कभी चेन स्मोकर थे 'टीवी के राम', फैन की डांट से छोड़ी बुरी लत, पढ़िए अरुण गोविल की कहानी
टीवी के राम अरुण गोविल उन चंद कलाकारों में से एक हैं जिनके एक किरदार ने उन्हें घर-घर में पहचान दिलाई। आज अरुण गोविल (Arun Govil) अपना जन्मदिन मना रहे ...और पढ़ें

जब सिगरेट पीते पकड़े गए टीवी के 'राम'!
एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। आपने कभी सुना है कि कुछ किरदार लोगों के दिलों में ऐसे घर कर जाते हैं कि इनकी छवि को हटा पाना बेहद नामुमकिन है। इन किरदारों की पहचान लोगों के जेहन में बस जाती है और रामायण में आए हर किरदार ने तो 90 के दशक में वो जादू किया था जिसकी छवि अमिट है।
इन किरदारों का जादू ऐसा हुआ कि लोग टीवी के इन कलाकारों को सच में भगवान के रूप में पूजने तक लग गए थे। टीवी के राम अरुण गोविल भी उन्हीं चंद कलाकारों में से एक हैं जिनके एक किरदार ने उन्हें घर-घर में पहचान दिलाई।
उत्तर प्रदेश में जन्में अरुण गोविल
आज अरुण गोविल (Arun Govil) अपना जन्मदिन मना रहे हैं। अरुण गोविल का जन्म जन्म 12 जनवरी 1958 को उत्तरप्रदेश के मेरठ में हुआ था। पढ़ाई के दौरान शुरूआती दिनों में वो नाटकों में हिस्सा लेते थे, हालांकि उनके पिता चाहते थे कि बेटा सिर्फ पढ़ाई करे और सरकारी नौकरी करे।
इसके बाद अरुण गोविल ने अपने सपनों को पंख देने की ठानी और सीधे मुंबई चले आए। इसके बाद उन्होंने यहीं से अपने सपनों को उड़ान दी।
कई फिल्मों में किया अरुण गोविल ने काम
भले ही 1988 में आए धारावाहिक रामायण (Ramayana) में भगवान श्री राम (Shri Ram) का किरदार उन्हें पहचान दिलाकर गया हो लेकिन उन्होंने अपने करियर की शुरूआत साल 1977 में की थी। 1977 में ताराचंद बडजात्या की फिल्म 'पहेली' से वो सिनेमा में आए। इसके बाद वो कई फिल्मों में दिखे। हिम्मतवाला, दिलवाला, सावन को आने दो और लवकुश समेत कई फिल्मों में वो नजर आए। यहां तक कि उन्होंने श्रीदेवी के साथ भी पर्दे पर काम किया।
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ऐसे मिला श्रीराम का किरदार
रामानंद सागर उस दौरान रामायण की तैयारी कर रहे थे। इसी बीच उनकी नजर कई लोगों पर गई और उन्हीं में से एक थे अरुण गोविल। हालांकि अरुण गोविल ने इस धारावाहिक से पहले सीरियल 'विक्रम और बेताल' में राजा विक्रमादित्य का किरदार निभाया था। यह शो भी रामानंद सागर का ही था, तो ऐसे में उन्हें पता था कि राम के किरदार के लिए अरुण गोविल से बेहतर कोई नहीं हो सकता।
आखिरकार रामानंद सागर के रामायण में अरुण गोविल श्रीराम बनकर पर्दे पर आ गए। इस किरदार ने उन्हें रातोंरात स्टार बना दिया। रामायण में उन्होंने दीपिका चिखलिया और सुनील लहिरी के साथ स्क्रीन शेयर किया, जिन्होंने माता सीता और लक्ष्मण का किरदार निभाया।
फैन की डांट के बाद छोड़ी थी सिगरेट
दरअसल पर्दे पर जब अरुण गोविल राम बनकर आए तो लोगों ने उन्हें सच में राम समझ लिया। जहां वो शूटिंग करते थे और लोगों से मिलते थे लोग उन्हें सच में राम कहकर ही संबोधित किया करते थे और कई लोग तो उन्हें सच में भगवान राम ही समझते थे। खुद उन्होंने इसका जिक्र एक इंटरव्यू में किया था।
इसके अलावा उन्होंने यह भी बताया था कि कैसे एक बार एक फैन की फटकार के बाद उन्होंने सिगरेट पीना छोड़ दिया था। साल 2020 में जब अरुण गोविल कपिल शर्मा के शो में आए तो यहां उन्होंने बताया कि जब वो एक तमिल फिल्म की शूटिंग कर रहे थे तो उन्हें उसी वक्त सिगरेट पीने की तलब लगी।
इसके बाद वो एक कौने में जाकर सिगरेट पीने लगे, तभी वहां एक शख्स आया और उन्हें घूरने लगा और उन्हें भला बुरा कहने लगा। अरुण गोविल को तमिल भाषा आती नहीं थी, बाद में जब उन्होंने किसी और से इसका मतलब पूछा तो उन्हें पता चला कि वो शख्स उन पर गुस्सा कर रहा था और कह रहा था कि वो तो उन्हें भगवान मानते हैं और आप सिगरेट पी रहे हैं। इस घटना के बाद अरुण गोविल ने कभी सिगरेट नहीं पी।

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