माॅड्यूल के साथ इंटरनेट मीडिया पर हुई आपत्तिजनक चैट भी मिली हैं और अगले टारगेट की रेकी करने से संबंधित वीडियो मिले हैं। सेल की टीम भारत में आतंकी गतिविधियों की प्लानिंग में शामिल पाकिस्तानी हैंडलर शहजाद भट्टी पर लगातार नजर रख रही थी।
इंटरनेट के जरिए शहजाद से करते थे संपर्क
अधिकारी ने बताया कि माॅनिटरिंग के दौरान टीम को पता चला कि हथियारों की तस्करी के मामले में वांछित विकास प्रजापति अलग-अलग इंटरनेट मीडिया प्लेटफाॅर्म के जरिये भट्टी के लगातार संपर्क में है। उसकी लोकेशन पंजाब के गुरदासपुर और फिर दिल्ली की ओर लौटने के रास्ते पर मिली। भट्टी उसे नियमित तौर पर सुरक्षा के लिए अपना फोन बंद करने की सलाह देता था।
पूछताछ के बाद चला पता
48 घंटे की लगातार सर्च के बाद डीसीपी अमित कौशिक व एसीपी कैलाश बिष्ट के नेतृत्व में इंस्पेक्टर राहुल कुमार और विनीत कुमार तेवतिया की टीम ने भट्टी और उसके साथियों द्वारा चलाए जा रहे आतंकी माॅड्यूल के सदस्य विकास प्रजापति को पहले इंदरगढ़, दतिया (मध्य प्रदेश) से गिरफ्तार कर लिया। उससे पूछताछ के बाद दो अन्य को पंजाब व यूपी से गिरफ्तार कर लिया गया।
विकास प्रजापति : अनाज मंडी में करता था काम
विकास प्रजापति पहले इंदरगढ़ की अनाज मंडी में मजदूरी करता था। शहजाद की इंटरनेट मीडिया पेज से प्रभावित होकर उसले इंस्टाग्राम के जरिये भट्टी से संपर्क किया और जल्द पैसा कमाने के लिए माड्यूल को हथियार आपूर्ति करना शुरू कर दिया।
भट्टी ने उसे एक पार्सल लेने के लिए गुरदासपुर भेजा था। वीडियो काॅल के जरिये उसने विकास को पार्सल खोलने के लिए गाइड किया, जिसमें ग्रेनेड था। भट्टी ने उसे ग्रेनेड को फेंकने का तरीका समझाया। उसने गुरदासपुर सिटी पुलिस थाने और टाउन हाल पुलिस थाना अमृतसर की रेकी की और भट्टी को वीडियो भेजे।
फिर भट्टी ने हरगुनप्रीत सिंह और उसके साथी को ग्रेनेड लेने का काम सौंपा था। इसके बाद विकास ने ग्रेनेड उन दोनों को दे दिया और आपरेशन के लिए एक बाइक का इंतजाम करने में मदद की।
हरगुनप्रीत सिंह : 12वीं तक की है पढ़ाई
हरगुनप्रीत सिंह, कोहाला, फिरोजपुर (पंजाब) का रहने वाला है और 12वीं तक पढ़ा है। वह एक दोस्त के जरिये भट्टी के संपर्क में आया और गुरदासपुर पुलिस थाने पर हमला करने के लिए तैयार हो गया। योजना के अनुसार वह और उसके साथी गुरदासपुर गए, विकास से हथियार और ग्रेनेड लेकर भट्टी के निर्देश पर वहां चले गए। बाद में 25 नवंबर को उसने सिटी पुलिस थाना गुरदासपुर के बाहर ग्रेनेड फेंका। उस दौरान मोहन बाइक चला रहा था।
आसिफ : इंस्टाग्राम से जुड़ा गैंग से
आसिफ, मच्छमार, बिजनौर का रहने वाला है। वह ढाई माह पहले इंस्टाग्राम के जरिये भट्टी के संपर्क में आया था। भट्टी ने उसे पंजाब में ग्रेनेड फेंकने का आदेश दिया और उसे फोटो और लोकेशन मैप भेजा। भट्टी के जरिये वह विकास से भी जुड़ गया। भट्टी ने उसे अगले आदेश का इंतजार करने को कहा था।

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